मिडिल स्कूल हैं 680 और स्थायी हेडमास्टर नौ
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :02 Aug 2017 6:25 AM (IST)
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मिडिल स्कूलों में स्थायी हेडमास्टर नहीं रहने से विकास होता है बाधित गोपालगंज : जिले के अधिकतर मिडिल स्कूलों में स्थायी हेडमास्टर के पद वर्षों से रिक्त हैं. इससे स्कूलों का विकास कार्य बाधित हो रहा है. स्थायी हेडमास्टर नहीं रहने से वित्तीय मामला प्रभावित होता है. इससे विकास कार्यों पर असर पड़ता है. क्योंकि, […]
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मिडिल स्कूलों में स्थायी हेडमास्टर नहीं रहने से विकास होता है बाधित
गोपालगंज : जिले के अधिकतर मिडिल स्कूलों में स्थायी हेडमास्टर के पद वर्षों से रिक्त हैं. इससे स्कूलों का विकास कार्य बाधित हो रहा है. स्थायी हेडमास्टर नहीं रहने से वित्तीय मामला प्रभावित होता है. इससे विकास कार्यों पर असर पड़ता है. क्योंकि, स्कूल के खाते का संचालन हेडमास्टर ही करते हैं और स्कूल भवन निर्माण व अन्य विकास कार्यों के लिए राशि खर्च करते हैं. स्थायी हेडमास्टर नहीं रहने से स्कूल के खाते के संचालन में परेशानी होती है. मालूम हो कि जिले में संचालित 680 मिडिल स्कूलों में से महज नौ स्कूलों में ही स्थायी हेडमास्टर पदस्थापित हैं, अन्य 681 स्कूलों में शिक्षकों को ही प्रभारी हेडमास्टर बनाया गया है.
सर्व शिक्षा अभियान द्वारा स्कूल के खाते में ही विकास कार्यों के लिए राशि भेजी जाती है. अधिकतर स्कूलों में प्रभारी हेडमास्टर ही वित्तीय मामला संभाल रहे हैं. इसके अलावा एमडीएम का संचालन और छात्रवृत्ति व पोशाक राशि का वितरण भी हेडमास्टर ही करते हैं और उसकी राशि भी खर्च करते हैं. वहीं बार-बार स्कूलों में हेडमास्टर का प्रभार बदलने से राशि के लेन-देन में गड़बड़ी मिलती है और गबन का मामला भी उजागर होता है. कई स्कूलों में तो भवन निर्माण की राशि गबन होने को लेकर प्रभारी हेडमास्टरों पर एफआइआर भी दर्ज हो चुकी है.
प्रभार के लिए होती है मारामारी
मिडिल स्कूलों में हेडमास्टर का प्रभार पाने के लिए शिक्षकों में मारामारी भी होती है. हेडमास्टर का प्रभार पाने के लिए शिक्षक एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाते रहते हैं.
इसके अलावा स्कूलों में गोलबंदी भी होती है. इससे शिक्षा पर असर पड़ता है और बच्चों की पढ़ाई में शिक्षक ध्यान नहीं दे पाते हैं.
मालूम हो कि मिडिल स्कूलों में कार्यरत 450 शिक्षक ऐसे हैं जो स्थायी हेडमास्टर बनने की अर्हता रखते हैं, लेकिन जिला शिक्षा विभाग द्वारा प्रोमोशन नहीं किये जाने से वे स्थायी हेडमास्टर नहीं बन पा रहे हैं.
नियोजित शिक्षक नहीं बन सकते हैं स्थायी हेडमास्टर
मिडिल स्कूलों में पदस्थापित नियोजित शिक्षक स्थायी हेडमास्टर नहीं बन सकते हैं. सरकार का नियम है कि नियमित शिक्षक ही स्थायी हेडमास्टर बनाये जा सकते हैं. जिले के मिडिल स्कूलों में काफी संख्या में नियोजित शिक्षक पदस्थापित हैं, लेकिन सरकार के नियमों के कारण वे स्थायी हेडमास्टर नहीं बन सकते हैं. वर्तमान समय में जिले के कुछ प्राइमरी स्कूलों में नियोजित शिक्षक हेडमास्टर के प्रभार में हैं.
एक नजर में आंकड़े
680 मिडिल स्कूल हैं जिले में
681 स्कूलों में हैं प्रभारी हेडमास्टर
09 स्कूलों में ही हैं स्थायी हेडमास्टर
शुरू होगी बहाली प्रक्रिया
स्थायी हेडमास्टर की बहाली को लेकर प्रक्रिया जल्द ही शुरू होगी. प्रोमोशन देने के बाद भी करीब 220 स्कूलों में स्थायी हेडमास्टर के पद रिक्त रह जायेंगे. इसको लेकर भी विभाग को पत्र लिखा गया है.
संजय कुमार, स्थापना डीपीओ, जिला शिक्षा विभाग
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