गोपालगंज. मां की निर्मम हत्या में पिता को उम्रकैद की सजा अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश मानवेंद्र मिश्र के कोर्ट ने दी. हत्या के आरोपित पति अरविंद मिश्रा को आजीवन कारावास एवं एक लाख रुपये अर्थदंड की सजा दी. जुर्माना लगाया नहीं देने पर छह माह की अतिरिक्त सजा सुना दी है. बच्चों की परवरिश की जिम्मेदारी कोर्ट ने डीएम को सौंपी है.
कोर्ट में फफक पड़ा बच्चों का पिता
जब फैसला आया, तो कोर्ट में मृतका निक्की देवी की मां-पिता भी शामिल थे. फैसला आया, तो आरोपित पति अरविंद मिश्र कोर्ट में फफक कर बच्चों के लिए गिड़गिड़ाने लगा. कोर्ट ने कहा कि बच्चों की जिम्मेदारी प्रशासन को दी जायेगी. अभियुक्त के तीन छोटे बच्चे हैं, कोर्ट ने कहा कि अभियुक्त के जेल चले जाने से उनके पठन-पाठन प्रभावित हो सकती है. कोर्ट सहायक निदेशक जिला बाल संरक्षण इकाई को यह निर्देश देता है कि एक माह के अंदर मृतका निक्की देवी एवं अभियुक्त अरविंद मिश्रा की पुत्री रिया कुमारी एवं पुत्र को बिहार सरकार की स्पांसरशिप योजना, जिसमें प्रत्येक बच्चे को वित्तीय सहायता के रूप में चार हजार रुपया मासिक प्रदान की जाती है, के तहत नामांकित करते हुए इस योजना का लाभ तत्काल दोनों बच्चों को प्रदान करें. कोर्ट इस तथ्य से भी अवगत है कि योजना का लाभ एक माता-पिता के अधिकतम दो बच्चों को ही प्रदान किया जा सकता है. मृतका एवं अभियुक्त के तीन बच्चे हैं. वह सबसे छोटे बच्चे को बिहार सरकार की परवरिश योजना के तहत नामांकित करते हुए इस योजना का लाभ अविलंब प्रदान करें. जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव व डीएम को भी निर्देश दिया, जिससे न्यायिक आदेश के अनुपालन संबंधी प्रतिवेदन वह सहायक निदेशक जिला बाल संरक्षण इकाई से प्राप्त कर सकें.
पति ने विवाह जैसे संस्कार को कलंकित किया
कोर्ट में अपर लोक अभियाेजक जयराम साह व वरीय अधिवक्ता राजेश पाठक ने कहा कि अभियुक्त ने पति-पत्नी के बीच एक विश्वास के रिश्ते का भरोसे का कत्ल किया है. इस मामले में रक्षक ही भक्षक बन गया. वजह मात्र यह थी कि पत्नी उसके अवैध संबंध का विरोध करती थी. तो पति ने रास्ते से हटाने के लिए अपनी पत्नी का ही रस्सी से गला घोंटकर हत्या कर दिया. हत्या को आत्महत्या का रूप देने के लिए यथासंभव प्रयास किया. पति ने विवाह जैसे संस्कार परिवार जैसी संस्था पति-पत्नी के दाम्पत्य रिश्ते को कलंकित किया है.
अभियोजन व बचाव पक्ष से इनका साक्ष्य रहा महत्वपूर्ण
निक्की हत्याकांड में अभियाेजन पक्ष से मृतका की मां आशा देवी, पिता सच्चिदानंद दुबे, राजीव रंजन, कांड के आइओ मनोज कुमार पांडेय, डॉ शिव शंकर सुमन का बयान दर्ज किया गया. जबकि बचाव पक्ष के अधिवक्ता निखिल सिंह की ओर से अशोक कुमार मिश्रा, श्रीराम मिश्रा, नेता मिश्रा, रिया कुमारी के बयान को दर्ज कराया गया. इतना ही नहीं पेन ड्राइव में घटना के वीडियो को महत्वपूर्ण साक्ष्य माना गया.
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