गया जी : निकायकर्मियों की हड़ताल से शहर बेहाल, सड़कों पर कचरे का अंबार, काम ठप

स्टेशन रोड में निगम स्टोर में ताला लगाकर धरने पर बैठे कर्मचारी | Prabhat Khabar Network
गया जी में निकाय कर्मियों की दो दिनों की हड़ताल ने शहर की स्थिति बदतर कर दी है. सड़कों पर कचरे का अंबार लग गया है और बदबू से लोग परेशान हैं. इससे महामारी फैलने की आशंका बढ़ गई है.
दो दिनों से निकाय कर्मियों के चल रहे हड़ताल के चलते गया जी शहर की हालत बद-से-बदतर हो गयी है. सड़क किनारे हर जगह कचरा फैला हुआ है. कचरे से निकलने वाली बदबू से हर कोई परेशान है. लोगों ने कहा कि कुछ दिन और हड़ताल चली, तो महामारी फैलने की आशंका बन जायेगी.
हड़ताल राज्यव्यापी होने के चलते स्थानीय स्तर पर इसमें किसी तरह का कारगर प्रयास नहीं किया जा रहा है. निगम के कर्मियों ने ऑल इंडिया म्युनिसिपल वर्कर्स एसोसिएशन, बिहार लोकल बॉडीज एम्पलाइज फेडरेशन एवं स्थानीय निकाय के बैनर तले संयुक्त समन्वय समिति बनाकर सफाई व्यवस्था एवं कार्यालय के कार्य पूर्ण रूप से बंद रखे हैं.
निगमकर्मियों ने सप्तम वेतन, निजीकरण से काम कर रहे कर्मियों की नौकरी स्थायी करने आदि मांगों को लेकर हड़ताल पर चले गये हैं. निगम कर्मियों ने सुबह से ही निगम स्टोर पर कब्जा जमा लिया. इसके साथ कार्यालय को दूसरे दिन भी खुलने नहीं दिया.
निगम में काम कराने आ रहे लोग निराश होकर लौट रहे हैं. कर्मचारी नेता संजित सिंह ने कहा कि मांग पूरी होने के बाद ही हड़ताल समाप्त किया जायेगा.
प्रदर्शन और कर्मचारी नेताओं के विचार
दूसरे दिन भी सुबह में ही निगमकर्मियों ने स्टोर से रैली निकाल कर कार्यालय खुलने के समय पर निगम परिसर पहुंच गये. निगमकर्मी बाहर बैठ कर प्रदेश स्तर पर कुछ निर्णय होने का इंतजार कर रहे थे.
क्षेत्रीय मंत्री डॉ. कुमार जितेन्द्र, प्रदेश अध्यक्ष शिव वचन शर्मा, जिलाध्यक्ष संजीत सिंह, जिला सचिव जियालाल, सुजीत कुमार, शंकर ठाकुर, सुमन सिंह आदि मौजूद थे. वक्ताओं ने कहा कि सरकार की ओर से कर्मचारियों की मांगों पर कभी गंभीरता से विचार नहीं किया जाता है. सिर्फ आश्वासन देकर छोड़ दिया जाता है.
शहर से हर दिन निकलता है भारी मात्रा में कचरा
शहर से हर दिन 400 से 500 टन कचरा निकलता है. इसका उठाव नहीं होने के चलते स्थिति गंभीर होती जा रही है. शहर में किसी भी जगह झाड़ू तक नहीं लगा है. घरों से कचरा का कलेक्शन नहीं होने के चलते हर घर में कचरा अधिक जमा होते जा रहा है.
लोगों ने बताया कि हड़ताल के बाद ही निगमकर्मियों के काम का एहसास लोगों को होता है. बाजार में हर जगह सड़क पर कचरा फैला हुआ है.
शहर बदतर स्थिति में दिखने लगी है. निगम अधिकारी ने साफ तौर पर कहा कि स्थानीय स्तर पर मांग से संबंधित कोई बात ही नहीं है. प्रदेश स्तर पर सरकार की ओर से ही फैसला लिया जाना है. दोपहर बाद वार्ता के बाद कर्मचारियों ने काम पर लौटने का आश्वासन दिया.
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