परंपरा पर मुहर लगाने को संविधान नहीं बना
परंपरा पर मुहर लगाने को संविधान नहीं बना संवाददाता, पटना सेक्यूलरिज्म शब्द को ले कर चल रही बहस पर जन कन्वेंशन में माले के महा सचिव दीपंकर ने कई तथ्यों से कार्यकर्ताओं को अवगत कराया. उन्होंने कही कि सेक्यूलरिज्म शब्द हमारे संविधान में 1975 में शामिल हुआ. आज यह हमारे संविधान की आत्मा बन गयी […]
परंपरा पर मुहर लगाने को संविधान नहीं बना संवाददाता, पटना सेक्यूलरिज्म शब्द को ले कर चल रही बहस पर जन कन्वेंशन में माले के महा सचिव दीपंकर ने कई तथ्यों से कार्यकर्ताओं को अवगत कराया. उन्होंने कही कि सेक्यूलरिज्म शब्द हमारे संविधान में 1975 में शामिल हुआ. आज यह हमारे संविधान की आत्मा बन गयी है. धर्म निरपेक्षता शब्द को ले कर हमारे गृह मंत्री राजनाथ सिंह को नाहक परेशानी हो रही है. उन्हें यह समझना चाहिए कि संविधान सिर्फ परंपरा पर मुहर लगाने को नहीं बना है. संविधान लोकतंत्र को सफल बनाने का संकल्प है. उन्होंने कहा कि भाजपा और आरएसएस इंसानियत को खत्म कर , देश पर तानाशाही थोपना चाह रही है. भाजपा और आरएसएस के खिलाफ पहली बार बुद्धिजीवियों ने सामूहिक आंदोलन किया है और पुरस्कार लौटाये हैं. हम उन्हें सैल्यूट करते हैं.
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