गोपालगंज के स्कूल में बड़ा विवाद, प्रधानाध्यापक ने लगाए गंभीर आरोप, शिक्षा विभाग ने डीईओ को सौंपी जांच

Published by : YUVRAJ RATAN Updated At : 09 Jun 2026 7:17 PM

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विद्यालय की तस्वीर

Gopalganj News : गोपालगंज के श्री राम रतन शाही विद्यालय में रिकॉर्ड छेड़छाड़ और CCTV बॉक्स गायब होने के आरोप, जांच के आदेश.

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गोपालगंज से विकास दुबे की रिपोर्ट
Gopalganj News : गोपालगंज के सदर प्रखंड के श्री राम रतन शाही उच्च माध्यमिक विद्यालय, बिशनपुर यादवपुर में विद्यालय अभिलेख से कथित छेड़छाड़, सीसीटीवी कैमरे का सेटअप बॉक्स गायब होने, शिक्षक की उपस्थिति और वेतन भुगतान से जुड़े विवाद ने शिक्षा विभाग में हलचल बढ़ा दी गई है. मामले को गंभीर मानते हुए क्षेत्रीय शिक्षा उपनिदेशक (आरडीडीइ) सारण प्रमंडल, छपरा ने जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीइओ) योगेश कुमार को पूरे मामले की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने का निर्देश दिया है. आरडीडीइ कार्यालय से जारी पत्र के बाद विभागीय स्तर पर मामले को लेकर चर्चा तेज हो गयी है और अब सबकी नजर जांच रिपोर्ट पर टिकी हुई है. विद्यालय के प्रधानाध्यापक द्वारा क्षेत्रीय शिक्षा उपनिदेशक को भेजे गये परिवाद पत्र में कई गंभीर आरोप लगाये गये हैं. शिकायत में कहा गया है कि विद्यालय के शारीरिक शिक्षक मनु पांडे 20 दिसंबर 2025 से 31 जनवरी 2026 तक बिना किसी सूचना के विद्यालय से अनुपस्थित रहे. इसके बाद फरवरी और मार्च में मैट्रिक एवं इंटरमीडिएट परीक्षा कार्य में प्रतिनियोजन के कारण भी विद्यालय में उनकी नियमित उपस्थिति नहीं रही. प्रधानाध्यापक का आरोप है कि बाद में अपनी अनुपस्थिति से जुड़े साक्ष्यों को मिटाने के उद्देश्य से विद्यालय के अभिलेखों में छेड़छाड़ की गयी.

शिक्षक की अनुपस्थिति छिपाने के लिए रिकॉर्ड से छेड़छाड़ का आरोप

प्रधानाध्यापक के अनुसार कहा गया कि वर्ष 2025 की शिक्षक उपस्थिति पंजी में दिसंबर माह के उस पृष्ठ पर स्याही गिरा दी गयी, जहां संबंधित शिक्षक के नाम के साथ अन्य शिक्षकों की उपस्थिति दर्ज थी. शिकायत में कहा गया है कि यह कार्रवाई अनुपस्थिति से जुड़े रिकॉर्ड को प्रभावित करने और साक्ष्यों को कमजोर करने की नीयत से की गयी. प्रधानाध्यापक ने यह भी आरोप लगाया है कि संबंधित शिक्षक के हस्ताक्षर अलग-अलग शैली में दर्ज हैं, जिससे उपस्थिति पंजी की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े हो रहे हैं. परिवाद पत्र में यह भी दावा किया गया है कि 20 दिसंबर 2025 से 31 जनवरी 2026 तक की अवधि के लिए किसी प्रकार का अवकाश आवेदन विद्यालय को उपलब्ध नहीं कराया गया. विद्यालय के रिकॉर्ड के अनुसार दिसंबर माह में शिक्षक की उपस्थिति मात्र 19 दिनों की थी, जबकि पूरे माह का वेतन भुगतान हो गया. वहीं जनवरी 2026 का वेतन अनुपस्थिति के कारण भुगतान नहीं किया गया और इसकी सूचना विभाग को पूर्व में भेजी जा चुकी है.

उपस्थिति रजिस्टर विवाद के बीच CCTV सिस्टम ठप

प्रधानाध्यापक ने अपने आवेदन में कहा है कि 21 मई 2026 को वे एनसीसी एएनओ चयन साक्षात्कार में भाग लेने के लिए छपरा गये थे. उसी दिन विद्यालय के प्रधानाध्यापक कक्ष में स्थापित सीसीटीवी कैमरे का सेटअप बॉक्स गायब हो गया. इसके बाद विद्यालय की पूरी सीसीटीवी निगरानी व्यवस्था बंद हो गयी. प्रधानाध्यापक का आरोप है कि उपस्थिति पंजी में कथित छेड़छाड़ और अन्य घटनाओं से जुड़े संभावित साक्ष्यों को मिटाने के उद्देश्य से सीसीटीवी सेटअप बॉक्स हटाया गया हो सकता है. उन्होंने इस मामले को गंभीर बताते हुए यादवपुर थाना में आवेदन देकर प्राथमिकी दर्ज करने की मांग भी की है. विद्यालय परिसर में हुई इस घटना के बाद शिक्षकों और कर्मियों के बीच भी तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गयी हैं.

अभिलेख छेड़छाड़ से लेकर धमकी तक के आरोप

परिवाद पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि मामले की जानकारी लेने और पूछताछ करने पर संबंधित शिक्षक द्वारा कथित तौर पर धमकी दी गयी. प्रधानाध्यापक ने आरोप लगाया है कि उनके साथ असंसदीय भाषा का प्रयोग किया गया, जिससे वे स्वयं को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं. उन्होंने अपने आवेदन में कहा है कि इस पूरे विवाद का असर विद्यालय के शैक्षणिक माहौल पर पड़ रहा है और इससे छात्रों के बीच भी गलत संदेश जा रहा है. प्रधानाध्यापक ने विभागीय अधिकारियों से मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा विद्यालय के शैक्षणिक वातावरण को सुरक्षित रखने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है.

जांच रिपोर्ट का इंतजार, RDDE ने मांगा जवाब

क्षेत्रीय शिक्षा उपनिदेशक राजदेव राम ने 8 जून को जारी पत्र में जिला शिक्षा पदाधिकारी योगेश कुमार को निर्देश दिया है कि परिवाद पत्र में वर्णित सभी बिंदुओं की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाये. साथ ही जांच पूरी होने के बाद की गयी कार्रवाई की रिपोर्ट आवेदक और आरडीडीइ कार्यालय को उपलब्ध करायी जाये. आरडीडीइ कार्यालय द्वारा भेजे गये पत्र में इस मामले के अलावा दो अन्य परिवादों का भी जिक्र किया गया है. इनमें भोरे प्रखंड के कल्याणपुर स्थित विद्यालय के एक सेवानिवृत्त एवं मृत शिक्षक के कार्यावधि वेतन भुगतान से संबंधित मामला तथा बीएबी गोपालगंज में बंगाली शिक्षक की आवश्यकता से जुड़ा आवेदन शामिल है. इन मामलों में भी संबंधित अधिकारियों को जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है.

जांच के बाद सामने आएगी सच्चाई

विद्यालय अभिलेख में कथित छेड़छाड़, सीसीटीवी बॉक्स गायब होने, उपस्थिति और वेतन भुगतान को लेकर लगे आरोपों के बाद यह मामला शिक्षा विभाग में चर्चा का विषय बना हुआ है. फिलहाल आरोप और प्रत्यारोप के बीच पूरे मामले की सच्चाई जांच के बाद ही सामने आ सकेगी. जिला शिक्षा पदाधिकारी को जांच की जिम्मेदारी मिलने के बाद अब शिक्षकों, अभिभावकों और शिक्षा विभाग के अधिकारियों की नजर जांच रिपोर्ट पर टिकी हुई है. रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि आरोपों में कितनी सच्चाई है और विभाग की ओर से आगे क्या कार्रवाई की जाती है.

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