अपीलीय प्राधिकार के फैसले में भी फर्जीवाड़ा

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शिक्षक नियोजन के फर्जीवाड़े में शामिल माफियाओं के चंगुल में अब शिक्षक नियोजन अपीलीय प्राधिकार भी आ गया है. माफियाओं की सेटिंग पर बिना रिक्ति के पंचायतों में नियोजन और भुगतान का आदेश पारित किया जा रहा है. प्राधिकार के आदेश से शिक्षा विभाग की मुश्किलें बढ़ गयी हैं. विभाग इस फैसले को लेकर सांसत […]

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शिक्षक नियोजन के फर्जीवाड़े में शामिल माफियाओं के चंगुल में अब शिक्षक नियोजन अपीलीय प्राधिकार भी आ गया है. माफियाओं की सेटिंग पर बिना रिक्ति के पंचायतों में नियोजन और भुगतान का आदेश पारित किया जा रहा है.

प्राधिकार के आदेश से शिक्षा विभाग की मुश्किलें बढ़ गयी हैं. विभाग इस फैसले को लेकर सांसत में पड़ गया है. डीइओ अशोक कुमार ने प्राथमिक शिक्षा के निदेशक को पत्र भेज कर इस फर्जीवाड़े का खुलासा करते हुए कार्रवाई के लिए मार्गदर्शन मांगा है.

विभाग के पत्र से खुलासा हुआ है कि लगभग 60 मामलों में अपीलीय प्राधिकार ने ऐसे लोगों को नियुक्त करते हुए भुगतान का आदेश दिया है, जिसमें रिक्ति ही समाप्त हो चुकी थी. बिना रिक्ति के कैसे नियोजन किया जाये और नियोजन के बाद उन्हें कहां से भुगतान किया जाये यह सवाल खड़ा हो गया है.

क्या कहता है नियोजन का कानून : शिक्षा विभाग के आदेश पर वर्ष 2008 की शेष रिक्तियों को वर्ष 2012 के नियोजन से संबंधित रोस्टर तैयार करने के क्रम में समायोजन कर लिया गया. सभी रोस्टर का अनुमोदन जिला पदाधिकारी के द्वारा किया गया. ऐसे में वर्ष 2006 एवं 2008 के नियोजन से संबंधित रिक्त पद समाप्त हो गया. दूसरे पत्र में विभाग ने स्पष्ट कहा है कि वर्ष 2011 के बाद टीइटी उत्तीर्ण अभ्यर्थियों का नियोजन किया जा सकता है.
विभाग के इस कानून के खिलाफ प्राधिकार की तरफ से धड़ाधड़ आदेश पारित किया जा रहा है.अपीलीय प्राधिकार शुरू से ही विभाग के घेरे में रहा है. तत्कालीन प्राधिकार के सदस्य के खिलाफ पटना उच्च न्यायालय के आदेश पर निगरानी भी जांच कर रही है. निगरानी की जांच के घेरे में शिक्षा विभाग के बाबू से लेकर प्यून तक है,
जबकि सूत्रों की मानें, तो अपीलीय प्राधिकार में सक्रिय माफिया वर्ष 2006-08 की रिक्तियों पर खेल कर प्राधिकार द्वारा पीछे की तिथि में आवेदन जमा करा कर महज दस दिनों में फैसला करा लिया जा रहा है. वर्ष 2014 और 15 में मामला दाखिल कर आदेश जारी किया गया है. इस मामले की उच्चस्तरीय जांच हुई, तो कई लोगों का चेहरा बेनकाब हो जायेगा.
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