Gopalganj News : स्वतंत्रता सेनानी स्व संसारी मिश्र की प्रतिमा लगेगी
Published by : SHAH ABID HUSSAIN Updated At : 19 Mar 2025 9:55 PM
जंग-ए-आजादी में अहम भूमिका निभाने वाले प्रखंड के भृंगीचक निवासी स्वतंत्रता सेनानी स्व संसारी मिश्र की प्रतिमा जमुनहां बाजार में लगायी जायेगी. आजादी के बाद उनकी स्मृति में बनवाया गया शहीद स्मारक आज भी जमुनहां बाजार में है, लेकिन करीब दो दशक से उपेक्षित है.
पंचदेवरी. जंग-ए-आजादी में अहम भूमिका निभाने वाले प्रखंड के भृंगीचक निवासी स्वतंत्रता सेनानी स्व संसारी मिश्र की प्रतिमा जमुनहां बाजार में लगायी जायेगी. आजादी के बाद उनकी स्मृति में बनवाया गया शहीद स्मारक आज भी जमुनहां बाजार में है, लेकिन करीब दो दशक से उपेक्षित है. अब शहीद स्मारक के पास उनकी प्रतिमा लगवाने का निर्णय लिया गया है. इसके लिए भृंगीचक की एक बेटी ने सराहनीय पहल की है. इस गांव के अशोक मिश्र की बेटी अंकिता मिश्रा का चयन पिछले वर्ष अग्निवीर में हुआ. चयनित होने के बाद उसने संकल्प लिया कि अपनी पहली सैलरी से स्वतंत्रता सेनानी संसारी मिश्र की प्रतिमा का निर्माण कराऊंगी. प्रतिमा का निर्माण कराकर बाहर से मंगवाने के बाद अंकिता ने उसकी स्थापना व अनावरण की बात कुछ प्रबुद्ध लोगों के सामने रखी. स्थानीय जनप्रतिनिधियों व प्रबुद्ध लोगों ने इस कार्य में सहयोग करने व बेहतर आयोजन के साथ स्वतंत्रता सेनानी की प्रतिमा का अनावरण करने का निर्णय लिया है. इसे लेकर स्थानीय मुखिया अशोक प्रसाद गुप्ता की अध्यक्षता में बुधवार को जमुनहां बाजार स्थित श्रीराम-जानकी मंदिर परिसर में प्रबुद्ध लोगों की बैठक भी हुई. बैठक में यह निर्णय लिया गया कि बाजार के बीच में पूर्व से निर्मित शहीद स्मारक का जीर्णोद्धार भी कराया जायेगा तथा चारों ओर से आकर्षक रेलिंग बनवाकर बीच में स्वतंत्रता सेनानी की प्रतिमा लगवायी जायेगी. मौके पर पूर्व मुखिया बलराम सिंह, संत श्रीहरिनारायण दास जी महाराज, बबलू गिरि, रंजीत तिवारी, वीरेंद्र मिश्र, प्रद्युम्न मिश्र, पवन मिश्र आदि मौजूद थे.
देश के लिए कई बार जेल गये थे संसारी मिश्र
संसारी मिश्र करीब एक दशक तक अंग्रेजों की आंखों की किरकिरी बने रहे. आजादी की लड़ाई में कई बार जेल गये थे. अंग्रेजी हुकूमत का खुलकर विरोध किया. देश आजाद होने के बाद जिले की कई प्रमुख जगहों पर भोजपुरिया माटी के गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों की स्मृति में शहीद स्मारक का निर्माण भी कराये. उनकी प्रतिमा लगवाने की अंकिता की पहल नयी पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत है.
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