राजेंद्र बस स्टैंड : टैक्स एक करोड़, सुविधा जीरो
Author Prabhat khabar digital desk
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गोपालगंज : साल में टैक्स एक करोड़ और सुविधा के नाम पर कुछ नहीं. न यात्रियों के आराम करने की जगह और न पांव रखने के लिए चिकनी सतह. हल्की बारिश हो गयी तो कीचड़ होना तो सामान्य बात है. बात कर रहे हैं हम शहर स्थित राजेंद्र बस स्टैंड की, जो नगर पर्षद के […]
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गोपालगंज : साल में टैक्स एक करोड़ और सुविधा के नाम पर कुछ नहीं. न यात्रियों के आराम करने की जगह और न पांव रखने के लिए चिकनी सतह. हल्की बारिश हो गयी तो कीचड़ होना तो सामान्य बात है.
बात कर रहे हैं हम शहर स्थित राजेंद्र बस स्टैंड की, जो नगर पर्षद के लिए सबसे ज्यादा आय देने वाला साधन तो बना हुआ है, लेकिन विगत दो दशक में बस स्टैंड को कभी सजाने-संवारने का काम कौन कहे, मूलभूत सुविधाओं को ठीक करने का प्रयास भी नहीं किया गया है.
हालात यह है कि पैसेंजर भरने के लिए बस और अन्य सवारी वाहन सड़क पर खड़े होते हैं. नतीजा हर पल यात्रियों की जान पर मौत का साया तो मंडराते ही रहता है, सड़क पर हमेशा जाम लगा रहता है.
पानी पीने के लिए यात्रियों को दुकानों का रुख करना पड़ता है. शाम होते ही स्टैंड में अंधेरे का साम्राज्य होता है. स्टैंड केवल बसों के नाइट हॉल्ट के लिए रह गया है. नगर पर्षद दो साल से राजेंद्र बस स्टैंड को आधुनिक रूप देने के लिए डीपीआर बना रहा है.
अब तक दो बार डीपीआर बन गयी है, लेकिन स्टैंड को व्यवस्थित होने की कोई उम्मीद नहीं है. चालक कहते हैं कि स्टैंड में सुविधा न होने और बरसात में कीचड़ होने के कारण सड़क पर वाहन खड़ा करना और पैसेंजर बैठाना मजबूरी है. सवाल यह भी है कि टैक्स लेने के बाद भी स्टैंड की व्यवस्था आखिर नप कब तक करेगा.
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