विवादास्पद बयान देने वाले अपने नेताओं को अमित शाह ने फटकार लगाई
विवादास्पद बयान देने वाले अपने नेताओं को अमित शाह ने फटकार लगाई बॉक्स : यह महज दिखावा : कांग्रेसभाजपा अध्यक्ष द्वारा अपने नेताओं को चेतावनी देने को कांग्रेस ने महज औपचारिकता, दिखावा और हथकंडा बताते हुए खारिज कर दिया. कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा, ‘अब पछताये क्या होत है, जब चिड़िया चुग गयी […]
विवादास्पद बयान देने वाले अपने नेताओं को अमित शाह ने फटकार लगाई बॉक्स : यह महज दिखावा : कांग्रेसभाजपा अध्यक्ष द्वारा अपने नेताओं को चेतावनी देने को कांग्रेस ने महज औपचारिकता, दिखावा और हथकंडा बताते हुए खारिज कर दिया. कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा, ‘अब पछताये क्या होत है, जब चिड़िया चुग गयी खेत.’ 18 महीने तक विभाजनकारी और उकसाऊ बयाान और कार्य नियमित रूप से किये जा रहे थे. अब 18 महीने के बाद अमित शाह को सांसदों और मंत्रियों को दंडित करने का समय मिला. उन्होंने कहा कि यह स्पष्ट रूप से खोखली औपचारिकता है. मोदी को अब भी समय नहीं मिला है और उनका चुप्पी साधे रखना जारी है. यह मुद्दों के समाधान के बजाय महज हथकंडा है, जो दोष स्वीकार करने जैसा है. नयी दिल्ली : दादरी घटना और गोमांस के मुद्दे पर अपने नेताओं के विवादास्पद बयानों के कारण बाहरी आलोचनाओं और पार्टी में बढ़ती बेचैनी के बीच भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने ऐसे नेताओं को तलब किया और ऐसे बयान देने के लिए उन्हें फटकार लगायी. इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ऐसे बयानों पर ‘गहरी अप्रसन्नता’ व्यक्त कर चुके हैं. पार्टी के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने बताया कि शाह ने हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर, केंद्रीय मंत्री संजीव बलियान, सांसद साक्षी महाराज और विधायक संगीत सोम को कार्यालय में तलब किया और उन्हें फटकार लगायी, क्योंकि इसके कारण मोदी सरकार का रोजगार सृजित करने, गरीबी उन्मूलन और विकास का सकारात्मक एजेंडा कुछ हद तक पटरी से उतर गया है. भाजपा पदाधिकारी ने कहा कि संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री महेश शर्मा से फोन पर इस विषय पर नाशुखी व्यक्त की गयी. उन्होंने कहा, इसके साथ ही पूरी पार्टी में नेताओं को यह संदेश देने का प्रयास भी किया गया है कि अनावश्यक विवाद पैदा करनेवाले बयान देने से बचें. ऐसे बयान देनेवालों के प्रति पार्टी ने नाराजगी जतायी गयी है. हालांकि, ये पांचों नेताओं ने किसी तरह की फटकार से इनकार किया है.अकाली दल ने जतायी थी चिंता यह पहल ऐसे समय में हुई है, जब भाजपा के सबसे पुराने सहयोगी शिरोमणि अकाली दल ने दादरी में मुसलिम समुदाय के एक व्यक्ति की हत्या को देश के लिए शर्मनाक करार देते हुए कहा था कि इससे सबसे अधिक प्रधानमंत्री की छवि खराब हो रही हैं. अकाली दल के सांसद नरेश गुजराल ने कहा था, दादरी में एक व्यक्ति की पीट-पीट कर हुई हत्या के बाद जो कुछ हुआ उससे एनडीए, भाजपा की छवि को नुकसान हो रहा है और सबसे अधिक प्रधानमंत्री को नुकसान हो रहा है. उन्होंने इस बात की आलोचना की कि ऐसे बयान देनेवाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भी नहीं सुन रहे हैं और उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हो रही हैं. सूत्र के अनुसार, शाह ने उन्हें बताया कि गोमांस खाने और रखने की अफवाह को लेकर दादरी में एक व्यक्ति की पीट पीट कर हत्या राज्य सरकार की कानून एवं व्यवस्था बनाये रखने की विफलता है और भाजपा का इससे कुछ भी लेना-देना नहीं है. लेकिन, उनके विवादास्पद बयानों से यूपी की सपा सरकार पर से ध्यान हटता है और कठघरे में भाजपा आती है. भाजपा का शीर्ष नेतृत्व इस मुद्दे पर तब सक्रिय हुआ, जब प्रधानमंत्री मोदी ने इन नेताओं के बयानों से उत्पन्न विवाद को लेकर अपनी नाराजगी व्यक्त की. इन नेताओं पर अंकुश लगाने के लिए पर्याप्त कदम न उठाने को लेकर मोदी की आलोचना हुई है. नेता ने कहा, मोदीजी इन विवादों से काफी क्षुब्ध हैं. खबरों के अनुसार, खट्टर ने हाल ही में कहा था कि मुसलिम भारत में रह सकते हैं, लेकिन उन्हें गोमांस का सेवन छोड़ना होगा. हालांकि, इस पर तीव्र प्रतिक्रिया के बाद उन्हें बयान वापस लेना पड़ा था. दादरी में गोमांस के सेवन संबंधी अफवाह के चलते एक व्यक्ति की हत्या के बाद मंत्री महेश शर्मा और विधायक संगीत सोम दादरी के उस गांव गये थे. शर्मा ने हत्या को एक ‘दुर्घटना’ बताया था और सोम ने आरोप लगाया था कि पुलिस निर्दोष लोगों को फंसा रही है और मुजफ्फरनगर जैसी प्रतिक्रिया की चेतावनी भी दी थी. हिंदुत्ववादी नेता व सांसद साक्षी महाराज भी अपने दक्षिणपंथी बयानों को लेकर विवादों में रहे हैं. यह पूछे जाने पर कि क्या शाह ने गोमांस के मुद्दे पर उन्हें कोई चेतावनी दी, केंद्रीय मंत्री महेश शर्मा ने कहा कि ऐसा कुछ नहीं हुआ, जबकि सांसद साक्षी महाराज ने कहा कि मुझसे कोई स्पष्टीकरण नहीं मांगा गया. साक्षी महाराज ने दावा किया कि शाह से मेरी मुलाकात यूपी में अपने क्षेत्र उन्नाव से जुड़े मुद्दों को लेकर हुई. मुझसे कोई स्पष्टीकरण नहीं मांगा गया और न मैंने कोई दिया. दादरी कांड पर महाराज ने कहा कि मैंने उस घटना को कभी उचित नहीं ठहराया और हत्या, हत्या होती है. उन्होंने कहा कि मैं अपने क्षेत्र के मुद्दे पर चर्चा करने आया था, क्योंकि बिहार के बाद यूपी में चुनाव होना है. संगीत सोम ने कहा कि हम पार्टी के कार्यकर्ता हैं और अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष से मिलने आये थे और पार्टी से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की.
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