Jyoti Murder: ज्योति की शव का पोस्टमार्टम करने से इंकार, मुजफ्फरपुर मेडिकल कॉलेज में हुई सड़ी लाश की फॉरेंसिक परीक्षण

Updated at : 07 Jul 2025 6:12 PM (IST)
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Jyoti Murder Case in Gopalganj

Jyoti Murder Case in Gopalganj

Jyoti Murder Case: गंडक नदी से बरामद शव के सड़ने से मेडिकल टीम ने पोस्टमार्टम करने से इंकार कर दिया. वहीं इस घटना के बाद मुखिया और उसका परिवार भूमिगत हो गया है. पति को अरेस्ट कर पुलिस पूछताछ कर रही है.

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संजय कुमार अभय/ Jyoti Murder Case: गोपालगंज में वीआईपी के जिला कोषाध्यक्ष और शहर के प्रमुख मिठाई कारोबारी सुरेंद्र प्रसाद की बेटी ज्योति के शव को पोस्टमार्टम करने से मेडिकल टीम ने इंकार कर दिया, क्योंकि शव पूरी तरह से सड़ चुका था. डॉक्टरों के पोस्टमार्टम करने से इंकार के बाद उसे फॉरेंसिक परीक्षण के लिए मुजफ्फरपुर मेडिकल कॉलेज में भेजा गया. जहां सोमवार को फॉरेंसिक विशेषज्ञों ने शव का परीक्षण किया. उसके बाद देर शाम को शव का अंतिम संस्कार कराया गया. उधर, ज्योति का शव रविवार को परिजनों के साथ एसडीआरएफ की टीम गंडक नदी में सात घंटे तक खंगालने के बाद सत्तरघाट से कुछ दूर से बरामद किया. शव की पहचान होने के बाद महम्मदपुर पुलिस एक्शन में आयी. पहले से पूछताछ के लिए हिरासत में रखे ज्योति के पति को सोमवार को गिरफ्तारी दिखते हुए जेल भेज दिया. ज्योति की हत्या दहेज की मांग को लेकर किये जाने की लिखित तहरीर महम्मदपुर थाना में मिठाई कारोबारी सुरेंद्र प्रसाद के तरफ से आने के साथ ही मुखिया शंभु प्रसाद परिवार के साथ भूमिगत हो गया. अब पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी करने का दावा कर रही.

फॉरेंसिक जांच को भी समझिए

फॉरेंसिक जांच एक वैज्ञानिक जांच प्रक्रिया है, जो अपराधों को सुलझाने और कानूनी मामलों में साक्ष्य प्रदान करने के लिए इस्तेमाल की जाती है. इसमें विभिन्न वैज्ञानिक तकनीकों और विशेषज्ञता का उपयोग किया जाता है, डीएनए विश्लेषण, फिंगरप्रिंट पहचान, और हथियार या अन्य तरह की मृत्यु के कारणों और चोटों की जांच करता है.

प्लानिंग के तहत ज्योति का किया गया था हत्या

सरेया वार्ड नंबर तीन के रहने वाले वीआईपी कोषाध्यक्ष सुरेंद्र प्रसाद ने अपनी बेटी ज्योति की शादी 20 मई 2023 को महम्मदपुर थाना क्षेत्र के पकड़ी वार्ड नं -1 के रहने वाले तथा परसौनी ग्राम पंचायत के मुखिया शंभु सहनी के पुत्र राजू सहनी के साथ किया था. शादी में अपनी औकात के मुताबिक उपहार भी दिया था. ज्योति को एक छह माह का पुत्र भी है. मेरी पुत्री अपने ससुराल में थी. बीच-बीच में कई बार ससुराल के लोगों के द्वारा उसे दहेज में कार की मांग को लेकर प्रताड़ित किया जाता था. दामाद के मछली के हेचरी खोलने के लिए पांच लाख रुपये की मांग कर रहे थे. जिसे पूरा कर पाने में असमर्थ था. कई बार ससुराल में जाकर परिजनों को समझा कर पुत्री को ठीक से रखने का आग्रह किया था. इस बीच गत 4 जुलाई की सुबह 5:30 बजे मेरे समधी शंभु सहनी ने कॉल कर बताया कि आपकी लड़की सुबह अपने कमरे में नहीं है. वह अपने पुत्र को छोड़ कर कही चली गयी है. हत्या पूरे प्लान के तहत किया गया था.

ज्योति की हत्या करने के बाद हाथ- पैर बांध नदी में फेंका

बैकुंठपुर के सीओ गौतम कुमार सिंह के सामने जब एसडीआरएफ की टीम ने ज्योति का शव नदी से निकालकर पहुंची तो लोगों का हिम्मत कांप गया. लोगों ने बताया कि ज्योति के गले को काटने का निशान मिला, उसकी आंखे भी निकाला गया था. हाथ-पैर को पीछे की ओर बांधकर नदी में डाल दिया गया था. प्लानिंग के तहत लापता होने का दावा मुखिया शंभु सहनी का परिवार करता रहा. महम्मदपुर पुलिस भी उसकी बातों को मानकर जांच कर रही थी.

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Radheshyam Kushwaha

लेखक के बारे में

By Radheshyam Kushwaha

पत्रकारिता की क्षेत्र में 13 साल का अनुभव है. इस सफर की शुरुआत राज एक्सप्रेस न्यूज पेपर भोपाल से की. यहां से आगे बढ़ते हुए समय जगत, राजस्थान पत्रिका, हिंदुस्तान न्यूज पेपर के बाद वर्तमान में प्रभात खबर के डिजिटल विभाग में धर्म अध्यात्म एवं राशिफल डेस्क पर कार्यरत हैं. ज्योतिष शास्त्र, व्रत त्योहार, राशिफल के आलावा राजनीति, अपराध और पॉजिटिव खबरों को लिखने में रुचि हैं.

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