शिक्षा विभाग सख्त: प्रशिक्षण से वंचित शिक्षकों को मिला आखिरी मौका

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शिक्षा विभाग सख्त: प्रशिक्षण से वंचित शिक्षकों को मिला आखिरी मौका

Gopalganj News: प्रशिक्षण से वंचित शिक्षकों को मिला अंतिम मौका, एक जून से शुरू होगा पांच दिवसीय विशेष आवासीय प्रशिक्षण

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Gopalganj News: (विकास दुबे) पिछले शैक्षणिक सत्र में विभिन्न कारणों से पांच दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल नहीं हो सके कक्षा तीन से पांच तक के शिक्षकों एवं प्रधानाध्यापकों को शिक्षा विभाग ने एक बार फिर अवसर दिया है. राज्य शिक्षा शोध एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी), पटना के निर्देश पर एक जून से पांच जून तक विशेष आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा. इसमें जिले के 1140 शिक्षक तथा 65 प्रधानाध्यापक एवं प्रभारी प्रधानाध्यापक भाग लेंगे. विभाग ने इसे प्रशिक्षण से वंचित शिक्षकों के लिए अंतिम अवसर बताया है और शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने का निर्देश जारी किया है.

एक जून से पांच जून तक चलेगा विशेष प्रशिक्षण

एससीईआरटी के निदेशक सज्जन आर. के निर्देश पर डीपीओ प्रवीण कुमार प्रभात ने बताया कि शैक्षणिक सत्र 2025-26 के दौरान विधानसभा चुनाव, सरकारी कार्यों में प्रतिनियुक्ति, स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं अथवा स्वीकृत अवकाश के कारण बड़ी संख्या में शिक्षक निर्धारित प्रशिक्षण में शामिल नहीं हो सके थे. ऐसे शिक्षकों को नए शैक्षणिक सत्र 2026-27 में प्राथमिकता के आधार पर प्रशिक्षण पूरा करने का असर दिया जा रहा है.

उन्होंने कहा कि सभी संबंधित शिक्षकों और प्रधानाध्यापकों के लिए निर्धारित प्रशिक्षण केंद्रों पर समय से पहुंचकर प्रशिक्षण प्राप्त करना अनिवार्य होगा. प्रशिक्षण पूरी तरह आवासीय होगा और प्रतिभागियों की उपस्थिति, अनुशासन तथा सहभागिता पर विशेष निगरानी रखी जाएगी.

1140 शिक्षक और 65 प्रधानाध्यापक होंगे शामिल

जिले के 1140 शिक्षकों को विभिन्न प्रशिक्षण संस्थानों में भेजा गया है. इनमें सीटीई सिवान में 240 शिक्षक, सीटीई सारण में 260 शिक्षक, डायट थावे में 260 शिक्षक, डायट सिवान में 180 शिक्षक तथा पीटीईसी बंगरा (सारण) में 200 शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा.

वहीं जिले के 65 प्रधानाध्यापक एवं प्रभारी प्रधानाध्यापक एससीईआरटी पटना में आयोजित पांच दिवसीय आवासीय इन-सर्विस हेडमास्टर प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लेंगे.

31 मई तक देना होगा योगदान

शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार सभी प्रतिभागियों को प्रशिक्षण प्रारंभ होने से एक दिन पूर्व यानी 31 मई की शाम तक संबंधित प्रशिक्षण संस्थान में योगदान देना अनिवार्य होगा.

प्रशिक्षण के दौरान प्रतिदिन सुबह 5:30 बजे से 6:30 बजे तक योग एवं पीटी सत्र आयोजित किया जाएगा. इसके बाद सुबह 8:30 बजे से शाम 7:30 बजे तक विभिन्न शैक्षणिक एवं प्रशिक्षण गतिविधियां संचालित होंगी.

महिला और पुरुष प्रतिभागियों के लिए अलग ड्रेस कोड

प्रशिक्षण अवधि में निर्धारित ड्रेस कोड का पालन अनिवार्य होगा. पुरुष प्रतिभागियों को व्याख्यान सत्र में हल्के नीले अथवा सफेद रंग की औपचारिक शर्ट-पैंट, टाई एवं लेदर शू पहनना होगा. योग एवं पीटी सत्र के लिए ट्रैक सूट और स्पोर्ट्स शू निर्धारित किए गए हैं.

महिला प्रतिभागियों के लिए सलवार-सूट या साड़ी निर्धारित की गई है, जबकि योग एवं पीटी सत्र के लिए ट्रैक सूट और स्पोर्ट्स शू पहनना अनिवार्य होगा. विशेष अवसरों के लिए अलग ड्रेस कोड भी तय किया गया है.

मोबाइल उपयोग पर प्रतिबंध, बायोमेट्रिक उपस्थिति अनिवार्य

शिक्षा विभाग ने प्रशिक्षण को लेकर कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं. प्रशिक्षण अवधि में सभी प्रतिभागियों की बायोमेट्रिक उपस्थिति अनिवार्य होगी। व्याख्यान, योग, पीटी एवं अन्य शैक्षणिक गतिविधियों के दौरान मोबाइल फोन के उपयोग पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा.

इसके अलावा प्रशिक्षण गतिविधियों की वीडियो रिकॉर्डिंग की अनुमति नहीं होगी. बिना अनुमति किसी भी प्रतिभागी को प्रशिक्षण परिसर से बाहर जाने की इजाजत नहीं दी जाएगी.

निजी वाहन और परिजनों के ठहरने पर रोक

प्रशिक्षण को अनुशासित और प्रभावी बनाने के लिए कई अन्य नियम भी लागू किए गए हैं. किसी भी प्रतिभागी को निजी वाहन प्रशिक्षण स्थल पर ले जाने की अनुमति नहीं होगी. साथ ही परिवार के सदस्य, अंगरक्षक अथवा अर्दली को भी परिसर में रहने की अनुमति नहीं दी जाएगी.

प्रशिक्षण परिसर और छात्रावास में धूम्रपान, तंबाकू एवं अन्य नशीले पदार्थों का उपयोग पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा. प्रतिभागियों को हर समय अपना पहचान पत्र साथ रखना होगा तथा सुरक्षा कर्मियों को आवश्यकता पड़ने पर दिखाना होगा.

पहले दिन सुबह नौ बजे के बाद नहीं होगा पंजीकरण

विभाग ने स्पष्ट किया है कि प्रशिक्षण के पहले दिन सुबह नौ बजे के बाद किसी भी प्रतिभागी की उपस्थिति स्वीकार नहीं की जाएगी. इसके बाद पंजीकरण प्रक्रिया पूरी तरह बंद कर दी जाएगी. इसलिए सभी शिक्षकों और प्रधानाध्यापकों को समय से प्रशिक्षण स्थल पर पहुंचने का निर्देश दिया गया है.

शिक्षण गुणवत्ता सुधारने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल

शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार यह प्रशिक्षण शिक्षकों के शैक्षणिक कौशल, कक्षा प्रबंधन, नई शिक्षण पद्धतियों और नेतृत्व क्षमता को विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है. प्रशिक्षण पूरा होने के बाद विद्यालयों में पढ़ाई की गुणवत्ता में सुधार होगा तथा विद्यार्थियों को अधिक प्रभावी और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराई जा सकेगी.

विभाग का मानना है कि प्रशिक्षित शिक्षक और दक्ष विद्यालय प्रधान ही बेहतर शैक्षणिक वातावरण तैयार कर सकते हैं. इसी उद्देश्य से प्रशिक्षण से वंचित रह गए शिक्षकों और प्रधानाध्यापकों के लिए यह विशेष आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है.

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विवेक पाण्डेय

लेखक के बारे में

By विवेक पाण्डेय

विवेक रंजन पाण्डेय पिछले 8 वर्षों से टीवी और डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने Aryabhatta Knowledge University, Patna से BJMC की पढ़ाई की है.

उन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत Network 10 टीवी चैनल से की. इसके बाद News India, News18 Digital सहित कई राष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय मीडिया संस्थानों में फील्ड रिपोर्टिंग और कंटेंट राइटिंग का अनुभव प्राप्त किया.

वर्तमान में वह प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम में Content Writer के रूप में कार्यरत हैं. यहां बिहार की राजनीति, चुनाव, शिक्षा, कृषि, रोजगार, सरकारी योजनाओं, सामाजिक सरोकारों और विभिन्न जिलों की महत्वपूर्ण खबरों पर तथ्यपरक और विश्वसनीय खबरें पाठकों तक पहुंचाते हैं.

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