तटबंधों पर गंडक नदी का दबाव बरकरार

Published at :02 Aug 2016 6:30 AM (IST)
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तटबंधों पर गंडक नदी का दबाव बरकरार

रिसाव जारी . बाढ़ नियंत्रण विभाग के अभियंताओं की बढ़ी बेचैनी, लोग परेशान गोपालगंज : तटबंधों पर गंडक नदी का दबाव बरकरार है. नदी के दबाव से तटबंधों पर रिसाव तेज हो रहा है. हालांकि बाढ़ नियंत्रण विभाग के अभियंताओं ने यहां बचाव कार्य तेज कर दिया है. पतहरा तटबंध पर सोमवार को भी रिसाव […]

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रिसाव जारी . बाढ़ नियंत्रण विभाग के अभियंताओं की बढ़ी बेचैनी, लोग परेशान

गोपालगंज : तटबंधों पर गंडक नदी का दबाव बरकरार है. नदी के दबाव से तटबंधों पर रिसाव तेज हो रहा है. हालांकि बाढ़ नियंत्रण विभाग के अभियंताओं ने यहां बचाव कार्य तेज कर दिया है. पतहरा तटबंध पर सोमवार को भी रिसाव जारी था. तटबंध पर रिसाव के कारण अभियंताओं की बेचैनी बढ़ी हुई है. स्थिति यह है कि यहां बाढ़ एक्सपर्ट अधीक्षण अभियंता मुरलीधर सिंह, जेपी सिंह, श्याम बाबू, कार्यपालक अभियंता शरत कुमार की टीम तटबंध की बचाव में जुटे हैं. इस बीच सिधवलिया के सलेमपुर तटबंध पर भी रिसाव तेज हो गया. अभियंता ने अभी यहां पहुंच कर बचाव कार्य शुरू किया कि बैकुंठपुर के विक्रमपुर में तटबंध पर रिसाव होने लगा. रिसाव के पीछे तटबंध का जर्जर स्थिति बताया जा रहा है. सलेमपुर और विक्रमपुर में वर्षों से तटबंध पर ध्यान नहीं दिया गया है जिसके कारण स्थिति बिगड़ने की आशंका बनी हुई है.
मोहदीपुर पकड़िया में चार सौ परिवारों ही हालत गंभीर : बरौली. प्रखंड की मोहदीपुर पकड़िया पंचायत के लगभग चार सौ परिवारों की हालत गंभीर है. दस दिनों से बाढ़ की चपेट में यह परिवार घिरा हुआ है. दाने – दाने के लिए लोग मुहताज हैं. एक नाव तक नहीं है कि ये लोग बाहर आ सके. पीड़ितों ने इसकी सूचना बरौली सीओ को दी. सीओ ने मुखिया से तसदीक करायी. मुखिया को मोहदीपुर पकड़िया, दियर रूपनछाप, किनूराम के टोला के लोगों ने वोट नहीं दिया था, जिसके कारण मुखिया ने सीओ को बता दिया कि पूरा गांव नदी में कट चुका है. यहां कोई नहीं रहता. नतीजा है कि गांव में घिरे लोग भूख और प्यास से तड़प रहे हैं. उनकी कोई सहायता करनेवाला नहीं है.
बाढ़ में बह कर आये हिरनों को बचाया : बैकुंठपुर. वाल्मीकि नगर जंगल से बाढ़ के पानी में बह कर आनेवाले हिरनों को लोगों ने थाने को सुपुर्द किया. थाने में कार्यरत जमादार सुरेश ठाकुर ने अपने खाना में से हिरनों को खिलाया. उससे भी संतुष्ट नहीं हुए तो थाना परिसर से घास काट कर उन्हें खिलाया.
बाढ़ के पानी में डूबने से तीन मरे
बैकुंठपुर. बाढ़ के पानी में डूबने से अबतक तीन लोग मर चुके हैं. मरनेवालों में पकहां गांव के सुग्रीम राय की पत्नी 50 वर्षीया संवारिया कुंवर, सुरेश राय की तीन माह की मासूम करिश्मा व बलरा गांव के सुखदेव पटेल के 30 वर्षीय पुत्र शंभु पटेल शामिल हैं. मृतकों के परिजनों को मुआवजा दिलाने के लिए आपदा के तहत पूर्व विधायक मंजीत सिंह व बैकुंठपुर के वर्तमान विधायक मिथिलेश तिवारी ने बात कही है.
बाढ़ राहत कैंप कागज में सिमटा
बैकुंठपुर. बाढ़ राहत कैंप लगा कर पीड़ितों को खाना, पानी, दवा, पाॅलीथिन, मवेशी को चारा, दवाई व अन्य आवश्यक सुविधाओं को लेकर खोरमपुर, महारानी, बहरामपुर, फैजुल्लाहपुर व प्यारेपुर सहित पांच जगहों को प्रशासन की ओर से तैयारी थी, मगर बाढ़पीड़ितों की सुनें तो मात्र खोरमपुर व बहरामपुर में खाना बनाया जा रहा है.
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