हर जिले में चिटफंड कंपनियों पर एक ही एफआइआर

हर जिले में चिटफंड कंपनियों पर एक ही एफआइआरजांच में आयेगी तेजी- बिहार प्रोटेक्शन ऑफ इंटरेस्ट ऑफ डिपोजिटर्स एक्ट में नया प्रावधान जोड़ने की तैयारी- इससे मुकदमे की छानबीन में लगेगा कम समय, निवेशकों के पैसे लौटाने में होगी सहूलियतसंवाददाता, पटनाराज्य में करीब 150 फर्जी चिटफंड या नॉन-बैंकिंग फाइनेंस कंपनियां (एनबीएफसी) लोगों की मोटी जमापूंजी […]
हर जिले में चिटफंड कंपनियों पर एक ही एफआइआरजांच में आयेगी तेजी- बिहार प्रोटेक्शन ऑफ इंटरेस्ट ऑफ डिपोजिटर्स एक्ट में नया प्रावधान जोड़ने की तैयारी- इससे मुकदमे की छानबीन में लगेगा कम समय, निवेशकों के पैसे लौटाने में होगी सहूलियतसंवाददाता, पटनाराज्य में करीब 150 फर्जी चिटफंड या नॉन-बैंकिंग फाइनेंस कंपनियां (एनबीएफसी) लोगों की मोटी जमापूंजी लेकर भाग चुकी हैं. इनमें अधिकतर कंपनियों के खिलाफ विभिन्न जिलों में एफआइआर दर्ज कर जांच की कार्रवाई चल रही है. अब ऐसी फर्जी कंपनियों के खिलाफ दर्ज मामलों की जल्द सुनवाई करने और जमाकर्ताओं के पैसे लौटाने के उद्देश्य से प्रत्येक जिले में एक ही एफआइआर कराने की कवायद शुरू हो गयी है. इसके तहत सभी जिलों में जितनी भी फर्जी एनबीएफसी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है, उन सभी कंपनियों के खिलाफ मामले को एक स्थान पर करके एक ही एफआइआर दर्ज की जायेगी यानी एक ही एफआइआर में संबंधित जिले की सभी फर्जी चिटफंड कंपनियों पर मामला दर्ज होगा. वर्तमान में जिलों के अलग-अलग थानों में इनके खिलाफ एफआइआर दर्ज होने से जांच में काफी दिक्कत आ रही है. इससे निजात पाने के लिए यह व्यवस्था की जा रही है. सभी जिलों में सर्वे का निर्देश पुलिस मुख्यालय ने इसके लिए सभी जिलों के एसपी को सर्वे करने का निर्देश दिया है, जिससे यह आंकड़ा स्पष्ट हो सके कि किस जिले में कितनी चिटफंड कंपनियों के खिलाफ मामले दर्ज हैं. इसके बाद ही सभी मामलों को मिला कर एक-एक एफआइआर करने का काम शुरू होगा. इस तरह के मामलों की छानबीन के लिए सभी जिलों में पुलिस पदाधिकारियों की एक-एक स्पेशल कमेटी बनायी जा सकती है, जो इन मामलों की जांच जल्द करेगी. इसकी मॉनीटरिंग आर्थिक अपराध इकाई (इओयू) के स्तर से की जायेगी. हालांकि, वर्तमान में भी ऐसे सभी मामलों की उच्चस्तरीय जांच इओयू ही कर रहा है. जिलों में इनके कार्यालय होने से स्थानीय पुलिस से संबंधित एनबीएफसी से जुड़े स्थानीय लोगों की छानबीन की जा रही है. लोगों का पैसा दिलाना मुख्य उदेश्य फर्जी एनबीएफसी से लोगों का पैसा वापस दिलाने के लिए राज्य सरकार ने बिहार प्रोटेक्शन ऑफ इंटरेस्ट ऑफ डिपोजिटर्स (बीपीआइडी) एक्ट तैयार किया है. इस एक्ट में ऐसी फर्जी कंपनियों पर कार्रवाई करने और जमाकर्ताओं के पैसे लौटाने का प्रावधान है. इस एक्ट के तहत ही एफआइआर दर्ज कर छानबीन की कार्रवाई वर्तमान में चल रही है. लेकिन, एफआइआर की संख्या बहुत ज्यादा होने के कारण जांच में दिक्कत हो रही है. 150 कंपनियां लेकर भाग चुकी हैं 500 करोड़राज्य में अब तक करीब 150 एनबीएफसी लोगों का पैसा लेकर भाग चुकी हैं. ये वे कंपनियां ही हैं, जिन्हें सेबी ने जांच के बाद ब्लैक लिस्टेड कर दिया है. फर्जी एनबीएफसी की संख्या ज्यादा भी हो सकती है. एक अनुमान के मुताबिक इन कंपनियों ने करीब 500 करोड़ रुपये की ठगी लोगों से की है.
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