भागलपुर में पुरातत्विक स्थल गुवारीडीह व तीन स्थलों को कटाव से बचाया जाएगा, खर्चे किये जाएंगे 16 करोड़

Published at :18 Dec 2022 6:25 AM (IST)
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भागलपुर में पुरातत्विक स्थल गुवारीडीह व तीन स्थलों को कटाव से बचाया जाएगा, खर्चे किये जाएंगे 16 करोड़

गुवारीडीह में काफी संख्या में पुरातात्विक अवशेष मिला है. अवशेषों को सुरक्षित रखा गया था. पुरातात्विक अवशेष मिलने की जानकारी पर 20 दिसंबर 2020 को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने स्थल का निरीक्षण किया था.

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भागलपुर: नवगछिया के बिहपुर थाना क्षेत्र स्थित पुरातात्विक स्थल गुवारीडीह की सुरक्षा सहित तीन चिह्नित स्थल पर कटाव निरोधक कार्य के लिए मंजूरी मिली है. जिन स्थलों को चिह्नित किया गया है, वहां हर साल भीषण कटाव होता है. यह आम जनजीवन को भी प्रभावित करता है.

कटाव को रोकने के लिए एजेंसी के माध्यम से बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल, नवगछिया निरोधक कार्य करायेगा. यह काम हर हाल में 15 मई, 2023 तक पूरा कराने का निर्देश हेडक्वार्टर से मिला है. कटाव निरोधक कार्य की प्रक्रिया शुरू हो गयी है. इस पर करीब 16.66 करोड़ रुपये खर्च होंगे. इस कार्य से काफी हद तक जनजीवन प्रभावित होने से रुकेगा.

31 दिसंबर को खुलेगा टेंडर का टेक्निकल बिड

कटाव निरोधक कार्य कराने के लिए टेंडर की प्रक्रिया अपनायी जा रही है. निविदा का तकनीकी बिड 31 दिसंबर को खुलेगा. इसमें सफल एजेंसियों का वित्तीय बिड खोला जायेगा. जिनके नाम से वित्तीय बिड खुलेगा, उन्हें वर्क ऑर्डर दिया जायेगा. इसके बाद से कटाव निरोधक कार्य शुरू होगा. संभावना जतायी जा रही है कि जनवरी के अंतिम सप्ताह से काम शुरू हो जायेगा.

चिह्नित कटाव निरोधक कार्य स्थल और खर्च राशि

  • रंगरा चौक प्रखंड के अधीन जहांगीरपुर बैसी ग्राम के नजदीक : 4.52 करोड़ रुपये

  • खरीक प्रखंड में कोसी नदी के दायें किनारे स्थित वगजान जमींदारी बांध के 5.70 किमी चोरहर गांव के नजदीक : 6.16 करोड़ रुपये

  • कोसी नदी के दायें किनारे अवस्थित पुरातात्विक स्थल गुवारीडीह की सुरक्षा के लिए कटाव निरोधक कार्य : 5.98 करोड़ रुपये

गुवारीडीह पुरातात्विक स्थल : 20 दिसंबर, 2020 को सीएम ने किया था निरीक्षण

गुवारीडीह में काफी संख्या में पुरातात्विक अवशेष मिला है. अवशेषों को सुरक्षित रखा गया था. पुरातात्विक अवशेष मिलने की जानकारी पर 20 दिसंबर 2020 को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने स्थल का निरीक्षण किया था. मुख्यमंत्री ने घोषणा की थी कि पुरातात्विक अवशेषों के संरक्षण के लिए कोसी की धारा मोड़ी जायेगी और ढाई हजार साल पुराने अवशेषों का पूर्ण अध्ययन कराया जायेगा.

सीएम ने कहा था कि पुरातत्व विभाग और जल संसाधन विभाग की पूरी टीम कोसी कछार का उत्खनन कर अवशेषों को खोजेगी और पुरातात्विक स्थलों को विकसित किया जायेगा. सीएम के साथ तत्कालीन जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी ने भी निरीक्षण किया था. सीएम के निरीक्षण के बाद प्रशासन की ओर से स्थल की निगरानी की जा रही है.

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