जीबीएम कॉलेज में कारगिल विजय दिवस पर आयोजन, छात्राओं को मानसिक मजबूती और राष्ट्रनिर्माण का दिया संदेश

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कार्यक्रम के दौरान प्राचार्य व अन्य | Prabhat Khabar Network

कार्यक्रम के दौरान प्राचार्य व अन्य | Prabhat Khabar Network

गौतम बुद्ध महिला कॉलेज में कारगिल विजय दिवस के उपलक्ष्य में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस समारोह में 'युवा शक्ति, मानसिक दृढ़ता व राष्ट्र निर्माण' जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर वक्ताओं ने अपने विचार रखे. छात्राओं ने देशभक्ति गीतों पर मनमोहक नृत्य प्रस्तुत कर शहीदों को श्रद्धांजलि दी.

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गौतम बुद्ध महिला (जीबीएम) कॉलेज में राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस), राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) तथा माइंडफुल माइंड सेंटर के संयुक्त तत्वावधान में कारगिल विजय दिवस के उपलक्ष्य में विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया. वर्ष 1999 के कारगिल युद्ध में भारतीय सेना की ऐतिहासिक विजय और अमर शहीदों की स्मृति में "एक दिवसीय व्याख्यान व विजयोत्सव समारोह" आयोजित हुआ.

कार्यक्रम का मुख्य विषय "युवा शक्ति, मानसिक दृढ़ता व राष्ट्र निर्माण: कारगिल विजय दिवस की सीख" था.

दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ शुभारंभ

कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ कॉलेज की प्राचार्य डॉ. सीमा पटेल, मुख्य वक्ता व वरिष्ठ क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट डॉ. श्वेता कुमारी, राजनीति विभागाध्यक्ष डॉ. शगुफ्ता अंसारी, बर्सर डॉ. सहदेब बाउरी, महारानी अहिल्याबाई होल्कर मंच के महामंत्री काशीनाथ यादव, एनएसएस कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ. कुमारी रश्मि प्रियदर्शनी तथा एनसीसी सीटीओ डॉ. नगमा शादाब ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया.

प्राचार्य डॉ. सीमा पटेल ने मुख्य वक्ता का स्वागत इको-फ्रेंडली पुष्पगुच्छ भेंट कर किया.

कर्तव्यों का ईमानदारी से निर्वहन भी देशभक्ति: प्राचार्य

प्राचार्य डॉ. सीमा पटेल ने कारगिल के अमर शहीदों को नमन करते हुए कहा कि अपने कर्तव्यों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करना भी राष्ट्र सेवा का एक रूप है. उन्होंने छात्राओं को कारगिल जाकर वहां की कठिन परिस्थितियों और वीर जवानों के संघर्ष को समझने की प्रेरणा दी.

एनएसएस कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ. रश्मि प्रियदर्शनी ने कहा कि 26 जुलाई 1999 को भारतीय सेना ने 'ऑपरेशन विजय' के तहत टाइगर हिल, तोलोलिंग और बत्रा टॉप जैसी दुर्गम चोटियों पर तिरंगा फहराया था. उन्होंने अपनी स्वरचित देशभक्ति कविता से शहीदों को श्रद्धांजलि दी.

सैनिकों के मनोवैज्ञानिक बल पर हुई चर्चा, प्रस्तुत हुए रंगारंग कार्यक्रम

मुख्य वक्ता डॉ. श्वेता कुमारी ने कहा कि चुनौतियों से निपटने के लिए मानसिक संतुलन, आत्मविश्वास और रचनात्मक सोच अत्यंत आवश्यक है. सैनिकों की मानसिक दृढ़ता ही युद्ध क्षेत्र में उनकी सबसे बड़ी शक्ति बनती है.

समारोह में एनएसएस स्वयंसेवक श्रुति व रागिनी तथा एनसीसी कैडेट आंचल ने देशभक्ति गीतों पर मनमोहक नृत्य प्रस्तुत किया. कैडेट श्रेया ने युवाओं के राष्ट्रीय दायित्व पर अपने विचार रखे. मंच संचालन एनएसएस स्वयंसेवक वैष्णवी व शिवानी सिंह ने किया.

इस अवसर पर डॉ. नगमा शादाब, डॉ. जया चौधरी, डॉ. पूजा, डॉ. पूजा राय, डॉ. अनामिका कुमारी, डॉ. कृति सिंह आनंद, डॉ. प्यारे मांझी, डॉ. आशुतोष कुमार पांडेय, डॉ. शबाना परवीन हुसैन सहित कॉलेज की कई शिक्षिकाएं व छात्राएं उपस्थित रहीं.

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Haribansh Kumar

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