न्यायालय ने दिया स्वेच्छा से जीने का अधिकार

Updated at :11 Jan 2016 7:50 PM
विज्ञापन
न्यायालय ने दिया स्वेच्छा से जीने का अधिकार

न्यायालय ने दिया स्वेच्छा से जीने का अधिकार गोपालगंज. अपहरण का मामला उस समय प्रेम प्रसंग में निकला, जब कथित रूप से अपहृता को पुलिस ने बरामद कर कोर्ट में पेश किया, जहां उसने अपने मरजी से प्रेमी के साथ शादी रचाने की बात कही. बरौली थाना क्षेत्र के रतन सराय के रहनेवाली खुशबू खातून […]

विज्ञापन

न्यायालय ने दिया स्वेच्छा से जीने का अधिकार गोपालगंज. अपहरण का मामला उस समय प्रेम प्रसंग में निकला, जब कथित रूप से अपहृता को पुलिस ने बरामद कर कोर्ट में पेश किया, जहां उसने अपने मरजी से प्रेमी के साथ शादी रचाने की बात कही. बरौली थाना क्षेत्र के रतन सराय के रहनेवाली खुशबू खातून अपने घर से अचानक लापता हो गयी, तो पिता ने धोबी टोला गांव के मो इरशाद के खिलाफ पुत्री का अपहरण करने का आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज करायी थी. इधर, खुशबू को पुलिस ने बरामद किया, तो मामला प्रेस प्रसंग का निकला. न्यायालय के आदेश पर युवती की मेडिकल जांच करायी गयी, जिसमें उसे बालिग पाया गया. युवती ने भी इरशाद के साथ रहने की गुहार लगायी थी. न्यायालय ने युवती को स्वेच्छा से जिन्हें की इजाजत दे दी.

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन