पितृपक्ष मेला 2026 की तैयारियों को लेकर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक, विधानसभा अध्यक्ष बोले- श्रद्धालुओं की सुविधा में न हो कोई लापरवाही

निरीक्षण करते बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ प्रेम कुमार, डीएम शंशाक शुभंकर व अन्य रेलवे अधिकारी | Prabhat Khabar Network
विश्व प्रसिद्ध पितृपक्ष मेला 2026 के लिए गया में युद्धस्तर पर तैयारियां शुरू हो गई हैं. विधानसभा अध्यक्ष की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक में श्रद्धालुओं की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए. गया जंक्शन के विश्वस्तरीय विकास पर भी जोर दिया गया.
विश्व प्रसिद्ध पितृपक्ष मेला 2026 को लेकर गया में तैयारियां अब युद्धस्तर पर शुरू हो गयी हैं. शुक्रवार को बिहार विधानसभा के अध्यक्ष सह गया नगर विधायक डॉ. प्रेम कुमार की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गयी. बैठक में जिला प्रशासन, पुलिस, रेलवे, नगर निगम और विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया.
बैठक के दौरान मेले की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की गयी और सभी विभागों को समयबद्ध तरीके से कार्य पूरा करने के निर्देश दिये गये. अधिकारियों को स्पष्ट रूप से कहा गया कि श्रद्धालुओं की सुविधा से जुड़े किसी भी कार्य में लापरवाही नहीं होनी चाहिए.
समीक्षा बैठक में पितृपक्ष मेले के दौरान आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सुविधा को प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया. सफाई व्यवस्था, पेयजल, सड़क, प्रकाश व्यवस्था, यातायात नियंत्रण, सुरक्षा, स्वास्थ्य सेवाएं, पार्किंग, अस्थायी शिविर और रेलवे से जुड़ी व्यवस्थाओं की बिंदुवार समीक्षा की गयी.
अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि पिछली बार जहां-जहां कमियां सामने आयी थीं, उन्हें इस बार पूरी तरह दूर किया जाए. बैठक में यह भी तय किया गया कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करेंगे, ताकि किसी भी स्तर पर व्यवस्था प्रभावित न हो. जिला प्रशासन को नियमित मॉनीटरिंग करने और कार्यों की प्रगति की रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया.
विधानसभा अध्यक्ष और अधिकारियों द्वारा गया जंक्शन का निरीक्षण
समीक्षा बैठक के बाद बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार, जिला पदाधिकारी शशांक शुभंकर, वरीय पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार व रेलवे के स्थानीय अधिकारियों ने गया जंक्शन का संयुक्त निरीक्षण किया.
निरीक्षण के दौरान रेलवे प्लेटफॉर्म, प्रतीक्षालय, यात्री सुविधाओं, प्रवेश एवं निकास मार्ग, साफ-सफाई और चल रहे निर्माण कार्यों का जायजा लिया गया. अधिकारियों ने स्टेशन परिसर में चल रहे विकास कार्यों की प्रगति की जानकारी ली और निर्माण एजेंसियों को कार्य में तेजी लाने का निर्देश दिया.
उन्होंने कहा कि पितृपक्ष मेले से पहले जिन परियोजनाओं को पूरा किया जाना संभव है, उन्हें हर हाल में समय पर पूरा किया जाए, ताकि श्रद्धालुओं को उनका लाभ मिल सके.
विश्वस्तरीय स्टेशन बनने की ओर अग्रसर गया जंक्शन
निरीक्षण के दौरान गया जंक्शन पर चल रहे विश्वस्तरीय स्टेशन निर्माण कार्य की भी समीक्षा की गयी. विधानसभा अध्यक्ष व अन्य अधिकारियों ने स्टेशन के आधुनिकीकरण, यात्रियों के लिए विकसित की जा रही नयी सुविधाओं और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया.
मीडिया से बातचीत करते हुए डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर गया जंक्शन को विश्वस्तरीय रेलवे स्टेशन के रूप में विकसित किया जा रहा है. उन्होंने विश्वास जताया कि पितृपक्ष मेले से पहले स्टेशन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा तैयार हो जायेगा, जिससे यात्रियों को पहले की तुलना में कहीं अधिक आधुनिक और सुविधाजनक सेवाएं मिलेंगी.
उन्होंने कहा कि गया देश ही नहीं बल्कि विदेशों से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए भी महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल है. ऐसे में रेलवे स्टेशन का विकास अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि अधिकांश श्रद्धालु रेल मार्ग से ही गया पहुंचते हैं.
युद्धस्तर पर प्रशासनिक तैयारियां और निगरानी समिति
डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि राज्य सरकार के निर्देश पर पितृपक्ष मेले की तैयारियां युद्धस्तर पर चल रही हैं. जिला प्रशासन, नगर निगम, रेलवे, पुलिस और अन्य विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया गया है. सभी विभागों को स्पष्ट निर्देश दिये गये हैं कि निर्धारित समय सीमा के अंदर अपने-अपने कार्य पूरे करें.
उन्होंने बताया कि प्रशासन का उद्देश्य केवल व्यवस्थाएं करना नहीं, बल्कि श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम और सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध कराना है. इसके लिए हर स्तर पर निगरानी की जा रही है. विधानसभा अध्यक्ष ने बताया कि जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित समिति लगातार विभिन्न कार्यों की समीक्षा कर रही है.
समिति सफाई व्यवस्था, सड़क निर्माण, प्रकाश व्यवस्था, पेयजल आपूर्ति, सुरक्षा व्यवस्था, ट्रैफिक प्रबंधन तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं की नियमित मॉनिटरिंग कर रही है. उन्होंने कहा कि संबंधित विभागों को प्रतिदिन प्रगति रिपोर्ट देने के निर्देश दिये गये हैं, ताकि किसी भी प्रकार की समस्या का समय रहते समाधान किया जा सके.
रेलवे की अहम भूमिका और सुरक्षा के कड़े इंतजाम
पितृपक्ष मेले के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु रेल मार्ग से गया पहुंचते हैं. इसे देखते हुए रेलवे की भूमिका इस बार और अधिक महत्वपूर्ण मानी जा रही है. स्टेशन पर यात्रियों की सुविधा के लिए अतिरिक्त इंतजाम, बेहतर साफ-सफाई, प्रतीक्षालयों का विस्तार, पेयजल की व्यवस्था, सूचना प्रणाली को मजबूत करने तथा भीड़ प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है.
रेलवे अधिकारियों ने भी आश्वस्त किया कि मेले के दौरान यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होने दी जायेगी और आवश्यकतानुसार अतिरिक्त सुविधाएं उपलब्ध करायी जायेगी. बैठक में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी विस्तार से चर्चा की गयी.
वरीय पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि मेला क्षेत्र, रेलवे स्टेशन, विष्णुपद मंदिर, फल्गु नदी घाटों तथा अन्य प्रमुख स्थलों पर पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित की जाए. भीड़ नियंत्रण, ट्रैफिक प्रबंधन और आपातकालीन सेवाओं की बेहतर व्यवस्था करने पर भी जोर दिया गया. इसके अलावा चिकित्सा शिविर, एंबुलेंस, नियंत्रण कक्ष और हेल्प डेस्क जैसी व्यवस्थाओं को भी समय से तैयार करने का निर्देश दिया गया.
बैठक और निरीक्षण के बाद डॉ. प्रेम कुमार ने विश्वास जताया कि इस वर्ष पितृपक्ष मेले में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को पहले की अपेक्षा अधिक सुव्यवस्थित, सुरक्षित और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी. उन्होंने कहा कि प्रशासन की कोशिश है कि श्रद्धालु बिना किसी परेशानी के अपने धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कर सकें और गया से सुखद अनुभव लेकर लौटें.
उन्होंने सभी विभागों से टीम भावना के साथ कार्य करने की अपील करते हुए कहा कि पितृपक्ष मेला केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि बिहार की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पहचान का प्रतीक है. इसलिए इसकी तैयारियों में किसी भी प्रकार की ढिलाई स्वीकार नहीं की जायेगी.
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