पाकिस्तान से धार्मिक यात्रा पर बिहार के गोपालगंज आये 173 लोगों का नहीं चल रहा पता, जानिए कैसे हुआ खुलासा

Updated at : 04 Jan 2020 7:10 AM (IST)
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पाकिस्तान से धार्मिक यात्रा पर बिहार के गोपालगंज आये 173 लोगों का नहीं चल रहा पता, जानिए कैसे हुआ खुलासा

संजय कुमार अभय गोपालगंज : पाकिस्तान से बिहार के गोपालगंज में धार्मिक यात्रा पर 25 वर्षों में 173 नागरिक आये, लेकिन इनके लौटने का साक्ष्य नहीं मिलने के कारण सुरक्षा एजेंसियां उनका डिटेल खंगालने में जुट गयी हैं. वर्ष 1990 से 2015 के बीच मिशनरी (धार्मिक यात्रा) वीजा पर गोपालगंज परिभ्रमण करने के लिए ये […]

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संजय कुमार अभय

गोपालगंज : पाकिस्तान से बिहार के गोपालगंज में धार्मिक यात्रा पर 25 वर्षों में 173 नागरिक आये, लेकिन इनके लौटने का साक्ष्य नहीं मिलने के कारण सुरक्षा एजेंसियां उनका डिटेल खंगालने में जुट गयी हैं. वर्ष 1990 से 2015 के बीच मिशनरी (धार्मिक यात्रा) वीजा पर गोपालगंज परिभ्रमण करने के लिए ये लोग पाकिस्तान के करांची व रावलपिंडी से आये थे. इनमें एक रूस व पांच उज्बेकिस्तान के रहनेवाले नागरिक भी शामिल हैं.

गोपालगंज जैसे छोटे शहर में ऐसा धार्मिक स्थल नहीं है, जहां विदेशों से लोग परिभ्रमण के लिए आये. ऐसे में इनकी धार्मिक यात्रा पर आना संदिग्ध माना जा रहा है. एसपी मनोज कुमार तिवारी ने बताया कि पाकिस्तान से आने वाले नागरिक लौटे कि नहीं, इसकी जांच की जा रही है. जानकार सूत्र बताते हैं कि पाकिस्तान से भारत आने वाले नागरिकों को शहर बेस वीजा दिया जाता है. पाक नागरिकों को उस शहर में जाते ही स्थानीय थाने में पासपोर्ट-वीजा की छाया प्रति व ठहरने की पूरी जानकारी देनी होती है. उनके वापस होने की जानकारी भी थाने को देनी होती है. अब इनका डिटेल केंद्रीय खुफिया एजेंसियां खंगाल रही हैं.

गोपालगंज में विदेश से धार्मिक यात्रा के लिए कोई स्थल नहीं

जिला अवकाफ कमेटी के सचिव व वरिष्ठ पत्रकार एएच सिद्धिकी ‘पीटमैन’ बताते हैं कि गोपालगंज में अजमेर शरीफ, ख्वाजा गरीब नवाज, ख्वाजा मैनुद्दीन चिश्ती, दिल्ली के ख्वाजा निजामुद्दीन जैसा कोई धार्मिक स्थल नहीं है, जहां विदेश से लोग धार्मिक यात्रा पर आएं. भारत-पाक बंटवारे के दौरान गोपालगंज जिले से जाने वाले अधिकतर लोग करांची में ही जाकर बसे थे. वे अपने पूर्वजों के घर देखने व पड़ोसियों से मिलने के लिए आते रहते हैं. धार्मिक स्थल के नाम पर गोपालगंज के मीरगंज में माधवालाल का मजार है.

कैसे हुआ खुलासा

एक आरटीआइ के जवाब में एसपी के पत्रांक 396 दिनांक 28.11.2015 से स्पष्ट हुआ है कि पाकिस्तान के करांची और रावलपिंडी से 167 नागरिक, उज्बेकिस्तान से पांच व रूस का एक नागरिक गोपालगंज आया. इनका आवासीय पता भी उपलब्ध कराया गया है. अब जांच के बाद स्पष्ट होगा कि ये लोग इस वक्त कहां हैं.

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