खरीदा गया ऑपरेटिंग माइक्रोस्कोप यंत्र

Published at :27 May 2017 11:25 PM (IST)
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खरीदा गया ऑपरेटिंग माइक्रोस्कोप यंत्र

पहल. उपेक्षित पड़े आंख अस्पताल को स्वास्थ्य विभाग से मिली संजीवनी आंखों के मरीजों के लिए यह अच्छी खबर है. 12 वर्षों के बाद आंख अस्पताल को दुरुस्त करने के मिशन पर होमवर्क शुरू हो गया है. अब मरीजों की आंखों का संपूर्ण इलाज यहां होगा. गोपालगंज : सदर अस्पताल परिसर में स्थित उपेक्षित पड़े […]

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पहल. उपेक्षित पड़े आंख अस्पताल को स्वास्थ्य विभाग से मिली संजीवनी

आंखों के मरीजों के लिए यह अच्छी खबर है. 12 वर्षों के बाद आंख अस्पताल को दुरुस्त करने के मिशन पर होमवर्क शुरू हो गया है. अब मरीजों की आंखों का संपूर्ण इलाज यहां होगा.
गोपालगंज : सदर अस्पताल परिसर में स्थित उपेक्षित पड़े आंख अस्पताल को संजीवनी मिली है. अस्पताल का कायाकल्प शुरू हो गया है. स्वास्थ्य विभाग ने सिविल सर्जन डॉ मधेश्वर प्रसाद शर्मा की पहल पर ऑपरेटिंग माइक्रोस्कोप यंत्र उपलब्ध करा दिया है. इस मशीन के मिलने से अब मोतियाबिंद के मरीजों की आंखों का ऑपरेशन करना आसान हो गया है. अगले माह से यहां आंखों का ऑपरेशन शुरू हो जायेगा. आंखों की जांच और ऑपरेशन की नि:शुल्क सुविधा यहां उपलब्ध होगी.
इसके अलावा मरीजों की आंखों की जांच करने के लिए यहां विशेषज्ञ डॉ आरके सिंह को जिम्मेवारी सौंपी गयी है. अस्पताल में नियमित ओपीडी चलाने के लिए भी निर्देश दिया गया है. डॉ आरके सिंह के अलावा डॉ एसके गुप्ता को तैनात किया गया है. प्राइवेट आंख अस्पतालों से बेहतर सुविधा अब यहां मिलेगी. ध्यान रहे कि तत्कालीन डीएम केके पाठक की पहल पर लायंस क्लब ने वर्ष 2005 में आंख अस्पताल बनाया था. भवन बनने के बाद आज तक उसमें एक भी मरीज का इलाज नहीं हुआ. आंख अस्पताल को जिन यंत्रों की जरूरत थी, उसे खरीदा नहीं गया था. नतीजा है कि आंख के मरीजों को नेपाल में लहान,
सारण में मस्तीचक, गोरखपुर, पटना के नर्सिंग होम में इलाज कराना पड़ता था.
अब नि:शुल्क लगेगा आंखों में लेंस :आंख अस्पताल को बेहतर बनाने में जुटे सिविल सर्जन डॉ शर्मा का कहना है कि आंखों के ऑपरेशन के साथ ही लेंस भी लगाया जायेगा. लेंस अस्पताल से फ्री दिया जायेगा. यहां ऑपरेशन कराने पर मरीजों को दवा से लेकर चश्मा तक फ्री में उपलब्ध कराया जायेगा. रेफरल और पीएचसी से भी मरीजों को यहां भेजने में सहयोग लिया जायेगा. मरीजों को खाना और बेहतर देखभाल का इंतजाम होगा. मरीजों के भरोसे को जीतना ही हमारी सफलता होगी.
प्रतिदिन आठ-10 मरीजों की आंखों का होगा ऑपरेशन
सीएस ने की समीक्षा
आंख अस्पताल में सिविल सर्जन ने पहुंच कर तैयारियों की समीक्षा की. इस दौरान अस्पताल के वार्ड में नया बेड लगाने तथा ओपीडी और आॅपरेशन थियेटर में आवश्यक सामग्री को उपलब्ध कराने पर मंथन किया. डीपीएम अरविंद कुमार झा, अस्पताल प्रबंधक अमरेंद्र कुमार के साथ सीएस ने गंभीरतापूर्वक कार्यों को पूरा कराने को कहा.
साथ ही जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में जो कमियां हैं उसे दूर करने के लिए प्रस्ताव लाने को कहा, ताकि इस माह में आंखों का आॅपरेशन आदि को शुरू करा दिया जाये.
नर्सिंग होग से बेहतर सुविधा
आंख अस्पताल का भवन गोदाम की तरह था. जब मैंने योगदान किया था, तो यहां सूअर घूमते थे. मैंने संकल्प लिया था कि इसकी व्यवस्था सुधार कर जाऊंगा. अब यहां नर्सिंग होम से बेहतर सुविधा उपलब्ध होगी.
डॉ मधेश्वर प्रसाद शर्मा, सिविल सर्जन, गोपालगंज
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