रोजे के हालात में इनसान बन जाता है फरिश्ता

गोपालगंज : रमजान में हर बंदे की दुआ कुबूल होती है. बड़ी मसजिद के इमाम शौकत फहमी ने कहा कि हदीस पाक में यह जिक्र आता है कि रमजान के मुकद्दस महीने में प्रत्येक रात में सुबहे सादिक आसमान से एक मुनादी यह एलान करता है कि अच्छाई मांगने वाले यह मांगना खत्म कर और […]
गोपालगंज : रमजान में हर बंदे की दुआ कुबूल होती है. बड़ी मसजिद के इमाम शौकत फहमी ने कहा कि हदीस पाक में यह जिक्र आता है कि रमजान के मुकद्दस महीने में प्रत्येक रात में सुबहे सादिक आसमान से एक मुनादी यह एलान करता है कि अच्छाई मांगने वाले यह मांगना खत्म कर और खुशी मना कि तेरी दुआ कुबूल हो गयी है.
बुराई करनेवाले बुराई करने से बाज आ और इबरत हासिल कर. उन्होंने कहा कि रोजे के हालात में इनसान एक फरिश्ता बन जाता है. कोई मगफिरत की तालिब उसकी तलब पूरी की जाये, तौबा करनेवाले की दुआ कुबूल की जाये. अल्लाह त आला रमजानुल मुबारक की रात इफ्तार के वक्त साठ हजार गुनहगारों को दोजख से आजाद कर देता है और ईद्दुजहा के दिन पूरे महीने के बराबर गुनहगारों को माफी दी जाती है. अल्लाह के करमो फजल से रहमत के सभी दरवाजे खोल दिये जाते हैं और खूब मगफिरत दरवाजे तक्सीन किये जाते हैं.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए




