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उत्तर बिहार में सेना उतरी गोपालगंज में टूटे तटबंध

आफत. गंडक में उफान, सीवान व छपरा पर भी बाढ़ का खतरा गोपालगंज/मुजफ्फरपुर/भागलपुर : उत्तर बिहार और सीमांचल इलाके में बाढ़ की स्थिति अब भी गंभीर है. सीतामढ़ी, पूर्वी चंपारण के ढाका, सुगौली व रामगढ़वा में राहत व बचाव कार्य में सेना व एनडीआरएफ को लगाया है. कई नये इलाकों में पानी फैल गया है. […]

आफत. गंडक में उफान, सीवान व छपरा पर भी बाढ़ का खतरा

गोपालगंज/मुजफ्फरपुर/भागलपुर : उत्तर बिहार और सीमांचल इलाके में बाढ़ की स्थिति अब भी गंभीर है. सीतामढ़ी, पूर्वी चंपारण के ढाका, सुगौली व रामगढ़वा में राहत व बचाव कार्य में सेना व एनडीआरएफ को लगाया है. कई नये इलाकों में पानी फैल गया है. 19 अगस्त तक बाढ़ग्रस्त इलाकों में स्कूल बंद कर दिये गये हैं. आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार बाढ़ से अब तक 72 लोगों की मौत हुई है. इधर गंडक में उफान के कारण गोपालगंज में महज 16 घंटे के अंदर तीन अलग-अलग तटबंध टूट गये,
जिससे जिले के 97 गांव बाढ़ के पानी से घिर गये हैं. मधुबनी में महाराजी की रिंग बांध दो सौ मीटर में टूट गया है. मोतिहारी के सुगौली जंक्शन पर पानी लगने के बाद मोतिहारी से सभी ट्रेनें लौट गयीं. बगहा, नरकटियागंज के बाद अब बेतिया भी रेल मार्ग से कट गया है, जिससे बेतिया में सैकड़ों यात्री फंस गये हैं.
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गये हैं. जिला मुख्यालयों से विभिन्न इलाकों में जानेवाली सड़कों के क्षतिग्रस्त व रास्ते बंद होने के कारण जिला प्रशासन को भी राहत सामग्री भेजने में भारी परेशानी हो रही है. गोरखपुर से एक हेलीकाप्टर मंगाया गया है, जो जिले के सर्वाधिक प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री गिरा रहा है.
गोपालगंज में महज 16 घंटे के अंदर तीन अलग-अलग तटबंध टूटने से तबाही मच गयी है. सारण मुख्य तटबंध बुधवार की दोपहर दो बजे पानी के भारी दबाव के कारण सदौवा और सरेया के बीच टूट गया, जिससे सिधवलिया बाजार समेत सीवान और छपरा पर भी बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है. एनएच 28 पर पीपरा के सामने दबाव देखा जा रहा है. उधर, बरौली प्रखंड के परसौनी-सिकटिया के बीच राजस्व तटबंध मंगलवार की रात 9:30 बजे नदी के दबाव के कारण टूट गया. तटबंध टूटते ही तेजी से नदी का पानी परसौनी,
सिकटिया, सलेमपुर पश्चिमी, सलेमपुर पूर्वी, बलरा, हसनपुर, अमनपुरा, सल्लेहपुर, शीतलपुर, बंजरिया, डुमरिया समेत तीन दर्जन से अधिक गांवों में बाढ़ का पानी लोगों के घरों में घुस गया. वहीं, बैकुंठपुर के शीतलपुर में तटबंध दोपहर में टूटने से बैकुंठपुर के दो दर्जन गांवों में तबाही मच गयी है. वहीं दूसरी तरफ सारण मुख्य तटबंध पर परसौनी गांव के समीप नदी का दबाव बढ़ गया, जिससे 50 मीटर से अधिक सारण बांध कट गया. बांध टूटने और सारण तटबंध पर कटाव होने की सूचना पर पटना से जल संसाधन विभाग के अभियंताओं की टीम के अलावा डीएम राहुल कुमार, एसपी रवि रंजन कुमार, सदर एसडीएम शैलेश कुमार दास समेत एनडीआरएफ की टीम के साथ पहुंचे. अधिकारियों ने सारण तटबंध को बचाने के लिए कटावरोधी कार्य शुरू कराया. मौके पर पहुंचनेवाले हर व्यक्ति से ईंट
और मिट्टी डालने का आग्रह किया जा रहा था. प्रशासन का यह प्रयास तब ध्वस्त हो गया, जब नदी ने दोपहर के दो बजे सदौवा-सरेया के बीच 50 मीटर के रेंज में मुख्य तटबंध को तोड़ दिया. तटबंध टूटते ही अफरा-तफरी का माहौल हो गया. नदी का पानी सदौवा, सरेया, बरहिमा बाजार में फैल गया. उधर, बाढ़ के कारण कुचायकोट, सदर प्रखंड, मांझा, बरौली, सिधवलिया और बैकुंठपुर के लगभग 97 गांव में दो लाख से अधिक की आबादी घिरी हुई है. नाव के अभाव में लोग ऊंचे स्थलों और अपनी मकान की छतों पर शरण लिये हुए हैं.
सहरसा, सुपौल, मधेपुरा, अररिया, किशनगंज, पूर्णिया, कटिहार में बाढ़ की स्थिति भयावह हो गयी. इन जिलों में अब तक दर्जनों लोगों की मौत हो चुकी है. दूरसंचार व्यवस्था ध्वस्त हो गयी, जबकि बिजली आपूर्ति ठप हो गयी. रेल व सड़क संपर्क भंग हो चका है. सभी जिला मुख्यालयों का प्रखंड मुख्यालय से संपर्क भंग हो गया है. सहरसा जिले में के पतरघट, सौरबाजार, नवहट्टा, महिषी, सोनवर्षा, सत्तरकटैया प्रखंड के कई पंचायतों में लोगों के घरों में पानी घुस गया. जगह-जगह बांध टूटने से फसलें बर्बाद हो गयी है.
सुपौल जिले के मरौना में कोसी की सहायक तिलयुगा और बिहुल नदी में बाढ़ की स्थिति भयावह हो गयी है. मरौना क्षेत्र के विभिन्न पंचायतों में मंगलवार को डूबने से नौ लोगों की मौत हो गयी. मौत की पुष्टि थानाध्यक्ष अजीत कुमार ने की. अररिया व किशनगंज जिले में दूरसंचार व बिजली आपूर्ति छह दिनों से ठप है. वहां से संपर्क नहीं हो पा रहा है. किशनगंज में अब तक 12 लोगों की मौत हो गयी.
कटिहार जिले में प्रलयंकारी बाढ़ ने भीषण तबाही मचायी है. अब तक जिले में एक दर्जन से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है. कटिहार रेल मंडल से होकर गुजरने वाले 45 ट्रेनों को रेल प्रशासन ने अगले आदेश तक रद्द कर दिया है. पूर्व मध्य से पूर्वोत्तर राज्य के आवागमन पूरी तरह से बाधित हो गयी है. कई जगह रेलवे ट्रैक की नीचे की सतह बाढ़ में बह गयी है, तो कई पुल पर भारी दबाब बरकरार है. बुधवार को कटिहार पश्चिम बंगाल के कटिहार मालदा रेलखंड पर मनिया रेलवे स्टेशन के समीप रेलवे ट्रैक पर पानी आ जाने तथा रेल ट्रैक के नीचे से सतह बह जाने के कारण रेल प्रशासन ने कटिहार-मालदा रेल रूट को अगले आदेश तक बंद कर दिया है. बारसोई में आई प्रलयंकारी बाढ़ ने पांच लोगों को अपने आगोश में ले लिया है. बाढ़ का कहर अभी जारी है.
सीएम ने किया हवाई सर्वेक्षण किया
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मंगलवार को पूर्वी चंपारण के ढाका, शिवहर, सीतामढ़ी, मधुबनी और दरभंगा जिले के बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया. हवाई सर्वेक्षण से लौटने के तुरंत बाद मुख्यमंत्री ने एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की. बैठक में मुख्य सचिव अंजनी कुमार सिंह, जल संसाधन विभाग के प्रधान सचिव अरुण कुमार सिंह, स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव आरके महाजन, आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत, पथ निर्माण विभाग के प्रधान सचिव अमृत लाल मीणा, ग्रामीण कार्य विभाग के सचिव विनय कुमार, होमगार्ड के डीजी पीएन राय समेत अन्य अधिकारी उपस्थित थे. मुख्यमंत्री ने बाढ़ की स्थिति के संबंध में विस्तृत चर्चा की और अधिकारियों को युद्धस्तर पर राहत एवं बचाव कार्य चलाये जाने का निर्देश दिया.
बाढ़ से अब तक 14 िजलों की 73.25 लाख की आबादी प्रभािवत
Prabhat Khabar Digital Desk
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