गोपालगंज : दलित उत्पीड़न के तहत मौत होने या हत्या, मृत्यु, नरसंहार, डकैती के दौरान अनुसूचित जाति जनजाति के मुखिया की हत्या हो जाये, तो उसके आश्रित को सरकार की तरफ से साढ़े चार हजार प्रति माह की पेंशन दी जायेगी. इसके अलावे 90 हजार से लेकर दो लाख तक का मुआवजा भी दिया जाता है.
सरकार ने दलित और महादलित परिवार को पेंशन की राशि से जीवनयापन करने की व्यवस्था की है. इस योजना के तहत जिले के पांच ऐसे परिवार का चयन किया गया है, जिनकी मौत डकैती या झड़प के दौरान हुई है. उनके आश्रिातों को प्रतिमाह पेंशन की राशि उनके बैंक एकाउंट में सीधे भेजा जा रहा. सरकार का उद्देश्य है कि समाज के मुख्य धारा से इन्हें जोड़ा जा सके.

