छह जिलों के गांवों में मिलेगा पीने का शुद्ध पानी

छह जिलों के गांवों में मिलेगा पीने का शुद्ध पानी पटना, नवादा, पूर्णिया, गोपालगंज, मधुबनी और हाजीपुर के गांवों में पाइपलाइन से होगी शुद्ध पेयजल की आपूर्ति मस्तिष्क ज्वर से प्रभावित हाजीपुर के टोलों को भी शुद्ध पेयजल मुहैय्या करायेगा लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग मधुबनी की आठ पुरानी ग्रामीण पाइपलाइन जलापूर्ति योजनाओं का भी होगा […]
छह जिलों के गांवों में मिलेगा पीने का शुद्ध पानी पटना, नवादा, पूर्णिया, गोपालगंज, मधुबनी और हाजीपुर के गांवों में पाइपलाइन से होगी शुद्ध पेयजल की आपूर्ति मस्तिष्क ज्वर से प्रभावित हाजीपुर के टोलों को भी शुद्ध पेयजल मुहैय्या करायेगा लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग मधुबनी की आठ पुरानी ग्रामीण पाइपलाइन जलापूर्ति योजनाओं का भी होगा जीर्णोद्धार संवाददाता, पटना सूबे के छह जिलों के ग्रामीणों को कुएं-तालाब का नहीं, बल्कि पाइपलाइन से शुद्ध पेयजल मिलेगा. छह जिलों के ग्रामीणों को पाइपलाइन से शुद्ध पेयजल मुहैय्या कराने पर लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग 1. 50 करोड़ रुपये खर्च करेगा. यही नहीं, मस्तिष्क ज्वर से प्रभावित हाजीपुर के टोलों को भी शुद्ध पेयजल मुहैय्या कराया जायेगा. लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग ने मस्तिष्क ज्वर से प्रभावित हाजीपुर के टोलों को शुद्ध पेयजल मुहैय्या कराने की योजना को पहली प्राथमिकता में पूरा कराने का टास्क वैशाली के अधीक्षण अभियंता को दिया है. लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग ने पटना, नवादा, पूर्णिया, गोपालगंज, मधुबनी और हाजीपुर के गांवों में पाइपलाइन से शुद्ध पेयजल की आपूर्ति कराने की योजना पर 149. 49 लाख रुपये खर्च करने की प्रशासनिक स्वीकृति दे दी है. हाजीपुर के दर्जन भर गांवों में पिछले दो वर्षों में मस्तिष्क ज्वर से 50 से अधिक ग्रामीणों की मौैत हो चुकी है. हाजीपुर के मस्तिष्क ज्वर प्रभावित गांवों में पिछले ही वर्ष पाइपलाइन से शुद्ध पेयजल आपूर्ति कराने की योजना बनी थी, किंतु विभाग ने अब इसकी स्वीकृति दी है. इस योजना पर महज छह लाख रुपये ही खर्च होंगे. इसके अलावा मधुबनी की आठ पुरानी ग्रामीण पाइपलाइन जलापूर्ति योजनाओं का जीर्णोद्धार कराने का भी विभाग ने फैसला किया है. लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग ने ग्रामीण क्षेत्रों में पाइपलाइन से जलापूर्ति योजना का काम कराने में इस बार विशेष सतर्कता बरतने का निर्णय लिया है. पाइपलाइन जलापूर्ति योजना का काम कराने वाले संवेदकों को विभाग ने पांच वर्षों तक योजना का रख-रखाव करने की शर्त पर ही कांट्रैक्ट देने का फैसला किया है. छहों जिलों में शुद्ध पानी की पाइपलाइन से आपूर्ति केंद्र प्रायोजित राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल कार्यक्रम के तहत करायी जायेगी.
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