कुचायकोट का बीइओ कौन !

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कुचायकोट का बीइओ कौन !शिक्षक बाप- बेटा बन बैठे हैं बीइओ, कर रहे शिक्षकों का दोहनशिक्षकों के वेतन सत्यापन के लिए वसूले जा रह दो हजार रुपयेबीआरसी भवन पर पहले से ही शिक्षक का रहा है दबदबाआरोपित शिक्षक को तत्कालीन डीएम ने किया था निलंबितगोपालगंज. कुचायकोट का बीइओ कौन है. विभाग ने तो यहां चुनाव […]

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कुचायकोट का बीइओ कौन !शिक्षक बाप- बेटा बन बैठे हैं बीइओ, कर रहे शिक्षकों का दोहनशिक्षकों के वेतन सत्यापन के लिए वसूले जा रह दो हजार रुपयेबीआरसी भवन पर पहले से ही शिक्षक का रहा है दबदबाआरोपित शिक्षक को तत्कालीन डीएम ने किया था निलंबितगोपालगंज. कुचायकोट का बीइओ कौन है. विभाग ने तो यहां चुनाव अधिसूचना लागू होने के पहले हरेंद्र दुबे को बीइओ के रूप में स्थापित किया है. लेकिन, यहां के शिक्षकों के लिए एक शिक्षक ही अपने को बीइओ बन बैठा है. शिक्षक तथा उसका बेटा मिल कर शिक्षकों के वेतन निर्धारण तथा सेवापुस्तिका के सत्यापन के लिए दो हजार रुपये वसूल रहे हैं. जो शिक्षक पैसा देने की स्थिति में नहीं है उनकी सेवापुस्तिका को बिना सत्यापन किये फेंक दिया जा रहा है. रविवार को भी कुछ ऐसा ही हुआ. एक शिक्षक पिछले एक सप्ताह से वेतन निर्धारण के लिए चक्कर लगा रहे थे. दरअसल वेतन नहीं मिलने के कारण उनके पास पैसा भी नहीं था कि रिश्वत देकर अपना काम करा सके. जब वे सर्विस बुक मांगने गये, तो बिना सत्यापन किये बीइओ बने शिक्षक राम तपस्या पाठक ने सर्विस बुक और वेतन निर्धारण प्रपत्र को उनके मुंह पर फेंक दिया. अपने को जलील महसूस किये शिक्षक आंख में आंसू लिये लौट गये. यह कई शिक्षकों के साथ हो रहा था. जिसका पैसा मिल रहा था उसका सत्यापन बीइओ हरेंद्र दुबे से कराया जा रहा था. बता दें कि तत्कालीन बीदओ मीरा कुमारी के कार्य काल मंे भी शिक्षक ने बीआरसी भवन पर कब्जा जमा रखा था. बीआरसी भवन में ही सोते थे. इसकी सूचना मिलने पर तत्कालीन डीएम कृष्ण मोहन ने मामले की जांच करायी. सत्य पाते हुए निलंबित कर दिया था. जब इस संबंध मंे डीइओ से संपर्क किया गया तो वे मोबाइल काटते रहे. क्या कहते हैं आरोपित शिक्षकजिस सर्विस बुक को वापस करने की बात कही जा रही है उन्हें तत्काल भेज दीजिए मैं सत्यापन करा दूंगा. जिले में भी उसे भेज कर कराने की जिम्मेवारी मेरी है. आप सिर्फ भेज दीजिए.राम तपस्या पाठक, शिक्षक, कुचायकोटक्या कहते हैं बीइओराम तपस्या पाठकजी के द्वारा सर्विस बुक मेरे समक्ष सत्यापन के लिए नहीं लायी गयी है. जितना उन्होंने लाया था उतना मैने कर दिया है. हो सकता है कि सर्विस बुक में कोई त्रुटि हो. शिक्षक सीधे आकर मुझ से मिले मैं उनकी सर्विस बुक सत्यापित कर दूंगाहरेंद्र दुबे, बीइओ, कुचायकोट

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