गोपालगंज: भोजपुरी भाषा के संरक्षण और उत्थान का संकल्प, ‘जय भोजपुरी-जय भोजपुरिया’ संस्था ने मनाया 12वां स्थापना दिवस

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जय भोजपुरी जय भोजपुरिया के कार्यक्रम में मौजूद अतिथि | Prabhat Khabar Network

जय भोजपुरी जय भोजपुरिया के कार्यक्रम में मौजूद अतिथि

गोपालगंज में 'जय भोजपुरी-जय भोजपुरिया' संस्था ने धूमधाम से अपना 12वां स्थापना दिवस मनाया. इस अवसर पर साहित्यकारों और कवियों ने भोजपुरी भाषा के संरक्षण, संवर्धन और इसके सांस्कृतिक महत्व पर अपने विचार रखे.

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Gopalganj News: भोरे प्रखंड के अमही मिश्र स्थित बजरंग निवास में ‘जय भोजपुरी-जय भोजपुरिया’ संस्था का 12वां स्थापना दिवस समारोह रविवार को धूमधाम और गरिमामय माहौल में आयोजित किया गया. कार्यक्रम में भोजपुरी भाषा के संरक्षण, संवर्धन और इसके महत्व को लेकर साहित्यकारों एवं कवियों ने अपने विचार रखे. समारोह में क्षेत्र के जाने-माने कवियों, साहित्यकारों और भोजपुरी प्रेमियों का जमावड़ा लगा रहा.

कार्यक्रम का शुभारंभ संस्था के उपाध्यक्ष सुभाष पांडेय द्वारा प्रस्तुत मां सरस्वती वंदना से हुआ. समारोह की अध्यक्षता जितेंद्र पांडेय ‘जौहर’ ने की, जबकि मंच का संचालन संजय मिश्र ‘संजय’ ने किया.

भोजपुरी केवल भाषा नहीं, संस्कृति और भावनाओं की पहचान

समारोह के प्रथम सत्र में भोजपुरी भाषा के महत्व और इसके संरक्षण को लेकर विचार गोष्ठी आयोजित की गयी. इसमें अमूल्यरत्न शुक्ल ‘युगानी’, सर्वेश तिवारी ‘श्रीमुख’ सहित अन्य वक्ताओं ने भोजपुरी भाषा की समृद्ध परंपरा और सांस्कृतिक विरासत पर प्रकाश डाला.

मुख्य वक्ता जितेंद्र पांडेय ‘जौहर’ ने कहा कि भोजपुरी केवल एक बोली नहीं, बल्कि प्रेम, करुणा, दया और अपनत्व की भाषा है. यह भाषा समाज के लोगों को आपसी रिश्तों और भावनाओं से जोड़ने का काम करती है. उन्होंने कहा कि भोजपुरी के संरक्षण के लिए नई पीढ़ी को इससे जोड़ना जरूरी है.

काव्य गोष्ठी में भोजपुरी गीतों और कविताओं की रही धूम

कार्यक्रम के दूसरे सत्र में भव्य काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया. इसमें क्षेत्र के प्रसिद्ध कवियों और साहित्यकारों ने भोजपुरी गीतों और कविताओं की प्रस्तुति देकर उपस्थित लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया.

कवि अरविंद श्रीवास्तव, अवधकिशोर ‘अवधु’, सत्यप्रकाश शुक्ल, माहिर विचित्र, रतनेश रतन, भूपेंद्र राय ‘गंवार’, उमेश चौबे ‘अश्क’, बृजेश त्रिपाठी, रविमंदन सैनी, हृदयानंद विशाल, नंदेश्वर मिश्र, सर्वेश तिवारी ‘श्रीमुख’, संगीत सुभाष और रतनेश कुमार ‘रतन’ ने अपनी रचनाओं की प्रस्तुति दी.

मंच संचालक एवं कवि संजय मिश्र ‘संजय’ की भोजपुरी रचना पर पूरा सभागार तालियों से गूंज उठा. उनकी पंक्तियों ने भोजपुरी भाषा की मिठास और सांस्कृतिक पहचान को दर्शाया.

भोजपुरी उत्थान के लिए मिलकर काम करने का आह्वान

समारोह में वक्ताओं ने कहा कि भोजपुरी भाषा हमारी संस्कृति, परंपरा और लोक जीवन की पहचान है. इसके संरक्षण और प्रचार-प्रसार के लिए समाज के सभी वर्गों को आगे आने की जरूरत है.

कार्यक्रम को सफल बनाने में संस्था के उपाध्यक्ष सुभाष पांडेय के साथ केशव तिवारी, रामेश्वर नाथ तिवारी, अमूल्य रत्न शुक्ल, रामसूरत मिश्र, दुर्गेश्वर नाथ तिवारी, विवेकानंद तिवारी, महेश्वर नाथ तिवारी और जितेंद्र तिवारी सहित आयोजन समिति के सदस्यों की महत्वपूर्ण भूमिका रही.

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सुरेश राय

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