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सदर अस्पताल के इमरजेंसी समेत तीन भवनों को तोड़ने की अनुशंसा

Updated at : 10 Dec 2019 5:13 AM (IST)
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सदर अस्पताल के इमरजेंसी समेत तीन भवनों को तोड़ने की अनुशंसा

गोपालगंज : स्वास्थ्य विभाग ने सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड समेत तीन भवनों को बदहाल घोषित करते हुए उन्हें तोड़ने की अनुशंसा की है. स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि इमरजेंसी की स्थिति को सुधार पाना मुश्किल है. बदहाल भवन के पीछे से शौचालय का गंदा पानी ओटी रूम से लेकर वार्ड में भी फैलता […]

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गोपालगंज : स्वास्थ्य विभाग ने सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड समेत तीन भवनों को बदहाल घोषित करते हुए उन्हें तोड़ने की अनुशंसा की है. स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि इमरजेंसी की स्थिति को सुधार पाना मुश्किल है. बदहाल भवन के पीछे से शौचालय का गंदा पानी ओटी रूम से लेकर वार्ड में भी फैलता रहता है.

इस कारण असहनीय बदबू होती है. बदबू के कारण मरीजों को परेशानी है. सिविल सर्जन ने इमरजेंसी वार्ड, एसएनसीयू की बगल में स्थित कैदी वार्ड, पुराने इमरजेंसी वार्ड समेत तीन भवनों को तोड़ने की अनुशंसा विभाग से करते हुए कहा है कि यहां नया भवन अति आवश्यक है. उधर, सूत्रों ने बताया कि बदहाल भवन में इमरजेंसी वार्ड चलाये जाने से मरीजों पर हर समय खतरा बना रहता है.
चाहकर भी यहां सफाई बेहतर नहीं हो पा रही है. ओटी रूम में शौचालय का पानी रिसाव कर आ जाता है. बदबू में डॉक्टर व कर्मियों को इलाज करने की मजबूरी होती है. सीएस की रिपोर्ट पर अब अगला निर्णय स्वास्थ्य विभाग को लेना है. स्वास्थ्य मंत्री ही जिले के प्रभारी मंत्री हैं. अब विभाग से नया भवन बनाने की मंजूरी का इंतजार है.
जर्जर हो चुके भवन को तोड़कर नया भवन बनाने के लिए की गयी अपील
इमरजेंसी में पीछे के शौचालय से आ रहा गंदा पानी, बदबू से मरीज परेशान
संक्रमण का सबसे बड़ा कारण है शौचालय का गंदा पानी
बेकार पड़े भवन में खोला गया था इमरजेंसी
सदर अस्पताल के बेकार पड़े भवन को देखते हुए तत्कालीन जिलाधिकारी पंकज कुमार ने भवन निर्माण विभाग से उसे दुरुस्त करा कर उसमें इमरजेंसी वार्ड को शिफ्ट कर दिया गया था. वर्ष 2013 से इमरजेंसी वार्ड उस भवन में संचालित होने लगा. हालांकि सांसद पूर्णमासी राम ने भी इमरजेंसी को दुरुस्त कराने के लिए अपने मद से 30 लाख रुपये का आवंटन दिया था. उससे इमरजेंसी की बगल में ही दोमंजिला भवन का निर्माण कराया गया.
नया भवन बनने का इंतजार
बदहाल हो चुके इमरजेंसी वार्ड समेत तीन भवनों को तोड़ने के लिए विभाग को लिखा गया है. वहीं, पांच सौ बेडों के अस्पताल के लिए अब डीपीआर बनाने में विभाग जुटा है. विभाग के अगले आदेश का इंतजार है.
डॉ नंदकिशोर सिंह, सिविल सर्जन
पांच सौ बेडों के अस्पताल बनाने की मिली मंजूरी
स्वास्थ्य विभाग ने सदर अस्पताल में पांच सौ बेडों का अस्पताल बनाने की मंजूरी दी है. विधान पार्षद आदित्य नारायण पांडेय की पहल पर स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय सदर अस्पताल को बेहतर कराने के उद्देश्य से मॉनीटरिंग भी कर रहे हैं.
हाल ही में सीएम नीतीश कुमार की जल-जीवन-हरियाली जागरूकता यात्रा के दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने जिला प्रशासन से जमीन की मांग की. इस पर अस्पताल में चार एकड़ खाली पड़ी जमीन उपलब्ध कराये जाने की बात हो रही है. विभाग डीपीआर बनाने में जुटा है.
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