आपदा से निबटने के लिए राज्य में होगी वश्विस्तरीय सुविधा

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आपदा से निबटने के लिए राज्य में होगी विश्वस्तरीय सुविधाजिला स्तर पर स्थापित होगा (इओसी)आपदा से निबटने का केंद्रआपदा प्रबंधन विभाग ने तैयार किया रोड मैपराज्य सरकार ने सभी विभागों से सुशासन के कार्यक्रम के लिए मांगी रोडमैपसंवाददाता, पटनाराज्य अगले पांच साल में सभी प्रकार के आपदा से निबटने की विश्वस्तरीय सुविधा से लैस हो […]

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आपदा से निबटने के लिए राज्य में होगी विश्वस्तरीय सुविधाजिला स्तर पर स्थापित होगा (इओसी)आपदा से निबटने का केंद्रआपदा प्रबंधन विभाग ने तैयार किया रोड मैपराज्य सरकार ने सभी विभागों से सुशासन के कार्यक्रम के लिए मांगी रोडमैपसंवाददाता, पटनाराज्य अगले पांच साल में सभी प्रकार के आपदा से निबटने की विश्वस्तरीय सुविधा से लैस हो जायेगा. इसके लिए आपदा प्रबंधन विभाग ने आपदा से निबटने के लिए सुशासन के कार्यक्रम के तहत रोड मैप तैयार किया है. यदि राज्य सरकार आपदा प्रबंधन विभाग के रोड मैप को सुशासन के कार्यक्रम में शामिल किया, तो राज्य में आपदा से निबटने के लिए 2016 से 2020 तक आपदा से निबटने की सभी व्यवस्था हो जायेगी. इसमें आपदा आने के पूर्व चेतावनी देने का सिस्टम विकसित किया जायेगा. लोगों को आपदा से बचाव के लिए आपदा आने के पूर्व सूचना मिलेगी. बिहार की आपदा से निबटने के पूरे सिस्टम को राष्ट्रीय स्तर पर आपदा से निबटने के सिस्टम के साथ समन्वय कर दिया जायेगा. आपदा प्रबंधन विभाग के पदाधिकारी ने बताया कि आपदा की सूचना देने और निबटने के लिए राज्य और जिला के स्तर पर इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर (इओसी) की स्थापना कर ली जायेगी. आपदा से निबटने के लिए 10 सूत्री रोडमैप के बारे में विभागीय प्रधान सचिव व्यास जी ने कहा कि मंत्रिमंडल सचिवालय ने सभी विभागों से सुशासन के कार्यक्रम के तहत पांच साल में काम करने के लिए रोडमैप मांगी है. इसी योजना के तहत आपदा प्रबंधन विभाग ने भी अगले पांच साल में आपदा से निबटने के लिए जापान के सेंडई विश्व सम्मेलन के तर्ज पर रोडमैप तैयार किया है. उन्होंने कहा कि इसी रोडमैप के तहत समाज के सभी समुदायों के बीच आपदा से बचाव के लिए जागरूकता लाया जायेगा. इसके लिए व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार किया जायेगा. तय किया गया है कि आपदा से निबटने के लिए समुदाय, पुलिस पदाधिकारी, क्षेत्रीय पदाधिकारी, पर्यवेक्षक, डॉक्टर, पारा मेडिकल स्टाफ, इंजीनियर, नाविक, गोताखोर सहित समुदाय के अन्य लोगों के क्षमता वृद्धि और प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाया जायेगा. आपदा आ जाने के बाद इससे निबटने के लिए त्वरित रिस्पांस के लिए राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) को मजबूत किया जायेगा. भूकंप, अग्निकांड बाढ़, चक्रवाती तूफान जैसे आपदाओं से निबटने के लिए संसाधन का इंतजाम किया जायेगा. आपदा पीड़ितों का त्वरित आकलन कर राहत देने की व्यवस्था होगी.

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