सरकारी भवन में आधार संख्या का हो पंजीकरण : श्रवण

Updated at :19 Jan 2016 6:45 PM
विज्ञापन
सरकारी भवन में आधार संख्या का हो पंजीकरण : श्रवण

सरकारी भवन में आधार संख्या का हो पंजीकरण : श्रवण कार्यशाला. आरटीपीएस सेंटरों पर भी होगा आधार का निबंधनसंवाददाता, पटनाग्रामीण विकास सह संसदीय कार्य मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि आधार का पंजीकरण निजी भवनों में किया जा रहा है. इससे लोगों में संदेह पैदा होता है. पंचायत सहित सभी स्तरों पर सरकारी भवन उपलब्ध […]

विज्ञापन

सरकारी भवन में आधार संख्या का हो पंजीकरण : श्रवण कार्यशाला. आरटीपीएस सेंटरों पर भी होगा आधार का निबंधनसंवाददाता, पटनाग्रामीण विकास सह संसदीय कार्य मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि आधार का पंजीकरण निजी भवनों में किया जा रहा है. इससे लोगों में संदेह पैदा होता है. पंचायत सहित सभी स्तरों पर सरकारी भवन उपलब्ध हैं. पंचायत स्तर पर पंचायत सरकार भवन, आंगनबाड़ी केंद्र, मनरेगा भवन या सरकारी विद्यालय हैं. ऐसे सभी सरकारी भवनों में पंजीकरण होना चाहिए. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इसकी घोषणा की है कि अब राज्य के आरटीपीएस सेंटरों पर भी आधार का पंजीकरण किया जायेगा. उन्होंने बताया कि आधार पंजीकरण के लक्ष्य को छह माह में पूरा कर लिया जायेगा. ग्रामीण विकास मंत्री मंगलवार को आधार परियोजना पर आयोजित कार्यशाला व समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने कहा कि सरकार सभी कार्यों में पारदर्शिता लाना चाहती है. इसके लिए आवश्यक है कि राज्य के सभी नागरिकों का आधार पंजीकरण हो. सभी तरह की सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे लाभुकों के खाते में भेजी जा रही है. चाहे वह मनरेगा की राशि हो, इंदिरा आवास का पैसा, शौचालय निर्माण या पेंशन योजना सहित सभी तरह के सामाजिक सुरक्षा के लाभ इसी के माध्यम से लोगों तक पहुंचाये जा रहे हैं. आधार के निबंधन में जुटे अधिकारियों व कर्मचारिरियों को आगाह करते हुए श्री कुमार ने कहा कि इस रफ्तार से निबंधन का लक्ष्य नहीं पाया जा सकता. उन्होंने अपने प्रखंड के अंतर्गत निजी आवास में किये जा रहे निबंधन पर आपत्ति भी जतायी. कार्यशाला को संबोधित करते हुए यूआइडीओआइ के डीजी व एमडी डॉ अजय भूषण पांडेय ने कहा कि बिहार ने देर से आधार पंजीकरण शुरू किया है, पर जल्द ही इसने अपनी गति पकड़ ली है. राज्य में छह करोड़ 40 लाख लोगों का पंजीकरण हो चुका है. उन्होंने सुझाव दिया कि हर राज्यों ने आधार निबंधन के अभियान के बाद स्थायी निबंधन सेंटरों की स्थापना की है. बिहार सरकार को भी ऐसे सेंटरों की स्थापना करनी चाहिए. उन्होंने कहा कि जन्म के बाद से ही आधार का निबंधन किया जाता है. पर, पांच वर्ष तक की आयु तक के बच्चों की आंख व बायोमीटरिक के नमूने नहीं लिये जाते हैं. छोटे बच्चों को 15 वर्ष के बाद अपना एक बार फिर से निबंधन का अपग्रेडेशन कराना होगा. अपग्रेडेशन के बाद भी किसी बच्चे का वही निबंधन संख्या होगा, जो पहले से चला आ रहा है. उसमें कोई बदलाव नहीं होगा. कार्यशाला को संबोधित करनेवालों में यूआइडीएआइ, बिहार राजेश कुमार, ग्रामीण विकास विभाग के सचिव अरविंद चौधरी, क्षेत्रीय पदाधिकारी नंदना मुंशी, बालाजी, राकेश कुमार और चंद्रजीत ने भी संबोधित किया.

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन