जुमले बांटने में लगी है भाजपा : नीतीश (संशोधित)

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जुमले बांटने में लगी है भाजपा : नीतीश (संशोधित)विक्रम में सीएम की चुनावी सभापहले-दूसरे चरण की तरह अगले चरणों में भी भाजपा के झांसे में नहीं आना हैयह चुनाव बिहार के स्वाभिमान और बिहार के इज्जत का सवाल हैसंवाददाता, पटनामुख्यमंत्री नीतीश कुमार विक्रम विधानसभा क्षेत्र में चुनावी रैली में केंद्र सरकार पर जम कर निशाना […]

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जुमले बांटने में लगी है भाजपा : नीतीश (संशोधित)विक्रम में सीएम की चुनावी सभापहले-दूसरे चरण की तरह अगले चरणों में भी भाजपा के झांसे में नहीं आना हैयह चुनाव बिहार के स्वाभिमान और बिहार के इज्जत का सवाल हैसंवाददाता, पटनामुख्यमंत्री नीतीश कुमार विक्रम विधानसभा क्षेत्र में चुनावी रैली में केंद्र सरकार पर जम कर निशाना साधा. विक्रम से कांग्रेस प्रत्याशी सिद्धार्थ के पक्ष लोगों से मतदान की अपील करते हुए उन्होंने कहा कि एनडीए के पास विकास का कोई एजेंडा नहीं है. चुनाव को देख वे सिर्फ जुमले बांटने में लगे हुए हैं. पहले और दूसरे चरण में जिस प्रकार लोगों ने अपने विवेक से काम लिया और भाजपा के झांसे में नहीं आये, वैसे ही आगे भी झांसे में नहीं आयें. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार कि वे उनके दरबार में हाजिरी देने आये हैं. उन्होंने लोगों को याद दिलाया कि भाजपा द्वारा लोक सभा चुनाव से पहले किये गए वादों में से एक भी आज तक पूरा नहीं हुआ है. ना तो काला धन वापस आया, ना ही जनता को 15-20 लाख रुपये मिले. किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य जो वादा किया था, उसकी कहीं चर्चा भी नहीं हो रही है. दाल के भाव भी आसमान छू रहे हैं और प्याज की कीमत भी बढ़ी हुई है. उन्होंने कहा कि गुजरात में पंचायत चुनाव नहीं हो पाया है और वे बार-बार बोलते हैं कि बिहार में जंगल राज है. बिहार में क़ानून का राज था और आगे भी रहेगा. दिल्ली में जो क्रूर घटना घटी, उसकी जिम्मेदार भाजपा, बिहार में जंगलराज के नाम से लोगों को बेवजह डरा रही है. प्रधानमंत्री का नाम लिये बगैर उन्होंने कहा कि जो कभी हमारे उपर ऊंगली उठाते हैं तो कभी हमें शैतान बुलाते हैं, उनसे हमें यही कहना है कि हम अहंकारी नहीं, स्वाभिमानी हैं. एक ठेठ बिहारी हैं. बिहार विधानसभा का चुनाव बिहार के स्वाभिमान का सवाल है, इज्ज़त का सवाल है. इसलिए जुमलेबाजों से सावधान रहना है और अपना वोट बर्बाद नहीं होने देना है. मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकसभा चुनाव के समय अच्छे दिन लाने की बात कही थी, अच्छे दिन तो आये नहीं. प्रधानमंत्री जी अच्छे दिन अपने पास रखिये, हमें अपने पुराने दिन वापस कर दीजिये. अब लोगों को तय करना है कि बिहार में वे एक बिहारी को चुनेंगे या बाहरी को. मुख्यमंत्री ने पिछले दस वर्षों में उनकी सरकार द्वारा किये गए काम और उससे राज्य में हुए विकास का जिक्र किया. साथ ही अपने सात निश्चयों को दोहराया. मुख्यमंत्री ने कहा कि महागंठबंधन में पूरी एकता है और किसी प्रकार का कोई मनमुटाव नहीं है, जबकि एनडीए में सिर फुटव्वल है. वहां लोग एक दूसरे आरोप-प्रत्यारोप में लगे हैं. इसलिए विधानसभा चुनाव बचे चरणों में उनके झांसे में नहीं आना है और महागंठबंधन के प्रत्याशी को भारी बहुमत से जिताना है.

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