गोपालगंज सदर अस्पताल में एंटी रैबीज इंजेक्शन खत्म, कुत्ता काटने के मरीज परेशान; निजी दुकानों से महंगी दवा खरीदने की मजबूरी

एंटी रैबीज इंजेक्शन के लिये लाईन में खडे लोग
गोपालगंज सदर अस्पताल में एंटी रैबीज इंजेक्शन की भारी कमी से मरीजों को जान का खतरा सता रहा है। इंजेक्शन न मिलने से लोग महंगे दामों पर निजी दुकानों से दवा खरीदने को मजबूर हैं, जिससे उनकी परेशानी और बढ़ गई है।
Anti Rabies Injection: गोपालगंज सदर अस्पताल में पिछले चार दिनों से एंटी रैबीज इंजेक्शन उपलब्ध नहीं होने के कारण मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. कुत्ते और अन्य जानवरों के काटने के बाद इलाज कराने के लिए रोजाना ओपीडी पहुंचने वाले मरीजों को बिना इंजेक्शन लगाए ही वापस लौटना पड़ रहा है. समय पर एंटी रैबीज वैक्सीन की डोज नहीं मिलने से संक्रमण का खतरा बढ़ गया है, जिससे मरीजों और उनके परिजनों में चिंता का माहौल है.
ओपीडी में इलाज कराने पहुंचे लोगों का कहना है कि अस्पताल में इंजेक्शन नहीं मिलने के कारण उन्हें मजबूरी में निजी मेडिकल दुकानों से महंगे दाम पर एंटी रैबीज इंजेक्शन खरीदना पड़ रहा है. इससे आर्थिक परेशानी बढ़ गई है.
तीन दिनों से अस्पताल का चक्कर लगा रहे मरीज
थावे थाना क्षेत्र के वृंदावन गांव निवासी रामजी प्रसाद ने बताया कि तीन दिन पहले उन्हें कुत्ते ने काट लिया था. डॉक्टर ने एंटी रैबीज इंजेक्शन लगाने की सलाह दी, लेकिन अस्पताल में इंजेक्शन उपलब्ध नहीं था. मजबूरी में उन्हें निजी दुकान से महंगा इंजेक्शन खरीदना पड़ा.
वहीं, बरौली निवासी रीना देवी ने बताया कि उनके बेटे को कुत्ते ने काट लिया है. अस्पताल में इंजेक्शन नहीं मिलने से वह परेशान हैं. समय पर इलाज नहीं मिलने से बच्चे की तबीयत खराब होने का डर बना हुआ है.
कुचायकोट थाना क्षेत्र के सासामुसा गांव निवासी संतोष कुमार ने बताया कि वह पिछले दो दिनों से अस्पताल का चक्कर लगा रहे हैं. हर बार इंजेक्शन खत्म होने की बात कहकर वापस भेज दिया जाता है. मजबूरी में बाहर से दवा खरीदनी पड़ रही है, जो काफी महंगी है.
उचकागांव गांव निवासी कमलावती देवी ने कहा कि अस्पताल में सुविधा नहीं मिलने से गरीब मरीजों को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है. अगर समय पर इंजेक्शन नहीं मिला तो संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ सकता है, जिससे लोगों में डर का माहौल बना हुआ है.
बाजार से महंगा इंजेक्शन खरीदने की मजबूरी
एंटी रैबीज इंजेक्शन की कमी को लेकर मरीजों में आक्रोश है. लोगों ने जल्द से जल्द अस्पताल में वैक्सीन उपलब्ध कराने की मांग की है.
सदर अस्पताल के एंटी रैबीज इंजेक्शन प्रभारी ने बताया कि इस संबंध में सिविल सर्जन को जानकारी दी गई है. जल्द ही इंजेक्शन की आपूर्ति बहाल होने की उम्मीद है. फिलहाल मरीजों को इंतजार करना पड़ रहा है, जिससे उनकी परेशानी और बढ़ गई है.
कुत्ते के काटने पर बचाव के उपाय
1. तुरंत करें प्राथमिक उपचार
- घाव को तुरंत साबुन और बहते पानी से 10 से 15 मिनट तक धोएं.
- धोने के बाद एंटीसेप्टिक लगाएं.
- घाव पर मिर्च, हल्दी, तेल या कोई घरेलू चीज न लगाएं.
- घाव पर ज्यादा कसकर पट्टी न बांधें.
- खून बह रहा हो तो साफ कपड़े से हल्का दबाव डालें.
2. तुरंत डॉक्टर से लें सलाह
- बिना देरी किए नजदीकी अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र जाएं.
- डॉक्टर को कुत्ते के काटने का समय और कुत्ते की स्थिति (पालतू या आवारा) की जानकारी दें.
3. जरूरी टीकाकरण कराएं
- एंटी रैबीज वैक्सीन का पूरा कोर्स समय पर लगवाएं.
- जरूरत पड़ने पर डॉक्टर की सलाह से रैबीज इम्यूनोग्लोब्युलिन दिया जाता है.
- टेटनस का इंजेक्शन भी जरूर लगवाएं.
4. क्या न करें
- घाव को जलाएं, काटें या छेड़ें नहीं.
- इलाज में देरी बिल्कुल न करें.
- एंटी रैबीज वैक्सीन का कोर्स अधूरा न छोड़ें.
5. सावधानी रखें
- आवारा कुत्तों से दूरी बनाकर रखें.
- बच्चों को कुत्तों के पास जाने से पहले सावधानी सिखाएं.
- पालतू कुत्तों का समय पर टीकाकरण कराएं.
जल्द उपलब्ध होगा एंटी रैबीज इंजेक्शन: सिविल सर्जन
सदर अस्पताल के सिविल सर्जन डॉक्टर एम. इसरायल ने बताया कि डॉग बाइट के लिए इस्तेमाल होने वाला एंटी रैबीज इंजेक्शन फिलहाल अस्पताल में उपलब्ध नहीं है. इसके लिए विभाग को रिमाइंडर भेजा गया है. जल्द ही अस्पताल में वैक्सीन उपलब्ध हो जाएगी.
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