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गया के ANMMCH में बंद रही ओपीडी, रजिस्ट्रेशन के बाद भी नहीं मिला इलाज

Updated at : 16 Aug 2024 7:47 PM (IST)
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kolkata doctor murder case

कोलकाता के आर जी मेडिकल कॉलेज में हुए मर्डर को लेकर गया के अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज के रेजिडेंट डॉक्टर भी हड़ताल पर हैं. शुक्रवार को यहां हड़ताल के कारण करीब डेढ़ हजार से अधिक मरीजों को बिना इलाज के वापस लौटना पड़ा.

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Kolkata Doctor Murder Case: गया के एएनएममएसीएच में पांचवें दिन शुक्रवार को भी ओपीडी पूरी तरह से बंद रहा. कोलकाता में महिला चिकित्सक के साथ दुष्कर्म के बाद हत्या का विरोध यहां के डॉक्टर भी कर रहे हैं. यहां पांच दिन में एक दिन ही सिर्फ कुछ देर के लिए ओपीडी चला और 15 अगस्त को छुट्टी रहने के चलते बंद रहा था. पिछले कई दिनों से ओपीडी बंद रहने के कारण शुक्रवार को मरीजों की संख्या अधिक हो गयी. सुबह से करीब साढ़े नौ बजे तक ओपीडी का पर्चा काटा गया, लेकिन ओपीडी का ताला नहीं खुला. इसके बाद मरीज हल्ला तक करने लगे. इसके बाद भी इन्हें इलाज की सुविधा नहीं मिली.

पीजी के डॉक्टरों ने बंद करवाया रजिस्ट्रेशन काउंटर

अस्पताल से मिली जानकारी के अनुसार, हड़ताल के बारे में कोई सटीक सूचना नहीं होने के कारण रजिस्ट्रेशन काउंटर दो घंटा सुबह में खोला गया. उसके बाद यहां पीजी के डॉक्टर पहुंच कर काउंटर बंद करवाया. पर्ची कटने के बाद हर कोई इलाज की करने की मांग करता रहा. इमरजेंसी वार्ड में इतनी भीड़ हो गयी कि लोगों को इलाज के जमीन पर ही लेटना पड़ रहा था. मरीजों से यहां बेड के साथ स्ट्रेचर व कुर्सी भी फुल हो गया था.

इमरजेंसी वार्ड में इलाज कराने पहुंचते रहे लोग

ओपीडी से पर्ची कटने के बाद लोग इलाज के लिए इमरजेंसी व अधीक्षक कार्यालय तक पहुंच गये. इमरजेंसी में इन्हें साफ मना कर दिया गया कि यहां पर सिर्फ गंभीर मरीजों का ही इलाज हो सकेगा. अन्य मरीज ओपीडी खुलने के बाद आएं. इसके बाद निराश होकर मरीज वापस लौट गये.

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क्या बोले मरीज और उनके परिजन

औरंगाबाद से यहां बेटे का इलाज कराने पहुंचीं गायत्री देवी ने कहा कि औरंगाबाद से यहां बुधवार को भी आयीं. उस दिन भी इलाज नहीं हो सका. उसके बाद शुक्रवार को भी यही स्थिति रही. दो दिन गया आने व जाने में दो हजार का खर्च हो जा रहा है. इतना पैसा आगे और खर्च करना मेरे लिए संभव नहीं है. टिकारी से इलाज कराने पहुंचे जाहिर खान ने बताया कि यहां हाथ टूटने का इलाज कराने पहुंचा हूं. इमरजेंसी से ओपीडी में भेज दिया गया. यहां पर ओपीडी बंद होने के कारण लौट रहा हूं.

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Anand Shekhar

लेखक के बारे में

By Anand Shekhar

Dedicated digital media journalist with more than 2 years of experience in Bihar. Started journey of journalism from Prabhat Khabar and currently working as Content Writer.

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