मौसम के मिजाज से तय होता है खुलने व बंद होने का समय
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :07 Dec 2017 8:14 AM (IST)
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गोपालगंज : आसमान के नीचे देश के भविष्य गढ़ा जा रहा है. बोरा पर बैठ कर आसमान के नीचे बच्चे पढ़ते है वह भी वर्ग एक से लेकर 10वीं तक. सबसे बड़ी बात तो यह है कि वर्ग एक से आठ तक के छात्रों के लिए सर्व शिक्षा अभियान से भी इनको भवन नहीं दिया […]
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गोपालगंज : आसमान के नीचे देश के भविष्य गढ़ा जा रहा है. बोरा पर बैठ कर आसमान के नीचे बच्चे पढ़ते है वह भी वर्ग एक से लेकर 10वीं तक. सबसे बड़ी बात तो यह है कि वर्ग एक से आठ तक के छात्रों के लिए सर्व शिक्षा अभियान से भी इनको भवन नहीं दिया गया है, जबकि हाईस्कूल के लिए महज एक कमरा है. एक कमरा में 220 छात्र कैसे बैठ कर पढ़ेंगे.
इसके अलावा उसी कमरा में हाईस्कूल का कार्यालय भी है. हम बात कर रहे है सदर प्रखंड के दियारा इलाका का उत्क्रमित उच्च विद्यायल बरईपट्टी का. बरईपट्टी स्कूल में मध्य विद्यालय के लिए तीन कमरे हैं. इनमें से दो कमरा बिल्कुल जर्जर है. वह भी कब ध्वस्त हो जाये कहना मुश्किल है. छात्रों के लिए न शौचालय है न पेयजल के लिए इंतजाम. बैठने के लिए घर से बोरा, किताब, कॉपी के अलावा पानी भी लेकर आना पड़ता है. बुधवार को दिन के 11 बजे से एक बजे तक का प्रस्तुत है ब्यूरो प्रभारी अवधेश कुमार राजन और उनकी टीम की रिपोर्ट.
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