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दवाओं की जान खतरे में दुखद . लो वोल्टेज के कारण ठीक से कूल नहीं कर रहा फ्रिज

28 Apr, 2016 3:24 am
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दवाओं की जान खतरे में दुखद . लो वोल्टेज के कारण ठीक से कूल नहीं कर रहा फ्रिज

गोपालगंज : जीवनरक्षक दवाओं की जान खतरे में है. यह स्थिति जिले में लचर बिजली आपूर्ति के कारण उत्पन्न हुई है. कई-कई घंटे बिजली गुल रहने से जीवनरक्षक दवाओं का दम निकल रहा है. इससे दुकानदारों को आर्थिक नुकसान हो रहा है. जीवनरक्षक दवाओं के लिए फ्रिज जरूरी है. मगर, घंटों बिजली गुल रहने पर […]

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गोपालगंज : जीवनरक्षक दवाओं की जान खतरे में है. यह स्थिति जिले में लचर बिजली आपूर्ति के कारण उत्पन्न हुई है. कई-कई घंटे बिजली गुल रहने से जीवनरक्षक दवाओं का दम निकल रहा है. इससे दुकानदारों को आर्थिक नुकसान हो रहा है. जीवनरक्षक दवाओं के लिए फ्रिज जरूरी है. मगर, घंटों बिजली गुल रहने पर यह गरम हो जाता है. ऐसी दवाएं मरीजों पर असर नहीं कर पाती हैं. इलेक्ट्रॉनिक्स सामान के विक्रेता राजीव कुमार सिंह बताते हैं कि बिजली नहीं रहने से सिंगल डोर के फ्रिज के अंदर का तापमान करीब डेढ़ घंटे तक ही मेंटेन रहता है.

जाहिर है कि तीन घंटे से अधिक समय तक बिजली की कटौती की स्थिति में फ्रिज में रखे वैक्सीन की गुणवत्ता कुप्रभावित होने लगती है. दवा विक्रेता कृष्णा प्रसाद बताते हैं कि यदि तीन-चार घंटे तक लगातार बिजली न रहे, तो भी फ्रिज के अंदर का तापमान मेंटेन रहता है . फिजिशियन डॉ विकास कुमार बताते हैं कि कोई भी वैक्सीन शून्य डिग्री सेल्सियस से नीचे तथा आठ डिग्री सेल्सियस से अधिक तापमान में नहीं रखना चाहिए.

चार से आठ डिग्री सेल्सियस का तापमान वैक्सीन रखने के लिए औसतन है.
घंटों बिजली गुल रहने से दवा दुकानदारों में नाराजगी
वैक्सीन को चाहिए चार से 10 डिग्री तापमान
जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ शक्ति सिंह बताते हैं कि अधिकतर वैक्सीन को चार से लेकर 10 डिग्री सेल्सियस तक के तापमान की जरूरत होती है. इनमें टेटनेस, एंटी रैबीज, पोलियो, हेपेटाइटिस-बी आदि हैं.
खून खराब होने का खतरा
ब्लड बैंक में रक्त की यूनिट भी फ्रिज में रहती है. सदर अस्पताल में ब्लड बैंक के फ्रिजों का तापमान दो से आठ डिग्री सेल्सियस तक होना बेहद जरूरी है. विद्युत सप्लाइ बाधित होने की स्थिति में ब्लड बैंक के फ्रिज दो-तीन घंटे तक तापमान बरकरार रखते हैं. अगर इससे ज्यादा समय तक बिजली या जेनेरेटर से फ्रिज नहीं चले, तो उनमें रखे ब्लड के सेल्स सूखने लगते हैं. ब्लड के ह्यूमोलाइज (खराब) होने का खतरा बढ़ने लगता है.
क्या कहते हैं दवा दुकानदार
लो वोल्टेज के कारण फ्रिज ठीक ढंग से कूल नहीं कर पा रहा है. बिजली की कुव्यवस्था से परेशानी है. फिर भी आवश्यक दवाओं के लिए फ्रिज को वैकल्पिक व्यवस्था बना कर चलाया जाता है. सभी मरीजों को अच्छी दवा उपलब्ध करायी जा रही है.
परखते हैं गुणवत्ता
औषधि निरीक्षण कृष्णा कुमारी ने बताया कि ज्यादा विद्युत कटौती की स्थिति में फ्रिज में रखे वैक्सीन की गुणवत्ता परखने के लिए समय-समय पर जांच की जाती है. हालांकि अभी तक ऐसा कोई मामला सामने नहीं आया है, जहां वैक्सीन खराब हुआ हो. फिर भी हम दवा विक्रेताओं से लगातार संपर्क कर दवाओं की गुणवत्ता बरकरार रखने की बाबत संवाद करते रहते हैं. दिन में कटौती की स्थिति में कई दवा विक्रेता जेनेरेटर की व्यवस्था भी रखते हैं.
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