hajipur news. बाढ़ के जमे पानी से निकल रही दुर्गंध, लोगों को सताने लगी बीमारी की चिंता
Updated at : 11 Aug 2025 11:01 PM (IST)
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गंगा और गंडक नदी के जलस्तर में कमी से बाढ़ प्रभावित इलाकों में पानी कम हो रहा है, लेकिन लोगों की मुश्किलें कम नहीं हो रही हैं
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हाजीपुर. गंगा और गंडक नदी के जलस्तर में कमी से बाढ़ प्रभावित इलाकों में पानी कम हो रहा है, लेकिन लोगों की मुश्किलें कम नहीं हो रही हैं. कई इलाकों में बाढ़ का पानी गड्ढों में जमा होने के कारण मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है. जिससे लोगों को बीमारियों का डर सताने लगा है. वहीं पानी से निकल रही दुर्गंध से जीना दुश्वार होने लगा है. लोगों से क्षेत्र में ब्लीचिंग पाउडर और मच्छरों के प्रकोप से बचाव के लिए दवा छिड़काव कराने की मांग प्रशासन से की है.
मालूम हो कि बाढ़ का पानी निकलने के बाद गंदगी और कचरा के आस-पास के गड्ढों में पानी जमा रह जाता है, जिससे दुर्गंध आने लगती है. इसके अलावा जमा हुआ पानी मच्छरों के लिए प्रजनन स्थल बन जाता है, जिससे मच्छरों की संख्या में वृद्धि होती है. मच्छरों के बढ़ने से मलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया जैसी बीमारियां फैलने का खतरा बढ़ जाता है. इसके अलावा, दूषित पानी के संपर्क में आने से दस्त, हैजा, टाइफाइड, चर्म रोग जैसी बीमारियां भी हो सकती हैं. बाढ़ प्रभावित गांव में बाढ़ का पानी जैसे जैसे कम हो रहा है. पीड़ित लोगों में अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है. पानी घटने के साथ ही उस जगह पर बदबू होने से गांव में मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है. जिससे लोगों को स्वास्थ्य संबंधित चिंताएं सताने लगी है. ग्रामीणों ने ब्लीचिंग पाउडर और दवा का छिड़काव कराने की मांग प्रशासन से की है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
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