गोपालगंज: प्रतिभा सम्मान ऐसा हो कि पूरे राज्य को गर्व हो, गोपालगंज में बोले शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी
प्रतिभा सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी
Prabhat Khabar Pratibha Samman: गोपालगंज में प्रतिभा सम्मान समारोह के दौरान शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा कि प्रतिभाओं का सम्मान ऐसा होना चाहिए जिस पर पूरे राज्य को गर्व हो. उन्होंने हर प्रखंड में सरस्वती विद्या निकेतन, करियर काउंसिलिंग और उच्च शिक्षा की बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की बात कही.
गोपालगंज से संजय कुमार अभय की रिपोर्ट
Prabhat Khabar Pratibha Samman: गोपालगंज के आंबेडकर भवन में आयोजित प्रभात खबर के प्रतिभा सम्मान समारोह में बिहार सरकार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने छात्रों को संबोधित किया. उन्होंने कहा कि प्रतिभा सम्मान ऐसा होना चाहिए कि उसकी चर्चा केवल परिवार तक सीमित न रहे, बल्कि पूरे राज्य तक पहुंचे. यह सम्मान छात्रों की सफलता का उत्सव है और हमारी सामूहिक उपलब्धि का प्रतीक भी है. शिक्षा मंत्री ने समारोह में उपस्थित सभी छात्र-छात्राओं, अभिभावकों और अतिथियों का आभार व्यक्त किया. इसके साथ ही उन्होंने प्रभात खबर को धन्यवाद देते हुए कहा कि यह अखबार समाचारों के माध्यम से समाज को जागरूक करने और सही दिशा दिखाने का बेहतरीन कार्य कर रहा है.
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हर प्रखंड में स्थापित होंगे ‘सरस्वती विद्या निकेतन’
शिक्षा मंत्री ने बेटियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि “पढ़ेंगी बेटियां, बढ़ेंगी बेटियां” केवल एक नारा नहीं, बल्कि सरकार की मजबूत प्रतिबद्धता है. उन्होंने शिक्षा व्यवस्था में बड़े सुधारों की जानकारी देते हुए बताया कि राज्य के प्रत्येक प्रखंड में ‘सरस्वती विद्या निकेतन’ के नाम से मॉडल स्कूल स्थापित किए जा रहे हैं. इन स्कूलों में कक्षा 9 से 12 तक की उच्चस्तरीय पढ़ाई होगी. इसके साथ ही छात्रों को नीट (NEET), इंजीनियरिंग, मेडिकल, सरकारी नौकरी और अन्य सभी प्रमुख प्रतियोगी परीक्षाओं की विशेष तैयारी भी कराई जाएगी, ताकि गरीब व ग्रामीण पृष्ठभूमि के बच्चों को आगे बढ़ने में कोई कठिनाई न हो.
छात्रों के ड्रॉपआउट को रोकने के लिए ठोस कदम
उन्होंने आर्थिक कठिनाइयों के कारण पढ़ाई छोड़ने वाले बच्चों पर चिंता व्यक्त की. मंत्री ने कहा कि कई छात्र छठी, आठवीं या बारहवीं कक्षा के बाद पढ़ाई छोड़ देते हैं. ऐसे ड्रॉपआउट के मुख्य कारणों का गहन अध्ययन कर उन्हें दूर करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे. इसके तहत व्यावसायिक (वोकेशनल) पाठ्यक्रमों को बड़े पैमाने पर बढ़ावा दिया जाएगा तथा राष्ट्रीय शिक्षा नीति को प्रभावी ढंग से लागू किया जाएगा. बच्चों की सफलता पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि आज यहां उपस्थित प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं की सफलता के पीछे उनकी माताओं की कड़ी तपस्या और पिता के जीवनभर के लंबे संघर्ष का सबसे बड़ा योगदान है.
अगले वर्ष से शुरू होगी करियर काउंसिलिंग
शिक्षा मंत्री ने अपने छात्र जीवन के संघर्षों को याद करते हुए कहा कि उन्होंने स्वयं मैट्रिक के बाद इंटर की पढ़ाई के लिए पटना जाकर काफी संघर्ष किया है. उसी कड़वे अनुभव के आधार पर अगले वर्ष से गोपालगंज जिले में करियर काउंसिलिंग की आधुनिक व्यवस्था शुरू की जाएगी, जहां डायट के माध्यम से छात्रों को उचित मार्गदर्शन दिया जाएगा. उन्होंने अभिभावकों को राहत देते हुए बताया कि अब प्लस-टू के बाद पढ़ाई बेहद आसान हो गई है. पहले छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए 70 से 80 किलोमीटर दूर जाना पड़ता था, लेकिन अब प्रत्येक प्रखंड में डिग्री कॉलेज खोले जा रहे हैं, जहां आगामी जुलाई महीने से नियमित कक्षाएं भी प्रारंभ हो जाएंगी.
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