बरौली. प्रखंड के सारण मुख्य नहर में सरेयां नरेंद्र पंचायत से निकलकर बेलसंड पंचायत तक जाने वाली उप नहर पर हो रहे निर्माण कार्य को ग्रामीणों ने रोक दिया. ग्रामीणों द्वारा कार्य रोके जाने से पूरे दिन काम बंद रहा और ग्रामीणों का प्रदर्शन जारी रहा.
नहर में कहीं भी कोई साइफन नहीं लगाने पर जतायी नाराजगी
ग्रामीणों का कहना था कि यह नहर करीब तीन किमी से अधिक लंबी है और इसका निर्माण तीनों पंचायत के खेतों की सिंचाई के लिए हो रहा है. हालांकि ये नहर पूर्व से ही है जिससे खेतों की सिंचाई होती आ रही है लेकिन अब इसका पक्कीकरण किया जा रहा है, लेकिन नहर में कहीं भी कोई साइफन नहीं लगाया जा रहा है. ग्रामीणों का कहना है कि नहर में जब साइफन ही नहीं रहेगा, तो नहर का पानी कहीं से भी खेतों में न जाकर सीधे सारण नहर से निकलकर गंडकी नदी में गिर जायेगा, इससे किसानों को कोई फायदा नहीं होगा जबकि नहर का मुख्य उद्देश्य खेतों की सिंचाई करना है. इसके अलावा नहर की पूरी लंबाई में एक भी पुल नहीं बनाया जा रहा है, जिससे किसानों को हल, बैल, फसल का बोझा आदि इस पार से उस पार ले जाने में परेशानी होगी. इन्हीं सब बातों को लेकर किसान तथा ग्रामीण आक्रोशित होकर प्रदर्शन करने लगे तथा निर्माण कार्य को बंद करा दिया.
स्पॉट पर पहुंचे संवेदक व जेइ
कार्य बंद होने की जानकारी जब संवेदक तथा जेइ राजेश कुमार को हुई, तो वे स्पॉट पर पहुंचे तथा किसानों को किसी तरह की परेशानी नही होने की बात कही. जेइ ने कहा कि ग्रामीणों की मांग पर सरेयां से लेकर बेलसंड तक नहर में खेतों की सिंचाई के लिए दोनों ओर सायफन लगाये जायेंगे, पुल निर्माण नहीं होगा, उसके बदले नहर में सीढ़ियां बनायी जायेंगी, जिससे किसान पार हो सकें. जेइ के समझाने पर ग्रामीण शांत हुए तो काम शुरू हुआ. प्रदर्शन करने वालों में विनोद योगी, पप्पू यादव, क्षत्री यादव, अरुण यादव, अमित यादव, जवाहर यादव, रामाशंकर यादव, सतन यादव, अशोक यादव सहित कई गांवों के लोग थे.
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