नल-जल योजना से खेतों की सिंचाई, हाजीपुर में सरकारी योजना के दुरुपयोग का आरोप

Author Gopal kumar roy|Edited by Vivek Singh
Updated:
विज्ञापन
फोटो -51- समर्सिबल से पाइप के जरिए सिंचाई के लिए जाता पानी  | Prabhat Khabar Network

फोटो -51- समर्सिबल से पाइप के जरिए सिंचाई के लिए जाता पानी | Prabhat Khabar Network

वैशाली जिले के पातेपुर प्रखंड में मुख्यमंत्री नल-जल योजना का गंभीर दुरुपयोग सामने आया है. स्थानीय जमीन मालिक विभागीय जेई की मिलीभगत से समर्सिबल का उपयोग खेतों की सिंचाई के लिए कर रहे हैं, जिससे ग्रामीणों को पीने के पानी की किल्लत झेलनी पड़ रही है.

विज्ञापन

Hajipur News : वैशाली जिले के पातेपुर प्रखंड की मालपुर पंचायत में मुख्यमंत्री नल-जल योजना के दुरुपयोग का मामला सामने आया है. आरोप है कि वार्ड संख्या छह में स्थानीय जमीन मालिक विभागीय जेई से कथित मिलीभगत कर नल-जल योजना के समर्सिबल से खेतों की सिंचाई कर रहे हैं. इससे एक ओर वार्ड के लोगों को नियमित पेयजल नहीं मिल पा रहा है, वहीं दूसरी ओर समर्सिबल के संचालन का बिजली बिल पीएचईडी विभाग को उठाना पड़ रहा है.

पेयजल योजना का हो रहा दुरुपयोग

ग्रामीणों का आरोप है कि सरकार द्वारा करोड़ों रुपये खर्च कर लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए लगाई गई नल-जल योजना का उपयोग खेती की सिंचाई में किया जा रहा है. समर्सिबल से पाइप जोड़कर दिनभर खेतों में पानी छोड़ा जाता है, जिससे जलापूर्ति बाधित रहती है और वार्ड के लोगों को समय पर पानी नहीं मिल पाता.

ग्रामीणों ने लगाया मिलीभगत का आरोप

स्थानीय लोगों का कहना है कि काफी समय बाद पीएचईडी विभाग ने वार्ड में नल-जल योजना के तहत समर्सिबल और जलापूर्ति व्यवस्था स्थापित की थी. इससे लोगों को नियमित पेयजल मिलने की उम्मीद थी, लेकिन अब कथित तौर पर विभागीय जेई की मिलीभगत से जमीन मालिक इसका निजी उपयोग कर रहे हैं. ग्रामीणों ने बताया कि इस संबंध में संबंधित कर्मियों को फोन पर शिकायत भी की गई, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई.

विभाग को हो रहा आर्थिक नुकसान

ग्रामीणों का कहना है कि नल-जल योजना का संचालन, मरम्मत और बिजली बिल का भुगतान अब पीएचईडी विभाग करता है. ऐसे में यदि समर्सिबल का उपयोग खेतों की सिंचाई के लिए किया जा रहा है तो बिजली की अतिरिक्त खपत का बोझ भी सरकारी खजाने पर पड़ रहा है, जिससे विभाग को आर्थिक नुकसान हो रहा है.

जांच का दिया आश्वासन

इस संबंध में पीएचईडी विभाग के कार्यपालक अभियंता ने कहा कि उन्हें अब तक इस मामले में कोई लिखित शिकायत प्राप्त नहीं हुई है. हालांकि, जानकारी मिलने के बाद उन्होंने संबंधित जूनियर इंजीनियर (जेई) को मौके पर भेजकर मामले की जांच कराने और आवश्यक कार्रवाई करने की बात कही है.


विज्ञापन
Gopal Kumar Roy

लेखक के बारे में

By Gopal Kumar Roy

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन