महंगाई से टूट रहा आशियाना बनाने का सपना
महंगाई से टूट रहा आशियाना बनाने का सपना-ईंट से लेकर मजदूर तक हुआ महंगा-एक वर्ष में 25 फीसदी की हुई वृद्धिसंवाददाता, गोपालगंज राम मोहन ने बड़ी शिद्दत के बाद घर बनवाना शुरू किया. काम अभी लिंटर तक पहुंचा है. इनका बजट गड़बड़ा गया है. ये महंगाई को कोस रहे हैं. यह स्थिति किसी एक राममोहन […]
महंगाई से टूट रहा आशियाना बनाने का सपना-ईंट से लेकर मजदूर तक हुआ महंगा-एक वर्ष में 25 फीसदी की हुई वृद्धिसंवाददाता, गोपालगंज राम मोहन ने बड़ी शिद्दत के बाद घर बनवाना शुरू किया. काम अभी लिंटर तक पहुंचा है. इनका बजट गड़बड़ा गया है. ये महंगाई को कोस रहे हैं. यह स्थिति किसी एक राममोहन की नहीं, बल्कि उन हजारों लोगों की है, जिन्होंने 2014 में अपना आशियाना बनाने का सपना संजोया और 2015 की महंगाई ने उसे चकनाचूर कर दिया. विगत एक वर्ष में न सिर्फ मजदूरों की मजदूरी बढ़ी, बल्कि भवन निर्माण सामग्री के दाम भी बेतहाशा बढ़ गये हैं. ऐसे में आशियाना बनाने का सपना चकनाचूर हो गया है. यह दर्द खास कर मध्यम और गरीब वर्ग के लोगों में ज्यादा है. कभी कोई महंगाई को कोस रहा है, तो कभी वर्तमान की व्यवस्था. कैसे बने इंदिरा आवास दो रूम गैलरी के मकान का एक लाख रुपये दाम. सुनने में भले ही अटपटा लगे, लेकिन गरीबों को आशियाना बनाने के लिए यही राशि तय है. ऐसे में इंदिरा आवास बनाने में गरीबों काे पसीना छूट रहा है. किसी ने दीवार खड़ी की, तो कोई नींव और कोई पैसा लेकर काम लगाने की हिम्मत नहीं कर रहा है. जिले में 80 फीसदी इंदिरा आवास अब भी अधूरे हैं और यह आंकड़ा महंगाई को दरसाता रहा है. ऐसे में भला मकान कैसे बनेगा.क्या कहते हैं व्यवसायीविगत डेढ़ वर्ष में सामान के दाम में वृद्धि हुई है. इस वर्ष कुछ ज्यादा ही महंगाई है. नतीजतन ग्राहक कम आ रहे हैं.साहेब आलम बिल्डिंग मैटेरियल व्यवसायी एक नजर में बिल्डिंग मैटेरियल की दरमैटेरियल 2015 2014ईंट 9-10 हजार प्रति ट्रॉली 8-9 हजार प्रति ट्रॉली छड़ 44-5400 प्रति क्विंटल 38-45 हजार प्रति क्विंटल बालू 28-35 प्रति सौ सीएफटी 20-25 सौ प्रति सौ सीएफटी गिट्टी 60 रुपये प्रति सीएफटी 50 रुपये प्रति सीएफटीराजमिस्त्री 350-500 प्रति मजदूर 300-400 रुपये प्रति मजदूरमजदूर 250 रुपये 200 रुपये
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










