हाजीपुर: गरीबनाथ धाम के लिए निकले डाक कांवरिये, पहलेजा घाट पर 50 हजार से अधिक भक्तों ने की जलभरी

फोटो -2- झूमते हुए डाकबम जाते कावरिया | Prabhat Khabar Network
सावन की पहली सोमवारी के अवसर पर हाजीपुर से डाक कांवरिये बाबा गरीबनाथ धाम के लिए रवाना हो गए हैं. पहलेजा घाट पर 50,000 से अधिक भक्तों ने गंगाजल भरकर यात्रा शुरू की. श्रद्धालुओं की सेवा के लिए जगह-जगह शिविर लगाए गए.
Hajipur News: हाजीपुर में सावन की पहली सोमवारी को जलाभिषेक के लिए रविवार को डाक कांवरिये रवाना हुए. बाबा भोलेनाथ के जयकारे और बोल बम के नारे लगाते हुए डाक कांवरियों के कई जत्थे विभिन्न मार्गों से गुजरे. जिले के प्रसिद्ध शिवालयों के साथ मुजफ्फरपुर स्थित बाबा गरीबनाथ धाम के लिए रवाना हुए डाक कांवरिये बिना रुके लगातार चलते हुए अपने गंतव्य तक पहुंचेंगे और भगवान शिव को जल अर्पित करेंगे. रविवार की दोपहर बाद जब डाक कांवरियों के जत्थे विभिन्न मार्गों से गुजरने लगे तो हर-हर महादेव के जयघोष से हरिहर क्षेत्र गूंज उठा. डाक कांवरियों की सेवा के लिए जगह-जगह स्वयंसेवी भी जुटे रहे.
पहलेजा घाट पर उमड़ी डाक बम भक्तों की भीड़
सारण के पहलेजा घाट धाम पर जलभरी के लिए डाक बम भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी. रविवार को सुबह 11 बजे से कांवरियों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया. करीब तीन बजे पहला जत्था गंगाजल लेकर बाबा गरीबनाथ धाम, मुजफ्फरपुर के लिए रवाना हुआ. इसके बाद शाम तक डाक बम कांवरियों के जाने का सिलसिला जारी रहा.
डाक बम श्रद्धालुओं ने स्नान-ध्यान के बाद जलपात्र में गंगाजल भरा और वहां मौजूद पुरोहित या पंडित से संकल्प पूजन कराया. इसके बाद बाबा का जयघोष करते हुए अपने गंतव्य की ओर रवाना हो गये. एक अनुमान के मुताबिक, 50 हजार से अधिक भक्तों ने डाक बम यात्रा के लिए जलभरी की.
70 किलोमीटर पैदल चलकर गरीबनाथ धाम पहुंचेंगे डाक बम
पहलेजा घाट धाम से जल भरकर डाक बम कांवरिये मुख्य रूप से बाबा गरीबनाथ धाम, मुजफ्फरपुर के लिए रवाना होते हैं. ये कांवरिये रास्ते में कहीं पड़ाव डाले बिना लगातार चलते हुए करीब 70 किलोमीटर की पैदल यात्रा पूरी कर भगवान शिव का जलाभिषेक करते हैं.
इसके अलावा वैशाली स्थित चतुर्भुज महादेव, जंदाहा प्रखंड के बटेश्वर नाथ, पातेपुर प्रखंड के बाबा द्रव्येश्वर नाथ, बिदुपुर के चेचर स्थित महादेव मंदिर, हाजीपुर के बाबा पातालेश्वर नाथ मंदिर और सोनपुर के बाबा हरिहरनाथ मंदिर समेत अन्य शिवालयों के लिए भी भक्त कांवर उठाते हैं. अलग-अलग स्थानों के लिए श्रद्धालु अपनी सुविधा के अनुसार जलभरी के समय का निर्धारण करते हैं, ताकि सोमवार की अहले सुबह जलाभिषेक किया जा सके.
शिव भक्तों की सेवा में जगह-जगह लगे शिविर
डाक कांवरियों की सेवा के लिए विभिन्न संगठनों, स्वयंसेवी संस्थाओं, समाजसेवियों और स्थानीय लोगों की ओर से जगह-जगह शिविर लगाये गये. इन शिविरों में डाक बम कांवरियों को गरम पानी, पेयजल, शरबत, बिस्कुट और दवाएं उपलब्ध करायी गयीं. शिविरों में श्रद्धालुओं की सेवा के लिए स्वयंसेवी जुटे रहे.
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस-प्रशासन रहा चौकस
जिला प्रशासन की ओर से डाक कांवरियों की सुरक्षा को लेकर आवश्यक इंतजाम किये गये. शहर के गंडक पुल से अंजानपीर चौक, दिग्घी पुलिस लाइन और आगे एनएच-22 में वैशाली जिले की सीमा तक प्रमुख स्थानों पर पुलिस बल और सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गयी थी.
एनएच पर भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक लगायी गयी. किसी भी दुर्घटना या आपात स्थिति से निपटने के लिए पुलिस-प्रशासन चौकस रहा. स्वास्थ्य विभाग समेत अन्य संबंधित विभागों को भी आवश्यक तैयारियां करने के लिए विशेष निर्देश दिये गये थे.
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