हाजीपुर: स्थानांतरण के छह माह बाद भी पुराने स्कूल में ही दर्ज हो रही उपस्थिति, वेतन का भुगतान भी वहीं से
स्तांनातरण का पत्र | Prabhat Khabar Network
वैशाली के शिक्षा विभाग में बड़ा फर्जीवाड़ा, ट्रांसफर के छह माह बाद भी शिक्षिका का पुराने स्कूल से वेतन और उपस्थिति दर्ज, विभाग की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल।
Error in Teacher transfer: वैशाली जिले के टेढ़ी बेलसर में शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़ा करने वाला मामला वैशाली जिले के पटेढ़ी बेलसर प्रखंड के उत्क्रमित मध्य विद्यालय, बेदौलिया से सामने आया है. यहां से करीब छह माह पहले स्थानांतरित की गयी एक शिक्षिका का अब तक पुराने विद्यालय से वेतन भुगतान किया जा रहा है. इतना ही नहीं, ई-शिक्षा कोष ऐप पर भी उनकी उपस्थिति पुराने विद्यालय के यू-डायस कोड से दर्ज होने की बात सामने आयी है. जबकि संबंधित शिक्षिका वर्तमान में हाजीपुर स्थित विद्यालय में कार्यरत हैं और दोनों विद्यालयों के बीच करीब 40 से 45 किलोमीटर की दूरी है.
फरवरी में ही कर दिया गया स्थानांतरण
जानकारी के अनुसार, अंग्रेजी विषय की विशिष्ट शिक्षिका प्रियंका सिन्हा (वर्ग 6-8) का डीपीओ (स्थापना), वैशाली के आदेश पर उत्क्रमित मध्य विद्यालय, बेदौलिया से मध्य विद्यालय, बागमूसा, हाजीपुर में स्थानांतरण किया गया था. उन्होंने 23 फरवरी 2026 को अपने नये विद्यालय में योगदान भी दे दिया. इसके बावजूद अब तक ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर उनका नाम बेदौलिया विद्यालय के यू-डायस कोड से जुड़ा हुआ है.
प्रधानाध्यापक ने भेजी उपस्थिति शून्य
उत्क्रमित मध्य विद्यालय, बेदौलिया के प्रधानाध्यापक सुबोध पासवान ने बताया कि शिक्षिका के स्थानांतरण के बाद से प्रत्येक माह उन्हें अनुपस्थित दर्शाते हुए उनकी उपस्थिति शून्य कर कार्यालय को भेजी जा रही है. इसके बावजूद संबंधित शिक्षिका का वेतन पुराने विद्यालय से ही भुगतान किया जा रहा है. उन्होंने बताया कि इस संबंध में जिला शिक्षा कार्यालय को कई बार पत्राचार किया गया, लेकिन अब तक समस्या का समाधान नहीं हो सका है.
500 मीटर की सीमा पर उठे सवाल
नियमानुसार ई-शिक्षा कोष ऐप पर विद्यालय से निर्धारित दूरी की सीमा में ही उपस्थिति दर्ज की जा सकती है. ऐसे में 40 से 45 किलोमीटर दूर हाजीपुर के विद्यालय में कार्यरत शिक्षिका की उपस्थिति पुराने विद्यालय के यू-डायस कोड से दर्ज होने की बात सामने आने से विभागीय व्यवस्था और तकनीकी निगरानी पर सवाल उठ रहे हैं. मामला सामने आने के बाद यह भी जांच का विषय है कि पुराने विद्यालय से शिक्षिका का नाम पोर्टल पर अब तक क्यों नहीं हटाया गया और वेतन भुगतान की प्रक्रिया किस स्तर से जारी है.
शिक्षक पद रिक्त नहीं होने से विद्यालय प्रभावित
प्रधानाध्यापक सुबोध पासवान के अनुसार, रिकॉर्ड में शिक्षिका का पद अब भी पुराने विद्यालय से जुड़ा रहने के कारण वह पद रिक्त नहीं दिख रहा है. ऐसे में भविष्य में उस पद पर किसी अन्य शिक्षक की नियुक्ति या पदस्थापन में परेशानी हो सकती है. इसका सीधा असर विद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था पर पड़ने की आशंका है. प्रधानाध्यापक ने बताया कि उन्होंने जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (प्राथमिक शिक्षा एवं समग्र शिक्षा), वैशाली को पुनः पत्र भेजकर शिक्षिका प्रियंका सिन्हा का नाम मध्य विद्यालय, बेदौलिया के यू-डायस कोड से ई-शिक्षा कोष पोर्टल से हटाने तथा पूरे मामले में आवश्यक प्रशासनिक कार्रवाई करने का अनुरोध किया है.
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