बिहार के लोगों की हुई जीत, अब भरोसे पर उतरेंगे खरा : नीतीश

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बिहार के लोगों की हुई जीत, अब भरोसे पर उतरेंगे खरा : नीतीशबिहार चुनाव पर देश भर की थी नजर, अब राष्ट्रीय स्तर पर पड़ेगा असरविपक्ष का करेंगे सम्मान, सर्वानुमति से होगा कामकाजसंवाददाता, पटना मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने महागंठबंधन को मिले भारी बहुमत के लिए बिहार की जनता को बधाई दी है. रविवार की शाम […]

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बिहार के लोगों की हुई जीत, अब भरोसे पर उतरेंगे खरा : नीतीशबिहार चुनाव पर देश भर की थी नजर, अब राष्ट्रीय स्तर पर पड़ेगा असरविपक्ष का करेंगे सम्मान, सर्वानुमति से होगा कामकाजसंवाददाता, पटना मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने महागंठबंधन को मिले भारी बहुमत के लिए बिहार की जनता को बधाई दी है. रविवार की शाम चार बजे 7, सर्कुलर रोज स्थित अपने आवास पर प्रेस काॅन्फ्रेंस में नीतीश ने कहा कि यह जीत बिहार के लोगों की है. यह बड़ी जीत है और इसे हम विनम्रता से स्वीकर करते हैं. समाज के हर तबके में जो उम्मीद है और जो विश्वास किया है, उसे हम समझते हैं और जनता की उम्मीदों के अनुरूप काम करेंगे. बिना किसी राग-द्वेष के हम जनता के विश्वास पर काम करेंगे. साथ ही हमारे मन में किसी के प्रति कोई दुर्भावना नहीं रहेगी. चुनाव के समय जिस प्रकार की बातें हुईं, वे अलग थीं. अब मिल-जुल कर सकारात्मक रूप से काम करेंगे. नीतीश कुमार ने कहा कि बिहार के स्वाभिमान, महागंठबंधन को लोगों ने एकमुश्त समर्थन दिया, जिसका परिणाम है यह जीत. अनुमान लगाया जा रहा था कि कांटे की टक्कर होगी, लेकिन लोगों ने बता दिया कि उनका मन बना हुआ था. महिला, युवा, अल्पसंख्यक, बहुसंख्यक, दलित, महादलित सभी लोगों का समर्थन मिला है. महागंठबंधन ने एकजुटता के साथ प्रदर्शन किया, इसलिए स्पष्ट समर्थन मिला.उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान जिस प्रकार आक्रामक कैंपन हुआ, जिस तरह से परिस्थिति उत्पन्न हो रही थी अौर परिस्थिति उत्पन्न करने की कोशिश की गयी, लोगों ने अपने विजडम और मत का प्रयोग किया. बिहार चुनाव पर देश भर की निगाह थी. बिहार के नतीजे का राष्ट्रीय परिपेक्ष्य में असर पड़ेगा. राष्ट्रीय स्तर पर सशक्त विपक्ष और विकल्प की लोग चाहत रखते हैं. लोकतंत्र में विपक्ष को सशक्त होना चाहिए. हमलोग विपक्ष का सम्मान करेंगे. बिहार के प्रमुख मसले हैं, उन मसलों पर सर्वानुमति बनायेंगे और मिल-जुल कर काम करेंगे. परिणाम आने के बाद विरोधी दलों के प्रति हमारी एेसी भावना नहीं कि हमलोग मजाक उड़ाये. हम ऐसी भावना से गाइडेड नहीं होते हैं और न ही होंगे. चुनाव में महागंठबंधन की एकजुटता थी और उसी एकजुटता से काम करेंगे और लोगों के भरोसे पर खरा उतरेंगे. उन्होंने कहा कि महागंठबंधन शुरू से एकमत रहा. एक भी विवाद सामने नहीं आया. सीटों का एक साथ निर्धारण किया, एक साथ प्रत्याशी घोषित किये और साझा कार्यक्रम तय किये. माइल स्टोन है यह चुनावनीतीश कुमार ने कहा कि इस चुनाव को माइल स्टोन के रूप में याद किया जायेगा. चुनाव में हमारा महागंठबंधन बना. भाजपा का जिस प्रकार कैंपेन चला. केंद्र की रुलिंग पार्टी ने पूरी ताकत झोंक दी. 2010 और 2015 में एक समान मेंडेड आने पर भी नीतीश कुमार ने दोनों चुनावों को अलग-अलग बताया. कहा कि चुनाव दौरान केंद्र व भाजपा द्वारा जो कहा जाता था, उसका हम जवाब देते थे. जिस तरह से लोगों को उकसाने की कार्रवाई की गयी, उसके बाद भी लोग सतर्क रहे और शांतिपूर्ण ढंग से सद्भाव का वातावरण कायम रखा. ध्रुवीकरण की भी कोशिश की गयी, लेकिन जनता ने उसे नकार दिया. सपा प्रमुख मुलायम सिंह को महागंठबंधन में शामिल करने के सवाल पर उन्होंने कहा कि हम मुलायम सिंह यादव की इज्जत करते हैं. उनके सम्मान में कभी कमी नहीं थी, न है और न रहेगी. केंद्र से लोगों का हुआ मोहभंग नीतीश कुमार ने कहा कि बिहार चुनाव का परिणाम यह बताता है कि केंद्र से लोगों का मोहभंग हुआ है. कथनी-करनी में फर्क नहीं होना चाहिए. कहिए बहुत कुछ और करिए कुछ भी नहीं. इससे लोगों की इच्छा बलवती हुई और उन्होंने बिहार चुनाव में अपना मेंडेड दिया. जनता इनटॉलरेंस (सहिष्णुता)के खिलाफ डेमोक्रेसी चाहती थी. पैकेज के सवाल पर उन्होंने कहा कि पैकेज के लिए पहसे से ही सब कुछ एक्सप्लेन है. इसमें राज्य को पैसा नहीं आना है. केंद्र सरकार अपने मंत्रालयों के जरिये यह राशि खर्च करायेगी. एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि देश में जो इनटॉलरेंस का वातावरण बना है, कट्टरपंथ जो हावी होता जा रहा है, उसके विरोध में असहनशीलता के खिलाफ लोग एकजुट हुए हैं. चित्रकार, लेखक, इतिहासकार, वैज्ञानिकों ने विरोधस्वरूप अपनी भावना प्रकट की है. इस मामले पर दलों के राष्ट्रीय स्तर का नेतृत्व देखेगा. जल्द होगा शपथग्रहण नीतीश कुमार ने कहा कि बहुत जल्द शपथ ग्रहण समारोह होगा. इसके लिए अभी समय नहीं मिला है और आपस में बात नहीं हुई है. सरकार का कार्यकाल अभी है, लेकिन जनता ने जब मेंडेड दे दिया, तो देर करना सही नहीं है. पहले विधायक दल की बैठक होगी, फिर महागंठबंधन के सहयोगी दलों की संयुक्त बैठक होगी उसके बाद शपथग्रहण की तारीख तय कर ली जायेगी. डिप्टी सीएम के सवाल को नीतीश कुमार ने टाल दिया और कहा कि इस पर प्रेस काॅन्फ्रेंस में चर्चा नहीं होती. प्रेस काॅन्फ्रेंस में राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद, जदयू के प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह, कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अशोक चौधरी, राज्यसभा सांसद पवन वर्मा, सांसद हरिवंश और राजद के राष्ट्रीय महासचिव अशोक कुमार सिंह मौजूद थे.

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