विभाग से शिक्षकों की कुंडली तलब
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :24 Mar 2017 3:40 AM (IST)
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शिकंजा. शिक्षक नियोजन की जांच कर रही निगरानी का कड़ा रुख, शुरू की कार्रवाई गोपालगंज : फर्जीवाड़ा कर शिक्षक बनने वालों के लिए यह बुरी खबर है. निगरानी ने शिक्षकों की कुंडली खंगालना शुरू कर दिया है. अब तक की गयी कार्रवाई की ब्योरा तलब करते हुए शिक्षा विभाग से शिक्षकों की सूची मांगी गयी […]
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शिकंजा. शिक्षक नियोजन की जांच कर रही निगरानी का कड़ा रुख, शुरू की कार्रवाई
गोपालगंज : फर्जीवाड़ा कर शिक्षक बनने वालों के लिए यह बुरी खबर है. निगरानी ने शिक्षकों की कुंडली खंगालना शुरू कर दिया है. अब तक की गयी कार्रवाई की ब्योरा तलब करते हुए शिक्षा विभाग से शिक्षकों की सूची मांगी गयी है. यह सूची जांच की कड़ी में काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है. विभाग से सूची मिलते ही फर्जी शिक्षकों पर कार्रवाई तय मानी जा रही है. विभागीय सूत्रों की मानें, तो अब भी अमान्य संस्थानों से डिग्री हासिल करने वाले शिक्षक बने हुए हैं. लगातार उनके द्वारा वेतन भी लिया जा रहा है.
निगरानी के इंस्पेक्टर ने पत्र भेज कर निगरानी कोषांग के नोडल पदाधिकारी सह डीपीओ संजय कुमार से पूरा ब्योरा एक सप्ताह के भीतर तलब किया है. निगरानी से आदेश मिलते ही शिक्षा विभाग ने सभी बीइओ को पत्र भेज कर तत्काल प्रभाव से मांगी गयी रिपोर्ट को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है.
महज छह नियोजन इकाइयों पर हुई प्राथमिकी : शिक्षक नियोजन में मेधा सूची उपलब्ध नहीं कराने वाली नियोजन इकाइयों पर प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया गया था. इस आदेश पर विजयीपुर प्रखंड में पंचायत सरूपायी, कुटिया, पगरा, मुसेहरी, बेलवा, बंधौरा नियोजन इकाई पर प्राथमिकी दर्ज करायी गयी. अन्य किसी भी प्रखंड में कोई कार्रवाई नहीं हुई. अब मेधा सूची उपलब्ध नहीं होने के कारण निगरानी से लेकर विभाग तक परेशान है.
निगरानी का आदेश मिलते ही विभाग में मचा हड़कंप
इन बिंदुओं पर मांगी गयी रिपोर्ट
प्रखंड के अंतर्गत कार्यरत नियोजित शिक्षकों को सूची विद्यालयवार, जो वेतन पा रहे हैं. नियोजन वर्ष एवं पदस्थापना विवरणी संहित.
पंचायत अंतर्गत नियोजित शिक्षकों की सूची, जो वेतन प्राप्त कर रहे है. नियोजन वर्ष एवं पदस्थापना विवरणी सहित.
उच्च न्यायालय द्वारा प्रदत्त एमनेस्टिर पीरियड में कितने शिक्षकों त्याग पत्र हुआ है. उसका प्रखंडवार/ पंचायतवार विद्यालय के नाम सहित सभी शैक्षणिक/प्रशैक्षणिक प्रमाणपत्र की सूची.
प्रमाणित करें कि एक भी शिक्षक का फोल्डर निगरनी जांच हेतु उपलब्ध कराना शेष नहीं है.
वांछित कागजात/ नियोजन इकाइयों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज किये गये ब्योरा, आपके स्तर से की गयी कार्रवाई की अद्यतन स्थिति.
नियोजन इकाइयों ने विभाग को नहीं दी मेधा सूची
शिक्षक नियोजन में फर्जीवाड़ा को देखते हुए वर्ष 2003, 2005, 2006, 2008 तथा 2012 में हुए शिक्षक नियोजन की मेधा सूची विभाग ने नियोजन इकाइयों से तलब की थी. इसमें मेधा सूची उपलब्ध नहीं कराने वाले पंचायत सचिवों पर प्राथमिकी दर्ज कराने का आदेश डीडीसी ने सभी बीडीओ को भेजा था. पांच अक्तूबर, 2016 को भेजे गये आदेश के बाद भी पंचायत नियोजन इकाइयों ने मेधा सूची विभाग को उपलब्ध नहीं करायी. सूची उपलब्ध नहीं होने के कारण जांच प्रक्रिया जहां खटाई में पड़ी हुई है, वहीं फर्जी शिक्षकों पर कार्रवाई नहीं हो पा रही है. डीडीसी के आदेश के बाद भी अधिकतर नियोजन इकाइयों ने मेधा सूची विभाग को उपलब्ध नहीं करायी.
फर्जी टीइटी पर शिक्षक उठा रहे वेतन
निगरानी कोषांग की जांच में लगभग 250 फर्जी टीइटी पर शिक्षकों का नियोजन पाया गया. फर्जी टीइटी पर कार्यरत शिक्षकों पर कार्रवाई करने के लिए नियोजन इकाई को अक्तूबर, 2016 में डीपीओ स्थापना संजय कुमार ने आदेश जारी किया. इनमें सैकड़ों की संख्या में अब भी फर्जी टीइटी पर कार्यरत शिक्षक बने हुए हैं. हैरत इस बात का है कि विभाग इनका वेतन का भुगतान भी कर रहा. विभाग के पास नियोजन इकाइयों के द्वारा की गयी कार्रवाई की कोई जानकारी तक उपलब्ध नहीं है. अब निगरानी से शिकंजा कसे जाने के बाद इन शिक्षकों की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं.
क्या कहते हैं अधिकारी
टीइटी में फर्जी शिक्षकों के मामले में विभाग गंभीर है. नियोजन इकाइयों को स्मार पत्र भेजा जा रहा है. अगर नियोजन इकाइयों ने कार्रवाई नहीं की है, तो इन पर कार्रवाई के लिए जिला प्रशासन को लिखा जायेगा.
संजय कुमार, डीपीओ सह नोडल पदाधिकारी निगरानी, गोपालगंज
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