सरकारी काम नहीं तो ईएमयू ट्रेन से चले मंत्री जी अपने घर

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 31 Dec 2015 8:32 PM

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सरकारी काम नहीं तो ईएमयू ट्रेन से चले मंत्री जी अपने घर ट्रेन में फेकी मुंगफली के छिलके उठाने चले तो भीड़ भी सकपका गयीप्रमोद झा, टेहटा जहानाबादसाल का अंतिम दिन गुरूवार. पटना जंकशन के नौ नंबर प्लेटफार्म पर साढ़े बारह बजे हलचल को देख पहले लोग नहीं समझ पाये. बातचीत की सुगबुगाहट से लोगों […]

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सरकारी काम नहीं तो ईएमयू ट्रेन से चले मंत्री जी अपने घर ट्रेन में फेकी मुंगफली के छिलके उठाने चले तो भीड़ भी सकपका गयीप्रमोद झा, टेहटा जहानाबादसाल का अंतिम दिन गुरूवार. पटना जंकशन के नौ नंबर प्लेटफार्म पर साढ़े बारह बजे हलचल को देख पहले लोग नहीं समझ पाये. बातचीत की सुगबुगाहट से लोगों को जानकारी हुई कि बिहार सरकार के मंत्री हैं. लेकिन लोग यह समझ नहीं पाये कि आखिर यहां क्यों आये हैं. जब ईएमयू पैंसेजर ट्रेन में मंत्रीजी सामान्य यात्रियों के साथ सीट पर बैठे तो लोगों की उत्सकुता जगने लगी कि हम भी उस डिब्बे में बैठे. नतीजा उस डिब्बे में भीड़ हो गयी. इस बीच बातचीत से लोगों को यह जानकारी हो गयी कि लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण मंत्री कृष्णनंदन प्रसाद वर्मा अपने गांव जा रहे हैं. दोपहर एक बजे ट्रेन खुली. ट्रेन खुलने के साथ ही मंत्रीजी अन्य यात्रियों से बातचीत करने लगे. पुनपुन के गोपालजी मंत्री को देखने के साथ ही क्षेत्र की समस्या बताने लगे. उसने कहा कि पुनपुन स्टेशन के आसपास के आधा इलाका में पाइप से पानी पहुंचाने की व्यवस्था नहीं है. पुनुपन स्टेशन आने पर मंत्री को वह क्षेत्र दिखाया गया. ट्रेन की खिड़की से मंत्री ने उस इलाके को देखा व आश्वस्त किया कि पाइप से पानी पहुंचाने की व्यवस्था होगी. पटना में प्राईवेट कंपनी में काम करने वाले जहानाबाद के लखन के बगल में बैठ कर उन्होंने उसके घर-परिवार का हाल पूछा. तारेगना की लक्ष्मी देवी से उन्होंने परिवार का हाल-चाल पूछा. पीएचईडी मंत्री गुरुवार को नया साल मनाने अपने गांव जहानाबाद जिले के सुगांव के लिए निकले थे. उनके साथ न कोई लाल बत्ती वाली गाड़ी थी न कोई बड़ा लाव-लश्कर ! सुरक्षाकर्मी उनके साथ निकले तो थे, किंतु उन्हें भी मंत्री जी ने ट्रेन में किनारे कर दिया था. उनके पीए जरुर उनके ईर्द-गिर्द रहे. ट्रेन में फेरी वाले के पहुंचने पर वक्त काटने को मुंगफली खरीदी गयी. मुंगफली फोड़ कर फांकने का शुरू हुआ, लेकिन उसका छिलका ट्रेन में ही गिराया जा रहा था. लेकिन साथ चले रहे लोग यह भूल गये कि उन पर मंत्री जी की नजर हैं, इसका अंदाजा तक उन्हें नहीं था. मुंगफली के छिलके बोगी में फेंक दिये जाने पर मंत्री ने इशारा किया. पहले तो वे खुद मुंगफली के छिलकों को समेटने के लिए झुके, लेकिन साथ चल रहे लोगों को एकसास होने पर छिलका समेटना शुरू किया. मंत्री ने नसीहत भी दी और कहा उन्हें स्वच्छता का ख्याल रखना चाहिए. परसा जा रहे लक्खू मंत्री जी के पास पहुंचा और रेल यात्रा की पीड़ा बयान की. लक्खू ने उन्हें बताया कि किस तरह ईएमयू के डब्बों में भेड़-बकरियों की तरह ठूंस कर सफर करना पड़ता है. ईएमयू में डब्बे बढ़ाने व शौचालय की सुविधा बढ़ाने की उसने मंत्री गुहार लगायी.मंत्री के पैंसेजर ट्रेन से आने की खबर जगंल में आग की तरह फैल गयी. फिर क्या था हर स्टेशन पर उनके चहेते उनका अभिवादन के लिए खड़े मिले. पैंसेजर ट्रेन होने के कारण हर हॉल्ट, स्टेशन पर ट्रेन रूक रही थी. तारेगना स्टेशन पहुंचने पर लोगों ने उनका स्वागत किया. वे ट्रेन के दरवाजे पर खड़े होकर अभिवादन स्वीकार किया. ट्रेन दो बजकर बीस मिनट पर जहानाबाद पहुंची. वहां बड़ी संख्या में लोगों ने उपस्थित होकर मंत्री का स्वागत किया. लोगों ने उन्हें फूल माला से लाद दिया. जहानाबाद से तीन हॉल्ट के बाद टेहटा स्टेशन आया जहां मंत्रीजी अपने गांव जाने के लिए उतरे. वहां पर लोगों ने गर्मजोशी ने स्वागत किया. ट्रेन से उतरने के बाद मंत्रीजी स्टेशन के समीप बने वाटर टैंक के प्रांगण में रूके जहां वे लोगों से मिलने का काम किये. वाटर टैंक का उद्घाटन मई 2015 में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार उद्घाटन किये थे. उस समय तत्कालीन पीएचइडी मंत्री दोमादर रावत थे. साढ़े तीन करोड़ की लागत से ग्रामीण जलापूर्ति योजना का काम हुआ है. सफर के दौरान मंत्री के साथ हुई बातचीत में उन्होंने खुलासा किया कि ऐसी कोई खास बात नहीं है, लेकिन सामान्य यात्रियों के साथ ट्रेन में सफर करना अच्छा लग रहा है. मंत्री पद की शपथ लेने के दिन जितनी खुशी मिली थी, उससे कहीं अधिक खुशी आज हो रही है. विधायक रहने के दौरान भी वे ट्रेन से सफर करते थे. उन्होंने कहा कि मंत्रियों के लिए समय के साथ उसकी सुरक्षा महत्वपूर्ण है. फिर भी कभी-कभी सामान्य जनों के साथ सफर करना चाहिए. लोग बड़े पद पर जाने के बाद सामान्य लोगों से कट जाते हैं. इसलिए उनलोगों के बीच में रहना चाहिए. ट्रेन में साथ चले अन्य यात्रियों को वे पेयजल व स्वच्छता की जानकारी देने से चुक नहीं रहे थे. मंत्री ने बताया कि खुले में शौच प्रथा को रोकने के लिए सरकार संकलपित है. इसके अलावा घर-घर शुद्ध पेयजल पहुंचाने की व्यवस्था होगी. विभाग द्वारा 15 जनवरी तक प्रस्ताव तैयार कर मुख्यमंत्री के समक्ष प्रस्तुत किया जायेगा. इसके बाद अंतिम रूप से निर्णय होगा.

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