30 दिनाें में राशि जमा करने का आदेश

Published at :14 Apr 2017 4:56 AM (IST)
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30 दिनाें में राशि जमा करने का आदेश

शिकंजा. उत्पाद अधीक्षक ने जेल में बंद 14 आरोपितों पर नीलाम पत्र वाद दाखिल किया राशि जमा नहीं करने पर संपत्ति होगी नीलाम गोपालगंज : खजूरबानी शराबकांड के आरोपितों पर कानून का शिकंजा कसने लगा है. उत्पाद अधीक्षक ने 14 आरोपितों पर नीलाम पत्र वाद दाखिल किया है. नीलाम पत्र शाखा ने नोटिस जारी कर […]

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शिकंजा. उत्पाद अधीक्षक ने जेल में बंद 14 आरोपितों पर नीलाम पत्र वाद दाखिल किया

राशि जमा नहीं करने पर संपत्ति होगी नीलाम
गोपालगंज : खजूरबानी शराबकांड के आरोपितों पर कानून का शिकंजा कसने लगा है. उत्पाद अधीक्षक ने 14 आरोपितों पर नीलाम पत्र वाद दाखिल किया है. नीलाम पत्र शाखा ने नोटिस जारी कर 30 दिनों के भीतर राशि जमा करने का आदेश दिया है. नोटिस तामील कराने के लिए उत्पाद अधीक्षक को उपलब्ध कराया गया है. मद्य निषेध उत्पाद अधिनियम 2016 की धारा 58 के तहत शराबकांड के आरोपितों से राशि रिकवर करने के लिए समाहर्ता के कोर्ट में सुनवाई हुई. डीएम राहुल कुमार ने संज्ञान लेते हुए 27 जनवरी को कांड के 14 आरोपितों पर 88 लाख की राशि रिकवरी यानी प्रत्येक आरोपित से 6.28 लाख 857 रुपये का प्रतिकर लगाया था.
30 दिनों के भीतर राशि जमा करने का निर्देश दिया गया था. ये सभी आरोपित जेल में बंद है. 26 फरवरी तक राशि जमा नहीं करने पर इन पर नीलाम पत्र वाद दाखिल करने का आदेश दिया गया था. उत्पाद अधीक्षक प्रिय रंजन ने डीएम कोर्ट के आदेश के अनुरूप नीलाम पत्र वाद दाखिल किया. इस पर जिला नीलाम पत्र वाद पदाधिकारी परमानंद साह ने 30 दिनों के भीतर निर्धारित राशि जमा करने का नोटिस जारी किया. उत्पाद विभाग जेल में बंद आरोपितों को नोटिस तामील कराने पहुंचा.
खजूरबानी कांड के ये हैं आरोपित
खजूरबानी कांड के मुख्य आरोपित नगीना पासी, रीता देवी, कन्हैया पासी, लालझरी देवी, सनोज पासी, लालबाबू पासी, छठु पासी, संजय चौधरी, रंजय चौधरी, मुन्ना चौधरी, राजेश पासी, ग्रहण पासी, कैलाशो देवी, इंदु देवी हैं. इनके द्वारा खजूरबानी में जहरीली शराब बना कर बेचने का कारोबार किया जाता था. यहां शराब पीने से 16-17 अगस्त, 2016 को 19 लोगों की मौत तथा आधा दर्जन लोग गंभीर रूप से बीमार हो गये थे.
नोटिस लेने से आरोपितों का इनकार : उत्पाद विभाग के अधिकारी गुरुवार को जेल अधीक्षक के माध्यम से आरोपितों को नोटिस रिसीव कराने पहुंचे, तो उन्होंने लेने से इनकार कर दिया. इसकी रिपोर्ट जिला नीलाम पदाधिकारी के यहां की गयी है. जानकारों का कहना है कि नोटिस लेने से इनकार करने के बाद कोर्ट को अब संपत्ति नीलामी की प्रक्रिया शुरू करनी है. इस मामले में आरोपित पहले से जेल में बंद हैं. उन पर अब नोटिस और वारंट की जरूरत नहीं है.
आरोपितों से 88 लाख रुपये करना है रिकवर
नीलाम होगी संपत्ति
उत्पाद विभाग ने समाहर्ता कोर्ट के निर्णय के अनुरूप नीलाम पत्र वाद दाखिल किया. नोटिस तामील कराने का आदेश हुआ. आरोपितों ने नोटिस लेने से इनकार किया है. अब संपत्ति नीलाम करने की प्रक्रिया शुरू की जायेगी.
प्रियरंजन उत्पाद अधीक्षक गोपालगंज
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