नोटबंदी के दौरान जमा राशि की देनी होगी जानकारी

Published at :08 Apr 2017 6:48 AM (IST)
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नोटबंदी के दौरान जमा राशि की देनी होगी जानकारी

रिटर्न फाइल करने के दौरान देनी होगी सूचना गोपालगंज : आयकर विवरणी (रिटर्न) फाइल करते समय अब आपको नोटबंदी की अवधि में बैंक में जमा की गयी धनराशि की जानकारी देनी होगी. कर निर्धारण वर्ष 2017-18 के लिए जारी आयकर विवरणी में यह प्रावधान किया गया है. इसमें गत वर्ष आठ नवंबर से 30 दिसंबर […]

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रिटर्न फाइल करने के दौरान देनी होगी सूचना
गोपालगंज : आयकर विवरणी (रिटर्न) फाइल करते समय अब आपको नोटबंदी की अवधि में बैंक में जमा की गयी धनराशि की जानकारी देनी होगी. कर निर्धारण वर्ष 2017-18 के लिए जारी आयकर विवरणी में यह प्रावधान किया गया है. इसमें गत वर्ष आठ नवंबर से 30 दिसंबर तक यदि दो लाख से अधिक पुराने नोट जमा किये गये हैं, तो आयकर विवरणी में जमा रकम का विवरण देना अनिवार्य होगा. इसके साथ ही पहली जुलाई तक आधार को पैन नंबर से लिंक कराना भी अनिवार्य कर दिया गया है. ऐसा न होने की स्थिति में पैन रद्द हो जायेगा.
विभागीय अधिकारियों के अनुसार पिछले वर्ष आठ नवंबर से 30 दिसंबर तक की नोटबंदी की अवधि के दौरान किसी व्यक्ति या संस्था की ओर से की गयी सभी जमा की जानकारी हासिल करने के लिए एक नया काॅलम बनाया गया है. आयकर विभाग ने नोटबंदी की अवधि के दौरान किसी अघोषित जमा की जानकारी देने के लिए ऑपरेशन क्लीन मनी और प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत टैक्स पेयर्स काे मौका दिया था. अब आइटीआर फाॅर्म में नये काॅलम के जरिये सभी जमा धनराशि की जानकारी ली जायेगी. विभाग ने उन मामलों में नोटिस जारी नहीं किया है, जहां कम रकम जमा करायी गयी थी. नये आइटीआर फाॅर्म में आधार नंबर देने के लिए भी काॅलम होगा. पिछले वर्ष आधार कार्ड की जानकारी देना वैकल्पिक था, लेकिन इस वर्ष इसे अनिवार्य कर दिया गया है.
30 अप्रैल के बाद बिना आधार ट्रांजेक्शन नहीं : यदि आप 30 अप्रैल तक अपने बैंक खाते को आधार से लिंक नहीं कराते हैं, तो जमा व निकासी नहीं कर सकेंगे. ट्रांजेक्शन तभी कर पायेंगे जब आपका खाता आधार से लिंक होगा. पहले यह तिथि 31 मार्च थी. बैंक प्रबंधक खातों को आधार से लिंक करने पर सख्त हो गये हैं. अभी तक करीब 6.3 लाख बैंक खाते ऐसे हैं, जो आधार से लिंक नहीं हो पाये हैं. जिले में लगभग 22 लाख बैंक खाते हैं.
कुछ बैंकों में एक व्यक्ति के नाम से कई खाते हैं. सरकार बैंकों के माध्यम से लंबे समय से केवाइसी की प्रक्रिया के तहत पहचान पत्र, पैन कार्ड आदि दस्तावेज खाते से जुड़वा रही है. नोटबंदी के बाद इसे और सख्ती से लागू कर दिया गया है. इसमें आधार कार्ड को प्रमुखता से बैंक खातों से लिंक करवाने का लक्ष्य रखा गया है.
ताकि एक व्यक्ति के सारे खाते एक पोर्टल पर लाये जा सकें और लेन-देन का सही डाटा रिकॉर्ड हो सके. बैंक अधिकारियों का कहना है कि आधार से लिंक न कराने पर लेनदेन नहीं होगा.
आयकर से बचने के लिए कई खाते : आयकर विभाग की कार्रवाई से बचने के लिए लोग एक से ज्यादा बैंक खाते रखते हैं. ऐसे लोग इनकम टैक्स रिटर्न में एक या दो खातों का ही उल्लेख करते हैं. अब इन खातों को आपस में जोड़े जाने की कवायद भी की जा रही है. आधार कार्ड से व्यक्ति की पहचान, आखों के रेटिना, अंगुलियों और अंगूठे के निशान से की जाती है. बैंक खातों में एक बार आधार संख्या दर्ज होने पर उन्हें एक पोर्टल पर लाना बेहद आसान हो जायेगा.
बैंक शाखाओं में अलग से व्यवस्था : बैंक की सभी शाखाओं को आधार लिंक कराने के लिए विशेष व्यवस्था की गयी है. खाताधारक तय तिथि के पहले तक अपने बैंक खाते को आधार से लिंक करा लें, अन्यथा ट्रांजेक्शन नहीं कर पायेंगे.
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