गोपालगंज में शत-प्रतिशत नामांकन और समर कैंप को लेकर कार्यशाला आयोजित

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खंडों से पहुंचे शिक्षा सेवक, तालिमी मरकज, केआरपी व अन्य

Gopalganj News : शिक्षा की मुख्यधारा से बच्चों को जोड़ने के लिए जिला स्तर पर मंथन

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Gopalganj News (विकास दुबे) : गोपालगंज जिले में बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने, स्कूलों में शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करने, ड्रॉपआउट कम करने तथा समर कैंप 2026 को सफल बनाने को लेकर 29 मई को शहर के एसएस बालिका हाई स्कूल में जिला स्तरीय उन्मुखीकरण सह कार्यशाला आयोजित की गयी. शिक्षा विभाग एवं पिरामल फाउंडेशन के संयुक्त सहयोग से आयोजित इस कार्यशाला में जिले के विभिन्न प्रखंडों से पहुंचे शिक्षा सेवक, तालिमी मरकज, केआरपी, शिक्षा विभाग के कर्मी तथा अन्य प्रतिनिधियों ने भाग लिया. कार्यक्रम का उद्घाटन समग्र शिक्षा अभियान एवं साक्षरता के डीपीओ प्रवीण कुमार प्रभात ने किया. उद्घाटन के दौरान उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जिले का कोई भी बच्चा पढ़ाई से वंचित न रहे. इसके लिए स्कूलों के साथ-साथ समुदाय की भी सक्रिय भागीदारी जरूरी है. कार्यशाला में मास्टर ट्रेनर राकेश भारती और श्वेता गुप्ता ने विभिन्न विषयों पर प्रशिक्षण दिया. वहीं पिरामल फाउंडेशन की ओर से डिस्ट्रिक्ट लीड विंध्यवासिनी राय ने समर कैंप, बच्चों के ठहराव, सामुदायिक जागरूकता और बाल विवाह रोकथाम को लेकर विस्तार से जानकारी साझा की.

स्कूल छोड़ चुके बच्चों को फिर से जोड़ने पर दिया गया जोर

कार्यशाला में विशेष रूप से उन बच्चों की पहचान करने पर जोर दिया गया, जो किसी कारणवश स्कूल छोड़ चुके हैं या नियमित रूप से विद्यालय नहीं पहुंच रहे हैं. अधिकारियों ने कहा कि शिक्षा सेवक और तालिमी मरकज कर्मी गांव-गांव जाकर ऐसे बच्चों को दोबारा स्कूल से जोड़ने का काम करेंगे. इसके साथ ही विद्यालयों में बच्चों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने और नामांकन के बाद उनके ठहराव पर भी चर्चा की गयी. अधिकारियों ने कहा कि केवल नामांकन कराना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि बच्चों को लगातार पढ़ाई से जोड़े रखना भी जरूरी है.

1 जून से 30 जून तक चलेगा समर कैंप

बैठक में राज्य सरकार के निर्देश पर अक्षर आंचल योजना के तहत चलने वाले “ सीएएमएएल का कैंप” यानी समर कैंप 2026 की विस्तृत जानकारी दी गयी. बताया गया कि यह कैंप एक जून से 30 जून तक जिले के शिक्षा सेवक और तालिमी मरकज केंद्रों पर आयोजित किया जायेगा. समर कैंप में वैसे बच्चों को शामिल किया जायेगा, जो भाषा और गणितीय दक्षता में कमजोर हैं. प्रत्येक केंद्र पर 10 से 15 बच्चों को शामिल कर खेल-खेल में पढ़ाई करायी जायेगी. अधिकारियों ने कहा कि गर्मी की छुट्टी के दौरान बच्चों की पढ़ाई बाधित नहीं हो, इसी उद्देश्य से यह विशेष कैंप चलाया जा रहा है. कार्यशाला में यह भी बताया गया कि इस अभियान का अनुश्रवण केआरपी, प्रभारी केआरपी, एसआरपी और जिला कार्यक्रम पदाधिकारी स्तर से किया जायेगा तथा इसकी रिपोर्ट जुलाई के प्रथम सप्ताह में विभाग को भेजी जायेगी.

खेल-खेल में पढ़ाई कराने को दी गयी जानकारी

कार्यशाला की खास बात यह रही कि प्रतिभागियों को “खेल-खेल में पढ़ाई” गतिविधियों का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया गया. मास्टर ट्रेनरों ने बताया कि बच्चों को यदि रोचक और आसान तरीके से पढ़ाया जाये, तो उनकी सीखने की क्षमता तेजी से बढ़ती है और वे स्कूल आने में अधिक रुचि दिखाते हैं. प्रशिक्षण के दौरान कई गतिविधियों का प्रदर्शन किया गया और बताया गया कि कैसे स्थानीय संसाधनों का उपयोग कर बच्चों को भाषा और गणित की बुनियादी जानकारी आसानी से सिखायी जा सकती है.

छात्रवृत्ति योजनाओं की भी दी गयी जानकारी

कार्यशाला में प्री मैट्रिक और पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजनाओं पर भी चर्चा की गयी. अधिकारियों ने कहा कि कई बार जानकारी के अभाव में पात्र छात्र-छात्राएं योजनाओं का लाभ नहीं ले पाते हैं. ऐसे में शिक्षा सेवकों और तालिमी मरकज कर्मियों को निर्देश दिया गया कि वे गांव स्तर पर लोगों को जागरूक करें और आवेदन प्रक्रिया में सहयोग करें.

बाल विवाह रोकने के लिए जागरूकता अभियान चलाने की अपील

कार्यक्रम में बाल विवाह के दुष्परिणामों पर भी विस्तार से चर्चा की गयी. वक्ताओं ने कहा कि कम उम्र में शादी होने से बच्चों की पढ़ाई बाधित होती है और उनका भविष्य प्रभावित होता है. ऐसे मामलों को रोकने के लिए गांव और समुदाय स्तर पर जागरूकता अभियान चलाने की जरूरत है. डीपीओ प्रवीण कुमार प्रभात ने कहा कि शिक्षा और जागरूकता के माध्यम से ही बाल विवाह जैसी सामाजिक बुराइयों को रोका जा सकता है. उन्होंने सभी प्रतिभागियों से अपने-अपने क्षेत्रों में लोगों को जागरूक करने की अपील की. कार्यक्रम के अंत में पिरामल फाउंडेशन के डिस्ट्रिक्ट लीड विंध्यवासिनी राय ने बाल विवाह मुक्त समाज बनाने, शत-प्रतिशत विद्यालयी नामांकन सुनिश्चित करने तथा किसी भी बच्चे को शिक्षा से वंचित नहीं होने देने का सामूहिक संकल्प दिलाया.

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युवराज रतन

लेखक के बारे में

By युवराज रतन

पटना जन्मस्थली है मेरी, निष्पक्ष, तथ्यात्मक और जनहित आधारित पत्रकारिता में विश्वास करता हूं. वर्तमान में मेरा उद्देश्य बिहार के स्थानीय मुद्दों को प्रमुखता से उठाना और पाठकों तक सत्यापित जानकारी पहुंचाना है. किसी भी समाचार को प्रकाशित करने से पहले उपलब्ध तथ्यों और स्रोतों का सत्यापन करना मेरी प्राथमिकता है. पाठकों को विश्वसनीय, निष्पक्ष और जनहितकारी जानकारी उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध हूं.

प्राथमिक शिक्षा संत जेवियर्स हाई स्कूल, पटना से पूरी करने के बाद संत जेवियर्स कॉलेज ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नॉलजी से बैचलर्स ऑफ मास कम्यूनिकेशन से स्नातक किया हूं. 2020 से पटना स्थित मीडिया संस्थान न्यूज 4 नेशन में एंकर सह प्रोड्यूसर के पद पर डेढ़ वर्षों तक काम किया. इसके उपरांत जून 2022 से इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमिटी (I-PAC) में सीनियर एग्जीक्यूटिव के पद पर रहते हुए डिजिटल कम्यूनिकेशन टीम में कार्य करने का मौका मिला. वर्तमान में प्रभात खबर में कंटेंट राइटर के पद पर हूं इसके माध्यम से नागरिकों के पास तथ्यात्मक और सही सूचनाएँ, खबर और अपडेट देने का कार्य कर रहा हूं.

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