गंडक नदी में समाया आधा खाप

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कटाव का कहर. स्कूल के नदी में समाते ही विभाग ने बचाव कार्य कर दिया बंद गोपालगंज : गंडक नदी के कटाव से इस बार मकशुदपुर गांव के बाद खाप नक्शे से गायब हो जायेगा. कटाव इतना तेज है कि पिछले 36 घंटे में खाप गांव का आधा हिस्सा नदी में समा चुका है. ग्रामीण […]

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कटाव का कहर. स्कूल के नदी में समाते ही विभाग ने बचाव कार्य कर दिया बंद
गोपालगंज : गंडक नदी के कटाव से इस बार मकशुदपुर गांव के बाद खाप नक्शे से गायब हो जायेगा. कटाव इतना तेज है कि पिछले 36 घंटे में खाप गांव का आधा हिस्सा नदी में समा चुका है.
ग्रामीण शेष घरों को तोड़ कर खाली करने में लगे हैं. नदी का रुख देख बाढ़ नियंत्रण विभाग ने हाथ खड़े कर दिये हैं. यहां उत्क्रमित मध्य विद्यालय के नदी में समाते ही बाढ़ नियंत्रण विभाग ने बचाव कार्य बंद कर दिया. उधर, नदी खाप गांव के अस्तित्व मिटाने पर तुली हुई है.
पिछले 24 घंटे के भीतर राम दुलारी देवी, रघुवर प्रसाद, जानकी बिंद, सुबास प्रसाद, संजय प्रसाद, रामावती देवी समेत एक दर्जन लोगों की गृहस्थी लोगों के आगोश में समा गयी. मकशुदपुर गांव के पहले ही काट चुकी है. अब खाप का अस्तित्व अगले 24 घंटे में समाप्त होने की आशंका है. लोग अपने घरों को तोड़ कर ऊंचे स्थान की तलाश में भटक रहे हैं.
कटावपीड़ितों को नहीं मिली मदद : खाप गांव के 90 से अधिक घरों को तोड़ कर लोग बेघर हो चुके हैं. बेघर हुए पीड़ितों को एक अदद पॉलीथिन भी नसीब नहीं हो सका है. पॉलीथिन नहीं मिलने के कारण ऊंचे स्थलों पर पेड़ के नीचे जीवन बिता रहे हैं. इनके पास न तो खाने के लिए अन्न है और न ही सोने के लिए बिस्तर है.
धरती को बिछावन बना कर आकाश ओढ़ने को विवश हैं. कटावपीड़ित परिवार दर-दर की ठोकर खा रहा है. अपना ठिकाना भी नहीं बना पा रहे हैं. खाप गांव के जमीनदार योगेंद्र प्रसाद कल तक इलाके के लोगों के लिए सहारा बनते थे, आज खुद सहारा के मुहताज बने हुए हैं. यह पीड़ा सिर्फ योगेंद्र की ही नहीं, बल्कि खाप गांव से बेघर हुए 90 परिवार के साथ है. कटावपीड़ितों को सरकार की तरफ से अब तक किसी तरह की मदद नहीं मिली है.
जगीरी टोला मध्य विद्यालय का भवन भी निशाने पर
गंडक नदी के कटाव के निशाने पर जगीरी टोला स्थित मध्य विद्यालय और पंचायत भवन भी हैं. नदी यहां अब तेजी से कटाव कर रही है. कटाव के कारण स्थिति भयावह होती जा रही है.
जगीरी टोला स्कूल के आसपास के घर पहले ही नदी में समा चुके हैं. हालांकि बाढ़ नियंत्रण विभाग के अभियंता इस स्कूल को बचा लेने का दावा कर रहे हैं. उधर, सोमवार की शाम 4 बजे वाल्मिकीनगर बराज से 79 हजार क्यूसेक जल डिस्चार्ज कियेे जाने की सूचना है. कार्यपालक अभियंता शरद कुमार ने बताया कि जिले के सभी तटबंध सुरक्षित हैं.
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