gopalganj news : किशोर अपराध के प्रति कानूनी रूप से किया गया जागरूक

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gopalganj news : किशोर अपराध के प्रति कानूनी रूप से किया गया जागरूक

gopalganj news : जिला विधिज्ञ सेवा प्राधिकार की ओर से आयोजित हुआ कार्यक्रम

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गोपालगंज. जिला विधिक सेवा प्राधिकार गोपालगंज के तत्वावधान में रविवार को सिधवलिया प्रखंड के डुमरिया पंचायत भवन परिसर में जुवेनाइल जस्टिस एक्ट के तहत जागरूकता कैंप का आयोजन किया गया.

2015, पॉक्सो एक्ट, स्थायी लोक अदालत का गठन, कार्यस्थल पर महिलाओं का यौन उत्पीड़न (रोकथाम, निषेध और निवारण) अधिनियम 2013, विधिक सहायता विभिन्न विषयों पर विधिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन हुआ. कार्यक्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकार के पैनल अधिवक्ता शंभू मिश्रा तथा पीएलवी निधिकांत तिवारी की टीम द्वारा उपस्थित प्रतिभागियों को किशोर न्याय अधिनियम के प्रावधानों के अंतर्गत 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के अपराध एवं उनके वादों की सुनवाई हेतु किशोर न्याय परिषद तथा उनके सुरक्षित अभिरक्षा में रखने की स्थिति में रिमांड होम या प्लेस ऑफ सेफ्टी में भेजे जाने के बारे में जानकारी दी गयी. साथ ही छोटे बच्चों में होने वाले यौन अपराध एवं उनके लिए अलग से पॉक्सो न्यायालय की व्यवस्था, क्षतिपूर्ति के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकार में प्रावधान आदि के बारे में भी जानकारी दी गयी.

स्थायी लोक अदालत का निर्णय अंतिम

स्थायी लोक अदालत का उद्देश्य जनोपयोगी सेवाओं से संबंधित विवादों का सुलह और त्वरित समाधान सुनिश्चित करना है. स्थायी लोक अदालत एक ऐसी न्याय व्यवस्था है जो डाक, तार, टेलीफोन, वायु, सड़क द्वारा यात्रा या माल सेवा के लिए यातायात सेवा, बिजली, सार्वजनिक माल वाहन या स्वच्छता प्रणाली, अस्पताल या औषधालय सेवा, बीमा सेवा, आवास एवं रियल एस्टेट सेवा, शिक्षा सेवा, बैंकिंग सेवा आदि जैसी जन उपयोगी सेवाओं से संबंधित विवादों के निबटारे का मंच प्रदान करती है, जो लोक हित में आती है. सबसे खास बात यह है कि अदालत का निर्णय अंतिम होता है और सभी पक्षों पर बाध्यकारी होता है. स्थायी लोक अदालत की स्थापना से गोपालगंज के लोगों को न्याय पाने के लिए लंबी कानूनी प्रक्रिया से नहीं गुजरना होगा.

महिलाओं को यौन उत्पीड़न के प्रति किया जागरूक

कार्यस्थल पर महिलाओं का यौन उत्पीड़न पर कानूनी सहायता के अंतर्गत यह जानकारी दी गयी. कोई भी महिला जो किसी विभाग में कार्यरत है और कार्यस्थल पर उस महिला के साथ किसी प्रकार का यौन उत्पीड़न होता है, तो वह महिला उस विभाग में बनी यौन उत्पीड़न कमेटी के समक्ष अपना मामला रख सकती है.

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Shailesh Kumar

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