Gopalganj News : आज चांद दिखने पर कल मनेगी ईद, बाजार में चहल-पहल

Published by : SHAH ABID HUSSAIN Updated At : 29 Mar 2025 11:03 PM

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रमजान अलविदा होने जा रहा है. 28 रोजे पूरे होने के बाद रविवार को 29वां रोजा है. चांद दिखा तो रविवार रमजान का अंतिम दिन होगा. ईद सोमवार को मनेगी. रोजेदार रविवार की शाम में चांद देखेंगे और एक-दूसरे को भी बतायेंगे.

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गोपालगंज. माह-ए-रमजान अलविदा होने जा रहा है. 28 रोजे पूरे होने के बाद रविवार को 29वां रोजा है. यदि चांद दिखा तो रविवार रमजान का अंतिम दिन होगा और ईद सोमवार को मनेगी. जामा मस्जिद के इमाम सइदुल्लाह कादिरी ने कहा कि रोजेदार रविवार की शाम में चांद देखेंगे और एक-दूसरे को भी बतायेंगे. चांद दिखने पर रोजेदार बुधवार को आखिरी रोजा मानेंगे, तब ईद सोमवार को मनायी जायेगी. यह सबकुछ रविवार की देर शाम तक तय हो जायेगा. इधर, चांद रात को लेकर तमाम मुस्लिम बस्तियों से काफला निकालने की तैयारी चल रही है. काफला शहर की सड़कों से होकर मस्जिदों के पास पहुंचेगा. इधर, मस्जिदों में ईद-उल-फितर की नमाज के समय की घोषणा कर दी गयी है. ईद को लेकर शनिवार को बाजार में सेवाइयों की खरीदारी को लेकर अधिक भीड़ रही. कोई किमामी सेवई खरीद रहा था तो कोई दूधफेनी सेवई ले रहा था. वहीं दूध के दुकानों पर भी बुकिंग शुरू हो गयी है. ईद को लेकर दूध की बुकिंग को लेकर सुबह से ही लोग दुकानों पर पहुंच रहे थे. बाजार में पूरे दिन रोजेदार खरीदारी करने में जुटे हुए थे. कपड़ा व चप्पल-जूता के बाजार में भी चहल-पहल देखी गयी.

आज सबसे बड़ी शब-ए-कद्र की रात

माह-ए- रमजान में शब-ए-कद्र की रात विशेष होती है. ऐसी मान्यता है कि कुरआन को उसी रात में स्वर्ग से धरती पर उतारा गया था. इस रात में सच्चे हृदय से अल्लाह की इबादत करने से हर इच्छा पूरी होती है. इसमें 29वीं रात सबसे बड़ी शब-ए-कद्र होती है. इस रात अल्लाह की रहमत खास तौर पर होती है. यह रात एक हजार रातों से बेहतर होती है, इसलिए इस रात को खास इबादत की जाती है. सूती टोपियों की अधिक हो रही मांग : पुराने समय में नमाजियों के सिर पर लखनवी, रामपुरी व हैदराबाद स्टाइल की निजामी टोपियां देखने को मिलती थीं, लेकिन अब मार्केट में देशी व विदेशी टोपियों की भरमार है. इस बार चलन में देशी टोपियां ज्यादा हैं. बाजार में अलिफ, अल-फदीला, सना, सीरिया, जन्नत, बेंत टोपी, समरदाना, मोती, पाकीजा, जीनत, सुन्नत, तुर्की, स्टार, लावर फोम, इंडोनेशिया में बनीं टोपियां मिल रही हैं. यह पहला मौका है जब रोजेदारों की पहली पसंद ईद के लिए देश में ही बनी रेशमी, सूती व प्लास्टिक की टोपियां हैं.

सुन्नत-ए-रसूल व इस्लाम की पहचान हैं टोपियां

मेन रोड के पास टोपी बेचने वाले मनान व सब्जी मंडी मार्केट में दुकानदार गुड्डू भाई बताते हैं कि इस्लाम में टोपी पहनना सुन्नत-ए-रसूल और इस्लाम की पहचान है. मार्केट में 20 रुपये से 200 रुपये कीमत तक की टोपियां हैं. गर्मी को ध्यान में रखते हुए हर उम्र के लोगों के लिए महीन व जालीदार टोपियां भी बाजार में उपलब्ध हैं.

ईद के नमाज का समय

7:30 बजे- जिला ईदगाह गोपालगंज

7:45 बजे- जमा मस्जिद, इस्लामिया मुहल्ला

8:00 बजे- आला हजरत मस्जिद फ्रेंड्स कालोनी

8:00 बजे- मरकजी मस्जिद पेट्रोल पंप

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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