साहब नहीं, पीउन चला रहे हैं माप-तौल विभाग का ऑफिस

Published at :30 Nov 2017 7:03 AM (IST)
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साहब नहीं, पीउन चला रहे हैं माप-तौल विभाग का ऑफिस

अजब-गजब़. बाजार में लुट रहे ग्राहक, मौज में हैं जिम्मेदार अफसर गोपालगंज : आप बाजार में सब्जी, मीट, मछली या दाल खरीदने जाते हैं तो आपको पूरा वजन मिल जाये, यह मुमकिन नहीं है. एक किलो के बदले 850 ग्राम मीट या मछली आपके हाथ लगती है. ऐसा हो भी क्यों नहीं. इस पर रोक […]

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अजब-गजब़. बाजार में लुट रहे ग्राहक, मौज में हैं जिम्मेदार अफसर

गोपालगंज : आप बाजार में सब्जी, मीट, मछली या दाल खरीदने जाते हैं तो आपको पूरा वजन मिल जाये, यह मुमकिन नहीं है. एक किलो के बदले 850 ग्राम मीट या मछली आपके हाथ लगती है. ऐसा हो भी क्यों नहीं. इस पर रोक लगानेवाला जिम्मेदार विभाग अफसर मस्ती में हैं. विभाग में साहब से लेकर क्लर्क तक खोजने पर नहीं मिलते.
महज एक पीउन के भरोसे यह कार्यालय माप-तौल को सही ठहराने का दावा ठोक रहा. वैसे तो कारोबारियों के खिलाफ माप-तौल विभाग का अभियान 2005 से ठप पड़ा हुआ है. माप-तौल विभाग के कार्यालय में प्रभात खबर की टीम सुबह 10 बजे से 12 बजे तक रही. प्रभात खबर के संवाददाता नागेंद्र श्रीवास्तव व टीम की आंखों देखी रिपोर्ट.
देर से खुला कार्यालय का ताला : कृषि विभाग के कैंपस में ही माप-तौल विभाग का कार्यालय है. इसको भी नियमानुसार 10 बजे खोलना है. पर 11 बजे कार्यालय के पीउन वीरेंद्र कुमार, जो मधुबनी में पोस्टेड हैं. पर वह गोपालगंज के इस कार्यालय में प्रतिनियुक्ति पर हैं. उन्होंने कार्यालय का ताला खोला. कार्यालय में पांच-सात की संख्या में लोग आये और पीउन से मिल कर लौट गये. विभाग की पूरी जानकारी वीरेंद्र कुमार के पास था.
इंस्पेक्टर की कुर्सी मिली खाली : कार्यालय में झाड़ू लगा कर पीउन वीरेंद्र कुमार कार्यालय में इंस्पेक्टर के चैंबर में सामने वाले सीट पर जाकर बैठ गये. 45 मिनट तक कार्यालय में कोई नहीं आया. 11.45 बजे विजयीपुर से रामनरेश प्रसाद बटखरे के लाइसेंस के लिए आये. लाइसेंस के लिए जरूरी कागजात के लिए पीउन ने डील कर उन्हें वापस कर दिया. रामनरेश प्रसाद ने बताया कि उन्हें राईस मील खोलना है. इसके लिए बाट का लाइसेंस जरूरी है.
वर्षों से खाली है सहायक नियंत्रक का चेंबर : वैसे तो माप-तौल विभाग में सबसे महत्वपूर्ण पद सहायक नियंत्रक माप-तौल का है. चैंबर देखने से स्पष्ट होता है कि यह कई वर्षों से खाली है. यहां साहब, महीनों से शायद नहीं आये थे. टेबुल पर धूल जमी थी तो कुर्सी अपनी जगह से अलग था. बताया जाता है कि साहब यहां के अलावा सारण, सीवान व बेतिया के प्रभार में भी है. गुरुवार को पटना मीटिंग में शामिल होने गये थे.
बाबुओं के आने का है इंतजार : इस विभाग कुल 10 कर्मी हैं. इसमें दूसरा सबसे महत्वपूर्ण पद इंस्पेक्टर का है. विभाग की तरफ से अखिलेश्वर कुमार श्रीवास्तव इंस्पेक्टर के पद पर तैनात हैं. वह सिकरहना के प्रभार में भी हैं. कब गोपालगंज में रहते हैं और कब सिकरहना में, कहना मुश्किल है. यही हालत लिपिक निर्मला कुमारी की है. वह छुट्टी पर हैं. वहीं एक अनुसेवक नागेंद्र प्रसाद ऑफिस आये थे, पर दवा खरीदने बाजार गये थे.
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